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बैसाखी पर CM धामी से मिला सिक्ख प्रतिनिधिमंडल, हेमकुंड साहिब रोपवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर को बताया विकास की ‘भाग्य रेखा’

देहरादून। बैसाखी के पावन और उल्लासपूर्ण अवसर पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में सांप्रदायिक सौहार्द और श्रद्धा की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने पहुँचे सिक्ख समुदाय के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने न केवल उन्हें पारंपरिक ‘सरोपा’ भेंट कर सम्मानित किया, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सिक्ख समाज के हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की मुक्तकंठ से सराहना भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना और दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने के संकल्प को साकार कर रहे हैं।

सरोपा भेंट कर जताया आभार: “सिक्ख समाज को मिला नया मान”

बैसाखी के अवसर पर आयोजित इस शिष्टाचार भेंट में हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, किसान आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी और विधायक सुरेश गड़िया समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पर्व की बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सिक्ख समुदाय की धार्मिक आस्थाओं को जो सम्मान मिला है, वह अभूतपूर्व है।

ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने विशेष रूप से अफगानिस्तान से ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब’ की ससम्मान वापसी और ‘वीर बाल दिवस’ के आयोजन जैसे कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबजादों के बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व को भव्यता से मनाना यह दर्शाता है कि सरकार सिक्ख इतिहास और गौरव के प्रति कितनी संवेदनशील है।

हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना: श्रद्धालुओं के लिए मील का पत्थर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना की महत्ता पर प्रकाश डाला। लगभग ₹1740 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना को उन्होंने ‘आस्था और आधुनिकता का संगम’ बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रोपवे न केवल कठिन पर्वतीय यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए हेमकुंड साहिब के दर्शन को अत्यंत सरल बना देगा।

उन्होंने आगे कहा, “यह परियोजना केवल परिवहन का साधन नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देगी। इससे पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और यात्रा का समय घंटों से घटकर मिनटों में रह जाएगा।”

“तीसरा दशक उत्तराखंड का”: पीएम मोदी के संकल्प की सिद्धि

मुख्यमंत्री ने केदारनाथ की पावन भूमि से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए उस मंत्र को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा।” सीएम धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार ‘संकल्प से सिद्धि’ के मार्ग पर चल रही है। आधारभूत संरचना (Infrastructure) के विकास से लेकर तीर्थाटन की सुविधाओं तक, हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है ताकि उत्तराखंड एक आत्मनिर्भर और सशक्त राज्य बन सके।

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: विकास का नया प्रवेश द्वार

प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को एक ‘गेम चेंजर’ बताया। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के विधिवत प्रारंभ होने से देश की राजधानी और उत्तराखंड की दूरी सिमट जाएगी। यह कॉरिडोर केवल सड़क मार्ग नहीं है, बल्कि यह व्यापार, निवेश और पर्यटन के लिए एक नई धुरी (Pivot) साबित होगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, कनेक्टिविटी मजबूत होने से राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और पलायन जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी। उन्होंने इसे उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की ‘भाग्य रेखा’ करार दिया।

गुरबाणी से मिली सेवा और समर्पण की प्रेरणा

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री धामी भावुक भी हुए। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि नानकमत्ता साहिब की पवित्र धरती और गुरबाणी के शब्द उनके जीवन के अभिन्न अंग रहे हैं। उन्होंने कहा, “गुरबाणी ने मुझे सदैव सत्य और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। सिक्ख समाज का राष्ट्र निर्माण और सीमाओं की रक्षा में जो योगदान है, वह हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”

उन्होंने सिक्ख समाज को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चाहे वह बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हों, सुरक्षा व्यवस्था हो या आवास की सुविधा, सरकार हर कदम पर श्रद्धालुओं के साथ खड़ी है।

एकता और समृद्धि का संदेश

इस गरिमामयी भेंट का समापन बैसाखी की शुभकामनाओं के साथ हुआ। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सिक्ख समुदाय के सहयोग और केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर रहेगा। इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर उतरती एक वास्तविकता है। हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना और इंफ्रास्ट्रक्चर के अन्य बड़े कार्यों के पूरा होने के साथ ही उत्तराखंड वाकई विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है।

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