फीचर्डविदेश

मिडिल ईस्ट में फिर भड़की महायुद्ध की चिंगारी: ईरान ने इजरायल पर दागीं ताबड़तोड़ मिसाइलें; वेस्ट बैंक के आसमान में मँडराया काल, राष्ट्रपति ट्रंप की बेहद सख्त चेतावनी

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) से इस वक्त की सबसे बड़ी और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। महीनों की शांत सुगबुगाहट के बाद ईरान और इजरायल के बीच युद्ध की आग एक बार फिर पूरी तरह भड़क उठी है। बीती रात ईरान ने अंतरराष्ट्रीय चेतावनियों को दरकिनार करते हुए इजरायल पर बेहद आक्रामक और जोरदार मिसाइल हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले से पूरे मध्य पूर्व में हड़कंप मच गया है और दुनिया एक बार फिर तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है।

इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए दावा किया है कि देर रात ईरान की तरफ से भारी तादाद में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागी गईं। इस भीषण हमले के दौरान इजरायली कब्जे वाले वेस्ट बैंक (West Bank) के आसमान में एक के बाद एक कई मिसाइलें उड़ती हुई देखी गईं, जिससे पूरे इलाके में सायरन गूंज उठे और लोग बंकरों की तरफ भागने को मजबूर हो गए।

डोनाल्ड ट्रंप भड़के: ईरान को दी ‘आखिरी चेतावनी’, दांव पर लगी बड़ी डील

ईरान के इस दुस्साहस पर दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेहद तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए ईरान को सीधे और सख्त लहजे में चेतावनी दी है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा संदेश:

“ईरान तुरंत अपने इन आत्मघाती हमलों को रोके। यदि तेहरान की तरफ से उकसावे की यह कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो चल रही अंतरराष्ट्रीय सीजफायर (संघर्षविराम) की डील को तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाएगा और इसके गंभीर परिणाम ईरान को भुगतने होंगे।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की यह चेतावनी महज एक बयान नहीं है, बल्कि यह ईरान पर कड़े आर्थिक और सैन्य प्रतिबंधों की दोबारा शुरुआत का संकेत है। उधर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है और ईरान को ‘उचित समय पर विनाशकारी जवाबी हमला’ करने की खुली धमकी दे दी है।

आखिर क्यों भड़का ईरान? बेरूत में हिजबुल्लाह पर हमले का लिया बदला

इस ताजा सैन्य टकराव की पटकथा रविवार को ही लिख दी गई थी। ईरान ने पहले ही साफ लफ्जों में चेतावनी दी थी कि अगर लेबनान की संप्रभुता पर हमला हुआ, तो वह चुप नहीं बैठेगा। रविवार को जब इजरायली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में मौजूद हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण हवाई हमले (Air Strikes) किए, तो ईरान का धैर्य जवाब दे गया।

तेहरान ने इस इजरायली हमले को रेड लाइन पार करना माना और जवाबी कार्रवाई के तौर पर इजरायल की तरफ मिसाइलों का रुख मोड़ दिया। हालांकि, इजरायल के अत्याधुनिक ‘आयरन डोम’ और ‘एरो’ डिफेंस सिस्टम की मुस्तैदी के कारण अधिकतर मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली सरजमीं पर इस हमले में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

नाजुक सीजफायर समझौते को लगा तगड़ा झटका

इजरायली सरकार के मुताबिक, ईरान इजरायल युद्ध मिसाइल हमला ऐसे समय पर हुआ है जब इस साल अप्रैल की शुरुआत में एक बेहद नाजुक सीजफायर (संघर्षविराम) लागू हुआ था। सीजफायर के बाद से ईरान की ओर से सीधे इजरायल पर किया गया यह पहला और सबसे बड़ा हमला है।

लेबनान में तबाही: हिजबुल्लाह ने शांति समझौते को किया था खारिज

इस पूरे घटनाक्रम का एक पहलू लेबनान से भी जुड़ा है। बेरूत पर इजरायल का यह हमला लेबनान और इजरायल की सरकारों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम समझौते के ठीक कुछ दिनों बाद हुआ है। इस समझौते से उम्मीद जगी थी कि लेबनान सीमा पर शांति बहाल होगी, लेकिन ईरान समर्थित उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने इस समझौते को मानने से साफ इनकार कर दिया था।

हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रविवार सुबह अंधाधुंध गोलाबारी की थी, जिसके जवाब में इजरायल ने बेरूत की एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

क्षेत्र हताहतों की संख्या घायलों की संख्या स्थिति
बेरूत (आवासीय इमारत) 02 नागरिकों की मौत 20 लोग गंभीर रूप से घायल मलबे में तलाश जारी

क्या अब छिड़ेगा पूर्ण युद्ध? दुनिया की सांसें अटकीं

ईरान इजरायल युद्ध मिसाइल हमला के इस नए अध्याय ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है, जिसका सीधा असर भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है, लेकिन जमीनी हालात को देखकर लगता है कि दोनों ही देश पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

मिडिल ईस्ट का यह इलाका इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है। ईरान का मिसाइल दागना और उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा रुख यह साफ करता है कि आने वाले दिन शांति के नहीं, बल्कि और भीषण संघर्ष के होने वाले हैं। अगर इजरायल ने ईरान पर सीधा जवाबी हमला किया, तो इस क्षेत्रीय जंग को वैश्विक महायुद्ध में बदलने से कोई नहीं रोक पाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button