By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: मदरसों के आधुनिकीकरण की ओर उत्तराखंड: अब राज्य शिक्षा बोर्ड से जुड़ेंगे मदरसे, मुफ्ती शमून कासमी ने बताया ‘नई शिक्षा’ का रोडमैप
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > मदरसों के आधुनिकीकरण की ओर उत्तराखंड: अब राज्य शिक्षा बोर्ड से जुड़ेंगे मदरसे, मुफ्ती शमून कासमी ने बताया ‘नई शिक्षा’ का रोडमैप
उत्तराखंडफीचर्ड

मदरसों के आधुनिकीकरण की ओर उत्तराखंड: अब राज्य शिक्षा बोर्ड से जुड़ेंगे मदरसे, मुफ्ती शमून कासमी ने बताया ‘नई शिक्षा’ का रोडमैप

The Hill India News
Last updated: April 23, 2026 2:15 am
The Hill India News
Published: April 23, 2026
Share
SHARE

मसूरी/देहरादून: उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा के ढांचे को पूरी तरह बदलने और मुस्लिम समाज के गरीब बच्चों को आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने मसूरी दौरे के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य के मदरसों को अब उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड के साथ एकीकृत करने की पहल की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्र भी समान रूप से प्रतिस्पर्धा कर सकें और उन्हें मान्यता प्राप्त डिग्री प्राप्त हो।

Contents
मसूरी में भव्य स्वागत और अल्पसंख्यक संवादमदरसा शिक्षा में ‘कुरान और कंप्यूटर’ का संगमसीएम धामी के साहसिक फैसलों की सराहनाकांग्रेस पर प्रहार: ‘वोट बैंक’ की राजनीति का अंत2027 चुनाव और राजनीतिक भविष्यमहिला आरक्षण और परिसीमन: राष्ट्रहित सर्वोपरिमुस्लिम समाज के लिए नया सवेरा

मसूरी में भव्य स्वागत और अल्पसंख्यक संवाद

मसूरी पहुंचने पर अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुफ्ती शमून कासमी का जोरदार स्वागत किया। अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जगजीत कुकरेजा और सिकंदर ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कासमी ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ संवाद किया और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य मुस्लिम समाज को केवल नारों तक सीमित न रखकर उन्हें विकास और शिक्षा के जरिए मुख्यधारा में लाना है।

मदरसा शिक्षा में ‘कुरान और कंप्यूटर’ का संगम

मुफ्ती शमून कासमी ने प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों का समावेश आज की अनिवार्य जरूरत है। कासमी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए कहा:

“जब तक मदरसों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को आधुनिक शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे रहेंगे। हमारा प्रयास है कि उन्हें समान अवसर मिलें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि मुस्लिम युवाओं के ‘एक हाथ में कुरान और दूसरे में कंप्यूटर’ होना चाहिए, और उत्तराखंड सरकार इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।”

उन्होंने बताया कि मदरसों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से जोड़ने से वहां पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाले प्रमाण पत्रों की स्वीकार्यता बढ़ेगी, जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा के क्षेत्रों में समान अवसर प्राप्त होंगे।

सीएम धामी के साहसिक फैसलों की सराहना

मुफ्ती कासमी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने मुस्लिम समाज के हितों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने उन अफवाहों को भी खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि सरकार धार्मिक शिक्षा पर रोक लगा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक शिक्षा पर कोई प्रतिबंध नहीं है, बल्कि सरकार का जोर इस बात पर है कि धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों का भविष्य विज्ञान, गणित और तकनीक के जरिए सुरक्षित किया जाए।

कांग्रेस पर प्रहार: ‘वोट बैंक’ की राजनीति का अंत

राजनीतिक चर्चा के दौरान मुफ्ती शमून कासमी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय का इस्तेमाल केवल अपनी सत्ता बचाने के लिए ‘वोट बैंक’ के रूप में किया। कासमी ने कहा:

“कांग्रेस ने वर्षों तक मुस्लिम समाज को केवल डराकर रखा और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कभी कोई ठोस प्रयास नहीं किए। इसके विपरीत, भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर काम कर रही है, जहां धर्म के आधार पर नहीं बल्कि विकास के आधार पर नीतियां बनाई जा रही हैं।”

2027 चुनाव और राजनीतिक भविष्य

आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कासमी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह केंद्र में मोदी सरकार और प्रदेश में धामी सरकार ने पारदर्शी विकास कार्य किए हैं, उससे मुस्लिम समुदाय का झुकाव भाजपा की ओर तेजी से बढ़ा है। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय से अपील की कि वे अब केवल उन योग्य उम्मीदवारों और दलों का समर्थन करें जो वास्तव में विकास की बात करते हैं। कासमी के अनुसार, जनता अब तुष्टिकरण की राजनीति को नकार चुकी है और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए तैयार है।

महिला आरक्षण और परिसीमन: राष्ट्रहित सर्वोपरि

महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बात करते हुए कासमी ने कांग्रेस के विरोध को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि ये कदम देशहित में आवश्यक हैं और इनसे भविष्य में समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण किसी भी विकसित समाज की पहली शर्त है और सरकार इस दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है।

मुस्लिम समाज के लिए नया सवेरा

उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा बोर्ड का उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड के साथ तालमेल बिठाना राज्य की शिक्षा नीति में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। मुफ्ती शमून कासमी के नेतृत्व में जिस तरह से सुधारों की रूपरेखा तैयार की गई है, उससे यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में राज्य के हजारों मदरसा छात्र डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह पर अग्रसर होंगे। यह न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य के लिए अच्छा है, बल्कि प्रदेश की प्रगति में भी एक बड़ा योगदान होगा।

You Might Also Like

राष्ट्रपति ने की इन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश में नई नियुक्तियाँ, हरियाणा, लद्दाख के नये उपराज्यपाल अब ये रहे
इजरायल के भीषण हवाई हमले से ईरान की फट गई ‘गैस पाइपलाइन’, ईरानी मंत्री ने बताया बड़ी साजिश
New Delhi: पदकों को गंगा में प्रवाहित करने के पहलवानों के आह्वान पर बृजभूषण सिंह ने दी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली : असम, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मेघालय और नगालैंड को 2022 के दौरान आई बाढ़/भूस्खलन, बादल फटने के लिए धन प्राप्त होगा
Uttarakhand : भीषण गर्मी से अब मिलेगी निजात, तूफान और झमाझम बारिश का यैलो और ऑरेंज अलर्ट जारी..
TAGGED:CM Dhami Madrasa educationMadrasa education mainstream.Minority Front UttarakhandMufti Shamoon Qasmi Mussoorie tourUttarakhand Madrasa Board modernization
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

सितारगंज तहसील में रिश्वत कांड पर बवाल: विजिलेंस टीम रातभर रही ‘कैद’, 20 घंटे तक ठप रहा सरकारी कामकाज, वार्ता के बाद खुला गतिरोध

The Hill India News
The Hill India News
July 30, 2026
जनसेवा के प्रतीक हीरा सिंह बिष्ट को नम आंखों से श्रद्धांजलि, परवादून कांग्रेस ने कहा- उनके आदर्श हमेशा दिखाएंगे राह
‘मैन इन ब्लू’ से ‘केसरिया जर्सी’ तक: भारतीय हॉकी टीम की नई ड्रेस पर छिड़ा सियासी संग्राम, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल; हॉकी इंडिया ने दी तकनीकी वजह
न्यू नोएडा की ओर बढ़ा बड़ा कदम: 37 गांवों में शुरू होगी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया, जेवर एयरपोर्ट जैसा मिलेगा बंपर मुआवजा, NCR के विकास को मिलेगी नई उड़ान
पैलेट गन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘बिना स्पष्ट प्रोटोकॉल नहीं चलेगा बल प्रयोग’, केंद्र सरकार से मांगी SOP; विरोध प्रदर्शनों में इस्तेमाल के नियम तय करने के संकेत
हरिद्वार बना शिवमय: 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार देवभूमि, कांवड़ मेले का भव्य शुभारंभ; 6000 जवान तैनात, स्कूलों में छुट्टियां
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग कोर्ट नहीं, केवल जांच, सलाह और सिफारिश तक सीमित; NCSC की शक्तियों पर ऐतिहासिक टिप्पणी
गाजा में फिर बढ़ा तनाव: मस्जिद पर हवाई हमले के बाद मची अफरा-तफरी, इजरायल-हमास संघर्ष के बीच उठे गंभीर सवाल
केदारनाथ यात्रा पर बड़ा संकट: भारी भूस्खलन से पैदल मार्ग बंद, गौरीकुंड के पास गिरे विशाल बोल्डर; यात्रियों की आवाजाही रोकी गई
अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा, भावुक संदेश के साथ खत्म किया शानदार सफर; टीम इंडिया के लिए यादगार रहा योगदान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?