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कानपुर: रिजर्व पुलिस लाइन में ट्रेनिंग ले रहे सिपाही पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप

कानपुर। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर में एक बार फिर ‘रक्षक’ के ‘भक्षक’ बनने की शर्मनाक घटना सामने आई है। शहर की रिजर्व पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे एक सिपाही पर शादी और सरकारी नौकरी का झांसा देकर एक छात्रा के साथ शारीरिक शोषण करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस घटना ने न केवल महिला सुरक्षा के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है, बल्कि कानपुर पुलिस विभाग की छवि को भी गहरी चोट पहुंचाई है।

ट्रेन यात्रा से शुरू हुई जान-पहचान और विश्वासघात

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान योगेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अलीगढ़ जिले के खैर इलाके का निवासी है। योगेंद्र वर्तमान में कानपुर नगर की रिजर्व पुलिस लाइन में सिपाही के पद पर अपनी ट्रेनिंग पूरी कर रहा था। दूसरी ओर, पीड़िता एमएससी की छात्रा है और कानपुर में रहकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी।

मामले की जड़ें जनवरी 2026 में हुई एक रेल यात्रा से जुड़ी हैं। बताया जा रहा है कि सफर के दौरान ही दोनों की मुलाकात हुई थी। आरोपी ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर और सभ्य व्यवहार दिखाकर छात्रा से दोस्ती बढ़ाई। धीरे-धीरे बातों का सिलसिला बढ़ा और आरोपी ने छात्रा का भरोसा जीत लिया। पीड़िता को रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि वर्दी की आड़ में छिपी यह दोस्ती उसके लिए एक भयावह दुस्वप्न बन जाएगी।

शादी और नौकरी का झांसा, फिर पुलिस लाइन के पास वारदात

आरोप है कि योगेंद्र सिंह ने छात्रा को न केवल शादी का वादा किया, बल्कि उसे बेहतर भविष्य और सरकारी नौकरी लगवाने का लालच भी दिया। इसी भावनात्मक जाल में फंसकर पीड़िता उसके संपर्क में रही। घटना का सबसे काला अध्याय 22 फरवरी 2026 को लिखा गया, जब आरोपी ने छात्रा को बहला-फुसलाकर रिजर्व पुलिस लाइन के समीप बुलाया।

पीड़िता का आरोप है कि वहां उसकी मर्जी के खिलाफ आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, मानवता और मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए आरोपी ने मोबाइल फोन से पीड़िता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए। यही वीडियो बाद में छात्रा के लिए मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का सबसे बड़ा हथियार बन गए।

ब्लैकमेलिंग और खौफ का सिलसिला

वारदात के बाद जब पीड़िता ने शादी के वादे को निभाने का दबाव बनाया, तो योगेंद्र अपने वादे से मुकर गया। उसने छात्रा को धमकी दी कि यदि उसने किसी से भी इस बारे में बात की या विरोध किया, तो वह अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। बदनामी के डर से पीड़िता कई महीनों तक यह घिनौना खेल सहती रही और मानसिक व शारीरिक यातनाएं झेलती रही।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था। अंततः, जब प्रताड़ना सहनशक्ति से बाहर हो गई, तो छात्रा ने हिम्मत जुटाई और कानून का दरवाजा खटखटाया।

कानूनी कार्रवाई और पुलिस का सख्त रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए कानपुर पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया है। आरोपी योगेंद्र सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें दुष्कर्म, जबरन वीडियो बनाना, ब्लैकमेलिंग और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

कानपुर पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि कानपुर पुलिस लाइन सिपाही दुष्कर्म मामला विभाग के लिए अत्यंत गंभीर है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आरोपी चूंकि अभी ट्रेनिंग पीरियड में था, इसलिए उसके खिलाफ विभागीय जांच भी तेज कर दी गई है। सूत्रों का कहना है कि आरोपी को सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

व्यवस्था पर उठते सवाल और सामाजिक चिंता

यह घटना उस समय सामने आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों के जरिए महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने का दावा कर रहे हैं। जब ट्रेनिंग सेंटर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों के आसपास ऐसे अपराधों को अंजाम दिया जाता है, तो आम जनमानस का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है।

शिक्षाविदों और विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस भर्ती और ट्रेनिंग के दौरान केवल शारीरिक क्षमता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ‘नैतिक और मनोवैज्ञानिक’ परीक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। भविष्य के पुलिसकर्मियों को महिला सम्मान और संवेदनाओं का पाठ पढ़ाया जाना अनिवार्य है।

पीड़िता का भविष्य और इंसाफ की गुहार

इस घटना ने एमएससी की मेधावी छात्रा की मानसिक स्थिति को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। एक प्रतियोगी छात्र के रूप में उसका करियर और पढ़ाई इस विवाद और सदमे की भेंट चढ़ गए हैं। कई स्थानीय महिला संगठनों और छात्र गुटों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले का ट्रायल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और आरोपी को ऐसी सजा मिले जो मिसाल बन सके।

वर्तमान में, पुलिस आरोपी सिपाही की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और पीड़िता की काउंसलिंग भी कराई जा रही है। कानपुर पुलिस लाइन सिपाही दुष्कर्म मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे ‘दीमकों’ को साफ करने की एक चुनौती बन गया है।


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