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देवभूमि में नहीं चलेगा फर्जी ‘रौब’: केदारनाथ यात्रा में ‘बिहार सरकार’ लिखी स्कॉर्पियो सीज; पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ से मचा हड़कंप

रुद्रप्रयाग: देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है। देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। लेकिन इस पावन यात्रा की आड़ में कुछ लोग नियमों को ताक पर रखकर अपना ‘फर्जी रुतबा’ चमकाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला रुद्रप्रयाग से सामने आया है, जहाँ केदारनाथ धाम यात्रा में वीआईपी बनने का सपना लेकर पहुंचे एक वाहन चालक और उसमें सवार लोगों की हकीकत उस समय तार-तार हो गई, जब रुद्रप्रयाग पुलिस की पैनी नजर उनके इस फर्जीवाड़े पर पड़ गई।

वाहन पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘बिहार सरकार’ लिखकर और अवैध हूटर लगाकर यात्रा मार्ग पर धौंस जमाने की कोशिश कर रहे लोगों का खेल पुलिस ने चंद मिनटों में खत्म कर दिया। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।

‘ऑपरेशन प्रहार’ के जाल में फंसी फर्जी ‘बिहार सरकार’

दरअसल, चारधाम यात्रा के दौरान नियम तोड़ने वालों, फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने वालों और अवैध वीआईपी संस्कृति पर लगाम लगाने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा इन दिनों ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बीते दिन सोनप्रयाग क्षेत्र में पुलिस टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। यात्रा मार्ग पर वाहनों की कतारों के बीच पुलिस की नजर एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो (पंजीकरण संख्या: BR 01 FT 2735) पर पड़ी।

इस गाड़ी के आगे और पीछे बड़े-बड़े अक्षरों में ‘बिहार सरकार’ की नेम प्लेट लगी हुई थी और छत पर नीली-लाल बत्ती की तर्ज पर अवैध हूटर चमचमा रहा था। पहली नजर में तो ऐसा लगा जैसे बिहार का कोई बड़ा अधिकारी या मंत्री बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंचा हो। लेकिन जैसे ही पुलिस ने रूटीन चेकिंग के तहत वाहन को रोका, वैसे ही गाड़ी के भीतर बैठे लोगों के चेहरे का रंग उड़ गया।

पूछताछ में खुला राज: रौब झाड़ने और चेकिंग से बचने का था प्लान

जब मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने वाहन में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की, तो पूरा मामला बेहद संदिग्ध नजर आने लगा। पुलिस ने जब गाड़ी में सवार लोगों से उनके क्रेडेंशियल्स और सरकारी दस्तावेज मांगे, तो वे बगलें झांकने लगे।

जांच में सामने आई कड़वी सच्चाई:

वाहन में ऐसा कोई भी प्रशासनिक अधिकारी, वीआईपी या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिसका संबंध गाड़ी पर लिखी ‘बिहार सरकार’ की नेम प्लेट से साबित हो सके। न तो उनके पास गाड़ी में हूटर लगाने का कोई वैध अधिकार पत्र था और न ही कोई सरकारी पहचान पत्र।

पुलिस की कड़ी पूछताछ के आगे उनका यह फर्जी रुतबा ज्यादा देर टिक नहीं सका। जांच में यह कड़वी सच्चाई सामने आई कि केदारनाथ यात्रा फर्जी वीआईपी संस्कृति का सहारा लेकर ये लोग यात्रा मार्ग पर विशेष सुविधाएं हासिल करना चाहते थे। इनका मकसद पुलिस चेकिंग से बचना, टोल और जाम में विशेषाधिकार पाना और स्थानीय लोगों व अन्य श्रद्धालुओं पर बेवजह का रौब झाड़ना था।

मौके पर ही उतरी हेकड़ी: हूटर जब्त, गाड़ी सीज

सच्चाई सामने आते ही रुद्रप्रयाग पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए कड़ा एक्शन लिया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल प्रभाव से वाहन से अवैध हूटर और ‘बिहार सरकार’ लिखी फर्जी नेम प्लेट को उतरवाया और उन्हें जब्त कर लिया। इसके बाद, मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत नियमों का घोर उल्लंघन करने के आरोप में स्कॉर्पियो को मौके पर ही सीज कर दिया गया। जो लोग कुछ मिनट पहले तक खुद को सरकार का हिस्सा बताकर धौंस जमा रहे थे, वे पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद पैदल ही सड़क पर खड़े नजर आए।

वाहन का विवरण पंजीकरण संख्या की गई कार्रवाई
सफेद स्कॉर्पियो (Scorpio) BR 01 FT 2735 हूटर/नेम प्लेट जब्त, वाहन सीज

कानून से बड़ा कोई नहीं: एसपी नीहारिका तोमर

इस पूरे मामले पर रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक (SP) नीहारिका तोमर ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:

“देवभूमि उत्तराखंड में कानून से बड़ा कोई नहीं है। चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो या प्रभावशाली दिखने की कोशिश करे, फर्जी वीआईपी संस्कृति, अवैध हूटर और सरकारी पहचान के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

एसपी ने आगे कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुई यह कार्रवाई अन्य लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है। चारधाम यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालु हमारे लिए सम्मानित हैं, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर विशेषाधिकार हासिल करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ आगे भी और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने की पुलिस की सराहना

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुई पुलिस की यह कार्रवाई अब पूरे जिले और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। आम श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने पुलिस के इस कदम की जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि अक्सर कुछ लोग इस तरह की फर्जी नेम प्लेट्स और हूटर लगाकर न केवल यातायात व्यवस्था को बाधित करते हैं, बल्कि आम जनता के मन में भी हीन भावना पैदा करते हैं। रुद्रप्रयाग पुलिस की इस पैनी नजर और निष्पक्ष कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि बाबा केदार के दरबार में और देवभूमि की सड़कों पर हर नागरिक एक समान है।

चारधाम यात्रा पर आ रहे सभी तीर्थयात्रियों से प्रशासन बार-बार अपील कर रहा है कि वे नियमों का पालन करें। उत्तराखंड पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने और सभी की यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, बशर्ते आप फर्जीवाड़े का रास्ता न चुनें।

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