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उत्तराखंड: सीएम धामी ने पीडब्ल्यूडी मास्टर प्लान पुस्तिका का किया विमोचन, 2026-2031 के विकास का खाका तैयार

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग (PWD) की बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया। यह पुस्तिका वर्ष 2026 से 2031 तक राज्य में होने वाले बुनियादी ढांचे के विकास का व्यापक खाका प्रस्तुत करती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मास्टर प्लान राज्य के समग्र विकास को दिशा देने वाला दस्तावेज साबित होगा और “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसी दिशा में उत्तराखंड सरकार भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तिका में आगामी पांच वर्षों के लिए जो विजन तैयार किया गया है, वह राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को प्राथमिकता दे रही है ताकि भविष्य की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। राज्य में सड़कों का व्यापक जाल बिछाया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच आसान हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन प्रयासों को और गति दी जाएगी और राज्य को विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जाएगा।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने भी लोक निर्माण विभाग के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार विजन के साथ आगे बढ़ रहा है और राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है और सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मास्टर प्लान पुस्तिका में 100 से अधिक परियोजनाओं को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक गतिशील दस्तावेज है, जिसमें समय-समय पर आवश्यकतानुसार संशोधन भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पुस्तिका में रोड कनेक्टिविटी, आर्थिक हब से जुड़ाव, पुल निर्माण और सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, ढलानों की सुरक्षा (स्लोप प्रोटेक्शन), तकनीकी नवाचार, वित्तीय प्रबंधन और नीतिगत सुधार जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

पुस्तिका के अनुसार, राज्य में सड़क नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नई सड़कों का निर्माण, पुरानी सड़कों का चौड़ीकरण और उनका आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की समस्या को ध्यान में रखते हुए विशेष तकनीकों का उपयोग कर सड़कों को सुरक्षित बनाया जाएगा। पुलों के निर्माण और रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि यातायात सुचारू और सुरक्षित रह सके।

पर्यटन के दृष्टिकोण से भी यह मास्टर प्लान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तराखंड तेजी से एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है, ऐसे में पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जाएगा। धार्मिक, साहसिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की गई हैं।

इसके अलावा, मास्टर प्लान में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है। डिजिटल मॉनिटरिंग, स्मार्ट रोड सिस्टम, और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया जैसे उपायों को शामिल किया गया है, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। वित्तीय प्रबंधन को भी मजबूत बनाने के लिए नई नीतियां और रणनीतियां तैयार की गई हैं, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।

मुख्यमंत्री धामी ने अंत में कहा कि यह मास्टर प्लान पुस्तिका केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसके माध्यम से राज्य में विकास की गति और तेज होगी और आने वाले वर्षों में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

इस तरह, पीडब्ल्यूडी की यह मास्टर प्लान पुस्तिका न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई दिशा देगी, बल्कि राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन संभावनाओं को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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