नई दिल्ली: देशभर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और झुलसाने वाली गर्मी से राहत देने आया मानसून अब कई राज्यों के लिए आफत बनता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मानसून वेदर अपडेट 2026 के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अब देश के सभी हिस्सों को पूरी तरह से कवर कर लिया है। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में भी मानसून की एंट्री के साथ ही अब पूरे उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है।
उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों के ऊपर बने एक मजबूत कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) के चलते मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले एक हफ्ते तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तराखंड के पहाड़ों और उत्तर प्रदेश के मैदानों तक प्रशासनिक अमले को मुस्तैद कर दिया गया है, क्योंकि नम हवाओं के इस चक्रवात ने मौसम को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
दिल्ली में छाए रहेंगे बादल, नोएडा-गाजियाबाद में भारी बारिश की चेतावनी
देश की राजधानी दिल्ली में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है। आज सुबह से ही दिल्ली के आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली में आज हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, हालांकि बहुत तेज या मूसलाधार बारिश के आसार थोड़े कम हैं। दिल्ली में मौसम का यह अलर्ट आज यानी 10 जुलाई तक प्रभावी रहेगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
दिल्ली भले ही भारी तबाही से बची रहे, लेकिन उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के जिलों की स्थिति जुदा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर जैसे जिलों के लिए आज भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इन इलाकों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर देखा जा रहा है, जिससे कई जगहों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक प्री-मानसून और मानसून की सक्रियता के चलते राहत की फुहारें और भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है।
उत्तर प्रदेश में हाहाकार: दो दिनों का ऑरेंज अलर्ट, नदियों का बढ़ा जलस्तर
उत्तर प्रदेश में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी आंचल तक बादलों ने डेरा जमा रखा है। नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर के अलावा बागपत और मुजफ्फरनगर समेत पूरे पश्चिमी क्षेत्र में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। लखनऊ प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी की ओर से आ रही बेहद नम और शक्तिशाली हवाओं के चलते उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में अगले दो दिनों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने और आकाशीय बिजली से सावधान रहने की हिदायत दी है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश की बात करें तो गोरखपुर, बस्ती, मिर्जापुर, वाराणसी और प्रयागराज में लगातार हो रही बरसात ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। दूसरी तरफ, कानपुर, लखनऊ और उन्नाव रीजन के लोगों के लिए यह बारिश राहत बनकर आई है, जहां मौसम सुहावना बना हुआ है। पश्चिमी यूपी में जहां 11 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं पूर्वी यूपी में 13 जुलाई तक भारी तबाही की आशंका जताई गई है। इसके बाद भी मौसम साफ नहीं होगा, बल्कि पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 15 जुलाई के दौरान अगले पूरे एक हफ्ते तक इसी तरह रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर चलता रहेगा।
राज्यवार मौसम का पूरा लेखा-जोखा (10 से 15 जुलाई 2026)
देश के विभिन्न राज्यों में मानसून की स्थिति और अलर्ट को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका को देखें:
| राज्य / क्षेत्र | अलर्ट की अवधि | मौसम की संभावित स्थिति |
| दिल्ली NCR | 10 जुलाई | बादल छाए रहेंगे, हल्की से मध्यम बारिश, नोएडा-गाजियाबाद में ऑरेंज अलर्ट |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 11 – 15 जुलाई | भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 12 – 15 जुलाई | मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने की आशंका |
| पंजाब व हरियाणा | 10 – 13 जुलाई | कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं |
| उत्तराखंड (पहाड़ी क्षेत्र) | अगले 6 दिन | उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड और भारी बारिश की चेतावनी |
| राजस्थान | 15 जुलाई तक | पूर्वी इलाकों में भारी बारिश, पश्चिमी हिस्से में आंधी-तूफान की चेतावनी |
| मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ | 10 – 15 जुलाई | इंदौर, उज्जैन में भारी वर्षा, छत्तीसगढ़ में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं |
| बिहार व झारखंड | 15 जुलाई तक | आंधी, तूफान और बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश का दौर |
उत्तराखंड के पहाड़ों में आफत: अगले 6 दिनों तक रेड और ऑरेंज अलर्ट का साया
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मानसून की एंट्री के साथ ही संवेदनशील इलाकों में खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले 6 दिनों तक हल्की से लेकर बेहद भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ जैसे सीमांत पहाड़ी जिलों से लेकर मैदानी और तराई वाले क्षेत्रों जैसे देहरादून और हल्द्वानी तक भारी बारिश का अलर्ट है। पहाड़ों में अत्यधिक बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और पहाड़ी नदियों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है, जिससे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है।
उत्तराखंड की तरह ही देश के अन्य पहाड़ी क्षेत्रों जैसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 12 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं हिमाचल प्रदेश में भी 15 जुलाई तक प्रकृति का यह सख्त रुख जारी रहने की संभावना है। पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।
मध्य, पूर्वी भारत और राजस्थान का हाल
मध्य भारत के राज्यों में भी मानसून वेदर अपडेट 2026 का बड़ा असर दिख रहा है। मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन समेत आसपास के पश्चिमी इलाकों में 10 से 15 जुलाई के बीच मानसूनी बारिश का दौर अनवरत जारी रहेगा, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में स्थिति थोड़ी ज्यादा चिंताजनक है, जहां 13 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश के साथ-साथ आंधी, तूफान और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी 10 से 13 जुलाई के बीच जोरदार पानी बरसने का अनुमान है।
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के मौसम में भी बड़ा बदलाव आया है। पूर्वी राजस्थान में जहां 15 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के जिलों में तेज आंधी, धूल भरे तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश की दोहरी चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में भी 15 जुलाई तक मौसम पूरी तरह बदला रहेगा और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश आम जनता को सराबोर करती रहेगी। आपदा प्रबंधन विभागों ने सभी राज्यों को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
