
रामनगर (नैनीताल): उत्तराखंड के नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाले रामनगर शहर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार भवानीगंज चौराहे पर एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में अचेत पाया गया। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों के बीच सनसनी फैला दी है। आनन-फानन में अस्पताल ले जाए जाने के बावजूद युवक की जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।
व्यस्ततम चौराहे पर मौत का तांडव
शुक्रवार की दोपहर रामनगर का भवानीगंज चौराहा अपनी सामान्य गति से चल रहा था। तभी राहगीरों की नजर एक युवक पर पड़ी जो सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था। पहले लोगों को लगा कि शायद गर्मी या किसी अन्य कारण से युवक बेहोश हुआ है, लेकिन जब काफी देर तक उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तो मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और आपातकालीन सेवा 108 को दी।
रामनगर भवानीगंज शव बरामद होने की खबर जैसे ही फैली, आसपास के दुकानदार और निवासी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए तत्काल उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें
108 एंबुलेंस के माध्यम से युवक को रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया। अस्पताल में तैनात डॉक्टर सारिक और उनकी टीम ने तुरंत स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया, लेकिन प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सालय के डॉक्टर सारिक ने बताया कि जब युवक को अस्पताल लाया गया, तब उसकी नब्ज थम चुकी थी और शरीर में किसी भी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी।
अस्पताल प्रशासन ने तत्काल इसकी औपचारिक सूचना रामनगर कोतवाली पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है।
मृतक की शिनाख्त और परिजनों में कोहराम
पुलिस की प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान 35 वर्षीय सोनू के रूप में हुई है, जो ग्राम शिवलालपुर रिउनिया का निवासी बताया जा रहा है। जैसे ही सोनू की मौत की खबर उसके गांव और परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। मृतक के परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि जो युवक दोपहर तक ठीक था, उसकी अचानक इस तरह मौत कैसे हो गई।
सोनू की मौत के पीछे क्या कारण रहे, क्या वह किसी बीमारी से ग्रसित था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है—ये सवाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
पुलिस की जांच: पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल भवानीगंज चौराहे पर पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की कोशिश की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सटीक कारणों का पता केवल पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा।
कोतवाली प्रभारी के अनुसार, “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हम सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय चश्मदीदों से भी पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि अचेत होने से पहले सोनू वहां किसके साथ था या उसकी स्थिति क्या थी। विसरा रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।”
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल
शहर के सबसे व्यस्त चौराहे पर इस तरह संदिग्ध अवस्था में शव मिलना सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से भी चिंताजनक है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भवानीगंज चौराहा हमेशा पुलिस की निगरानी में रहता है, ऐसे में वहां किसी युवक का इस तरह मौत के मुंह में समा जाना रहस्यमयी है।
सोशल मीडिया पर भी रामनगर भवानीगंज शव बरामद होने की घटना को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कोई इसे भीषण गर्मी का असर बता रहा है, तो कोई नशाखोरी या किसी अंदरूनी रंजिश की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि, पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच रिपोर्ट का इंतजार करें।
रहस्य के घेरे में सोनू की मौत
35 वर्षीय सोनू की मौत ने कई सवाल पीछे छोड़ दिए हैं। शिवलालपुर रिउनिया जैसे शांत गांव के युवक का शहर के बीचों-बीच मृत पाया जाना निश्चित रूप से पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। क्या यह एक प्राकृतिक मौत थी? या फिर इस घटना के पीछे कोई आपराधिक मंशा छिपी है?
फिलहाल, रामनगर पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पोस्टमार्टम के बाद जब सोनू का पार्थिव शरीर उसके गांव पहुंचेगा, तो वहां का माहौल और भी गमगीन होने की आशंका है। क्षेत्र के लोग जल्द से जल्द इस मामले के खुलासे की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।


