पटना। बिहार की राजधानी पटना के मालसलामी थाना क्षेत्र से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मालसलामी के बुंदेल टोला निवासी 22 वर्षीय युवक राजा कुमार का पहले अपहरण किया गया और फिर बेहद शातिराना व क्रूर तरीके से उसकी हत्या कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला और व्यथित करने वाला पहलू यह है कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि मृतक के अपने दो बेहद करीबी ममेरे-फुफेरे भाई ही निकले।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों से यह साफ हो गया है कि इस रोंगटे खड़े कर देने वाले पटना राजा कुमार हत्याकांड के पीछे एकतरफा या आपसी प्रेम प्रसंग का गंभीर विवाद मुख्य कारण था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी श्रवण कुमार और उसके साथ शामिल एक निरुद्ध बालक (नाबालिग) को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
धोखे से अपहरण: ई-रिक्शा के सफर से मौत के जाल तक
यह खौफनाक साजिश 20 मई 2026 को अंजाम दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी श्रवण कुमार और उसके नाबालिग साथी ने राजा कुमार को रास्ते से हटाने के लिए एक सुनियोजित स्क्रिप्ट तैयार की थी। घटना वाले दिन दोनों रिश्तेदारों ने राजा कुमार से संपर्क किया और घरेलू बातचीत व भरोसे के जाल में फंसाकर उसे धोखे से अपने साथ चलने के लिए राजी कर लिया।
मासूम राजा अपने ही भाइयों की कुटिल नीयत से बिल्कुल बेखबर था। दोनों आरोपी उसे एक ई-रिक्शा में बैठाकर मालसलामी से दूर ले गए। रास्ते भर वे राजा को सामान्य बातों में उलझाए रहे ताकि उसे किसी भी तरह का संदेह न हो। जैसे ही ई-रिक्शा एक सुनसान और खाली इलाके में पहुंचा, वहां पहले से तय साजिश के मुताबिक एक खड़े ट्रक के पास ई-रिक्शा को रोका गया और बेहद शातिर तरीके से ऐसी परिस्थिति पैदा की गई कि राजा कुमार उस भारी वाहन (ट्रक) की चपेट में आ जाए।
ट्रक से एक्सीडेंट या सोची-समझी हत्या?
आरोपियों ने राजा कुमार को मौत के घाट उतारने के लिए ‘हिट एंड रन’ का रूप देने की कोशिश की थी। खाली जगह पर ले जाकर राजा को एक खड़े ट्रक से बेहद जोरदार टक्कर मरवाई गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि राजा कुमार ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
टक्कर मारने के बाद जब आरोपियों को यकीन हो गया कि राजा की मौत हो चुकी है, तो वे घबराए नहीं, बल्कि साक्ष्यों को मिटाने और शव को पूरी तरह छुपाने की कवायद में जुट गए। वे शव को ई-रिक्शा या किसी अन्य वाहन की मदद से पटना की सीमा से पार ले गए और हाजीपुर के विद्दूपुर इलाके में बन रहे नए 6-लेन (सिक्स लेन) हाईवे के पास एक एकांत स्थान पर फेंककर फरार हो गए। उन्हें लगा कि पटना से दूर शव फेंकने के कारण वे पुलिस की नजरों से हमेशा के लिए बच निकलेंगे।
लावारिस मानकर शव किया गया डिस्ट्रॉय: पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
घटना के अगले दिन हाजीपुर के विद्दूपुर थाना अंतर्गत रुस्तमपुर ओपी (आउटपोस्ट) पुलिस को 6-लेन के पास से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। शव पर चोट के गहरे निशान थे, लेकिन जेब में कोई पहचान पत्र या मोबाइल न होने के कारण तत्काल उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। रुस्तमपुर पुलिस ने नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसे स्थानीय सरकारी अस्पताल के शवगृह (मर्च्युरी) में पूरे 72 घंटों तक सुरक्षित रखा गया। इस दौरान आसपास के थानों को भी सूचित किया गया। हालांकि, निर्धारित 72 घंटे की समय सीमा पूरी होने के बाद भी जब शव पर दावा करने कोई नहीं पहुंचा, तो पुलिस ने लावारिस शवों से जुड़े कानूनी प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार (डिस्ट्रॉय) कर दिया।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज: ममेरे-फुफेरे भाइयों की क्रूरता
इधर, पटना के मालसलामी थाने में राजा कुमार के अचानक लापता होने को लेकर परिवार असमंजस और डर में था। जब तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और आखिरी बार राजा को किसके साथ देखा गया था (लास्ट सीन थ्योरी) पर काम शुरू हुआ, तो पुलिस की सुई सीधे उसके रिश्तेदारों श्रवण कुमार और नाबालिग भाई पर आकर टिक गई।
25 मई 2026 को पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पुलिस के मनोवैज्ञानिक और तकनीकी फंदे में फंसते ही दोनों आरोपियों का धैर्य टूट गया और उन्होंने इस पूरे पटना राजा कुमार हत्याकांड का सच उगल दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि हाजीपुर के विद्दूपुर में जो शव मिला था, वह राजा का ही था। इसके बाद मालसलामी पुलिस ने तुरंत रुस्तमपुर पुलिस से संपर्क कर फोटो और कपड़ों के आधार पर राजा कुमार की पहचान को आधिकारिक रूप से पुख्ता किया।
प्रेम प्रसंग का खूनी अंत: जांच में जुटी दो जिलों की पुलिस
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मृतक राजा कुमार के ममेरे-फुफेरे भाई हैं। दोनों परिवारों के बीच एक युवती से जुड़े प्रेम प्रसंग को लेकर पिछले काफी समय से तनाव और विवाद चल रहा था। राजा कुमार को कई बार चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन जब विवाद सुलझा नहीं, तो आरोपियों ने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खूनी रास्ता चुन लिया।
फिलहाल, पटना की मालसलामी पुलिस और वैशाली जिले की रुस्तमपुर पुलिस संयुक्त रूप से इस अंधे कत्ल की गुत्थी के बचे हुए सिरों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इस जघन्य हत्याकांड में क्या ई-रिक्शा चालक या ट्रक का मालिक भी इस आपराधिक साजिश का हिस्सा थे? पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना में इस्तेमाल वाहनों को भी जब्त कर लिया जाएगा और कोर्ट में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।



