सिडनी: वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती साख और प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में नए भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय ऑस्ट्रेलिया यात्रा बेहद ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गई है। अपने इस हाई-प्रोफाइल पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरा 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के मुख्य विपक्षी दल के नेता एंगस टेलर से एक बेहद महत्वपूर्ण और सार्थक मुलाकात की। सिडनी में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और अधिक प्रगाढ़ बनाने तथा वैश्विक मंदी व सुरक्षा चुनौतियों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर गंभीर चर्चा की।
राजनयिक जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की विपक्षी नेता से यह मुलाकात केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ऑस्ट्रेलिया में सरकार किसी भी दल की हो, लेकिन भारत के साथ मजबूत रिश्तों को लेकर वहां की संसद और राजनीति में एक अटूट आम सहमति बन चुकी है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मिला ‘द्विदलीय समर्थन’, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग पर जोर
इस विशेष बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि चर्चा के दौरान भारत के साथ मजबूत रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलिया में मौजूद ‘बाइपार्टिजन सपोर्ट’ यानी मजबूत द्विदलीय समर्थन की खुलकर सराहना की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंगस टेलर, दोनों ही इस बात पर पूरी तरह सहमत दिखे कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और ऑस्ट्रेलिया का एक साथ आना केवल दोनों देशों के हित में नहीं, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र की स्थिरता के लिए आवश्यक है।
दोनों नेताओं ने रणनीतिक सुरक्षा, आर्थिक मोर्चे, व्यापारिक समझौतों और टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार पर विचार-विमर्श किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता एंगस टेलर के बीच बेहद सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई है। यह बैठक न केवल हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि भारत के साथ संबंधों को लेकर ऑस्ट्रेलिया के भीतर सभी राजनीतिक विचारधाराओं के व्यापक समर्थन को भी उजागर करती है।”
कूटनीति का महा-कैनवास: पीएम मोदी ने कई शीर्ष दिग्गजों से किया संवाद
अपने इस व्यस्त और ऐतिहासिक पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरा 2026 के दौरान प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के हर प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक धड़े तक अपनी पहुंच बनाई है। इससे पहले, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें रक्षा, मुक्त व्यापार समझौते (ECTA) की प्रगति और हिंद महासागर में नौसैनिक सहयोग को बढ़ाने पर ऐतिहासिक सहमति बनी।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन और विक्टोरिया की गवर्नर मार्गरेट गार्डनर से भी शिष्टाचार मुलाकात की। भारत और ऑस्ट्रेलिया के व्यापारिक रिश्तों को नए पंख देने के उद्देश्य से उन्होंने ‘ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम’ के शीर्ष उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों के साथ एक गोलमेज बैठक भी की, जहां भारत के विशाल बाजार में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने सिडनी में भारतीय समुदाय के विशाल कार्यक्रम को संबोधित करने के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से भी मुलाकात की, जिन्होंने अपने कार्यकाल में इन संबंधों की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेल सहयोग का नया इतिहास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा का अगला सबसे दिलचस्प पड़ाव खेल कूटनीति (Sports Diplomacy) से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट स्टेडियमों में से एक, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) का दौरा करने वाले हैं। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप’ (India-Australia Sports Cooperation Roadmap) का अनावरण करेंगे।
इस रोडमैप का मुख्य उद्देश्य खेल के बुनियादी ढांचे, एथलीटों की ट्रेनिंग, खेल विज्ञान और दोनों देशों के बीच खेल संस्कृति के आदान-प्रदान को एक नई और आधुनिक दिशा देना है। क्रिकेट की साझा दीवानगी से जुड़े इन दोनों देशों के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खेल कूटनीति के जरिए भविष्य की बड़ी तैयारियां
इस खेल रोडमैप के महत्व को रेखांकित करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस वार्ता में कहा कि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का यह दौरा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं होगा, बल्कि यह खेल के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ रहे सहयोग का एक जीवंत प्रतीक बनेगा। उन्होंने आने वाले वर्षों के बड़े वैश्विक खेल आयोजनों का जिक्र करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण तथ्य साझा किया।
विदेश सचिव ने बताया कि भारत जहां वर्ष 2030 में प्रतिष्ठित कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है, वहीं ऑस्ट्रेलिया वर्ष 2032 में ब्रिस्बेन में ओलंपिक खेलों की भव्य मेजबानी की तैयारियों में जुटा है। ऐसे में दोनों देशों के पास खेल तकनीक, स्टेडियम प्रबंधन, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को अपग्रेड करने का एक सुनहरा अवसर है। यही कारण है कि ‘खेल’ अब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग का एक बेहद महत्वपूर्ण और नया स्तंभ बनकर उभर रहा है।
वैश्विक पटल पर एक नई रणनीतिक साझेदारी का उदय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस तीन दिवसीय दौरे ने यह साबित कर दिया है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध अब केवल व्यापार या क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक गहरी और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी में तब्दील हो चुके हैं। विपक्ष के नेता एंगस टेलर से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री तक, सभी का भारत के प्रति यह सकारात्मक दृष्टिकोण यह दिखाता है कि कैनबरा की राजनीति में भारत का स्थान कितना ऊंचा हो चुका है। इस पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरा 2026 के जरिए जो खेल रोडमैप और रणनीतिक नीतियां तैयार हुई हैं, वे आने वाले दशक में दोनों लोकतांत्रिक देशों को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगी।
