
पटना: बिहार की राजधानी पटना, जो देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का सबसे बड़ा हब माना जाता है, इस समय एक भीषण और हिंसक ‘कोचिंग वॉर’ की गवाह बनी हुई है। पटना कोचिंग फायरिंग मामला खान सर के लिए अब तक की सबसे बड़ी कानूनी परीक्षा बन चुका है। पिछले तीन दिनों से लापता चल रहे प्रख्यात शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर पर कानून का शिकंजा कसता ही जा रहा है। आज का दिन इस पूरे विवाद के लिए ‘सुपर मंडे’ साबित होने वाला है, क्योंकि सबकी नजरें पटना सिविल कोर्ट के फैसले और खान सर के अगले कदम पर टिकी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के डर से तीन दिन से फरार चल रहे खान सर आज कानूनी ढाल लेने के लिए पटना सिविल कोर्ट का रुख कर सकते हैं, जहाँ उनके वकीलों द्वारा अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Application) दायर किए जाने की पूरी संभावना है।
खान सर पर लगे हैं गंभीर आरोप: हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट
यह कोई मामूली विवाद नहीं है, बल्कि इस मामले में सीधे तौर पर गोलियां चली हैं। पटना पुलिस ने इस पूरे गोलीकांड में खान सर के खिलाफ बेहद संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कानूनी धाराओं का शिकंजा:
पुलिस ने खान सर उर्फ फैजल खान पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और सख्त आर्म्स एक्ट (Arms Act) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की है।
तीन दिनों से पुलिस की कई टीमें खान सर के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, लेकिन वे लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। कानून के जानकारों का कहना है कि पुलिस के पास खान सर को सीधे गिरफ्तार करने का पूरा अधिकार है, यही वजह है कि वे फिलहाल सरेंडर करने की जगह अदालत से अग्रिम राहत पाने की कोशिशों में जुटे हैं।
खान सर के सिर पर मंडरा रहे हैं ये तीन बड़े खतरे
इस समय खान सर चौतरफा कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतों से घिर चुके हैं। उनके सामने इस समय तीन सबसे बड़ी चुनौतियां और खतरे हैं:
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गिरफ्तारी की लटकती तलवार: गैर-जमानती धाराएं होने के कारण पुलिस उन्हें किसी भी वक्त हिरासत में ले सकती है।
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कोचिंग सेंटर के सील होने का डर: प्रशासनिक स्तर पर खान ग्लोबल सेंटर को सील करने की तैयारी चल रही है। अगर ऐसा होता है तो उनके व्यवसाय और साख को बड़ा झटका लगेगा।
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सुरक्षाकर्मियों पर गाज: खान सर के साथ-साथ उनके दो निजी सुरक्षाकर्मियों (बाउंसर्स) पर भी इस फायरिंग मामले में संलिप्तता का आरोप है, जिनकी जमानत पर भी आज ही सुनवाई होनी है।
‘ज्ञान बिंदु’ बनाम ‘खान ग्लोबल’: रौशन सर की टीम ने खोला मोर्चा
इस पूरे विवाद ने अब एक बड़ा रूप ले लिया है। एक तरफ जहाँ खान सर खुद को बचाने की जद्दोजहद में हैं, वहीं दूसरी तरफ ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद उर्फ रौशन सर की टीम और उनके छात्रों ने खान सर के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।
अदालत में आज रौशन सर की नियमित जमानत (Regular Bail) याचिका पर भी सुनवाई होनी है। रौशन सर फिलहाल जेल में हैं और उनके समर्थक छात्रों में भारी आक्रोश है।
पटना में बड़े आंदोलन की चेतावनी: गांधी मैदान में जुटेंगे छात्र!
सोमवार की सुबह से ही पटना की सड़कों पर तनाव का माहौल देखा जा रहा है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। अनोखे विरोध प्रदर्शन के तहत कई छात्र रौशन आनंद सर का मुखौटा पहने नजर आए और उन्होंने खान सर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुला अल्टीमेटम
ज्ञान बिंदु कोचिंग प्रबंधन की ओर से एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई, जिसमें सीधे तौर पर पटना प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी गई है।
कोचिंग प्रबंधन का अल्टीमेटम:
१. रौशन सर को तत्काल बाइज्जत रिहा किया जाए।
२. गोलीकांड के मुख्य आरोपी फैजल खान (खान सर) को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
३. मांगें न पूरी होने पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बेमियादी और ऐतिहासिक आंदोलन शुरू होगा।
आज कोर्ट रूम में क्या होगा? इन तीन बिंदुओं पर टिकी नजरें
पटना सिविल कोर्ट परिसर को आज सुबह से ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी में छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। आज कोर्ट रूम के भीतर मुख्य रूप से तीन अहम मामलों पर सुनवाई और बहस होगी:
| क्रमांक | मामला / याचिका | संभावित परिणाम और असर |
| 1. | खान सर की अग्रिम जमानत | यदि स्वीकार होती है तो गिरफ्तारी से फौरी राहत, खारिज होने पर तुरंत सरेंडर या गिरफ्तारी संभव। |
| 2. | रौशन सर की जमानत याचिका | यदि कोर्ट बेल देता है तो वे जेल से बाहर आएंगे, जिससे छात्रों का गुस्सा शांत हो सकता है। |
| 3. | खान सर के गनमैन की बेल | फायरिंग में शामिल हथियारों और सुरक्षाकर्मियों की भूमिका पर कोर्ट का रुख साफ होगा। |
शिक्षा जगत शर्मसार, दांव पर पटना की साख
पटना कोचिंग फायरिंग मामला खान सर के नाम जुड़ने के बाद से केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश के शिक्षा जगत में इस पर थू-थू हो रही है। यूट्यूब और डिजिटल दुनिया में ‘गुरु’ का दर्जा पाने वाले शिक्षकों के बीच इस तरह का खूनी संघर्ष और वर्चस्व की लड़ाई शिक्षा की पवित्रता पर एक बड़ा बदनुमा दाग है।
आम जनता और अभिभावकों का कहना है कि जो शिक्षक बच्चों का भविष्य संवारने का दावा करते हैं, अगर उनके ही संस्थानों से गोलियां चलेंगी और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज होंगे, तो छात्र उनसे क्या सीखेंगे?
अब गेंद पूरी तरह से पटना सिविल कोर्ट के पाले में है। क्या आज खान सर कोर्ट के सामने पेश होकर सबको चौंका देंगे, या फिर पुलिस उन्हें ढूंढ निकालने में कामयाब होगी? वहीं दूसरी तरफ, रौशन सर के छात्रों का गुस्सा पटना को एक और बड़े छात्र आंदोलन की आग में झोंक सकता है। आने वाले कुछ घंटे पटना के इस सबसे बड़े सियासी और शैक्षणिक ड्रामे का रुख तय करने वाले हैं।



