
उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था से जुड़ी दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक तरफ हरिद्वार पुलिस ने चर्चित ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं दूसरी ओर नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र में एक महिला से मंगलसूत्र लूट की वारदात ने दहशत फैला दी है। हरिद्वार की घटना में मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है, जबकि पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। दूसरी ओर रामनगर में हुई लूटपाट की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे आरोपियों की पहचान की उम्मीद बढ़ गई है।
हरिद्वार में सामने आए इस ब्लाइंड मर्डर केस ने शुरुआत से ही पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। मामला तब सामने आया जब राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र के अंतर्गत वन विभाग के कर्मचारी ने सूचना दी कि जंगल के भीतर एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही हरिद्वार कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष बताई गई, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी, जिसके चलते पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया और साक्ष्य एकत्र किए। इसके साथ ही एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीम ने आसपास के क्षेत्रों जैसे गंगा घाट, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और पार्किंग स्थलों पर जाकर लोगों से पूछताछ की और डिजिटल तथा इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद भी ली। शुरुआती जांच में पुलिस को यह संकेत मिले कि आरोपी नशे की हालत में हो सकते हैं और संभवतः आधुनिक मोबाइल तकनीक का उपयोग नहीं करते हैं, जिससे उनकी पहचान करना और भी मुश्किल हो रहा था।
लगातार जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखना शुरू किया और 17 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी। पुलिस टीम जब हिल बाईपास क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी सूखी नदी पर बने फ्लाईओवर के पास पैराफिट पर दो संदिग्ध व्यक्ति बैठे दिखाई दिए। उनका हुलिया पुलिस द्वारा बताए गए संदिग्धों से मेल खा रहा था। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों घबरा गए और मौके से भागने लगे, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार उर्फ चिकना, निवासी इटावा (उत्तर प्रदेश) और रोहित कुमार, निवासी पटना (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों कुछ समय पहले ही मिले थे और धीरे-धीरे दोस्त बन गए थे। दोनों ही नशे के आदी थे और अक्सर गांजा व शराब का सेवन करते थे। घटना वाली रात भी दोनों नशे की हालत में थे और हरकी पैड़ी के सामने घाट क्षेत्र में सो गए थे।
अगली सुबह जब दोनों उठे तो पैसों की तलाश में इधर-उधर घूमते हुए मोतीचूर तिराहे की ओर पहुंचे। वहां उन्होंने एक व्यक्ति को बीड़ी पीते हुए देखा और उससे बीड़ी मांगी। इसी दौरान उनकी नजर उस व्यक्ति के पास मौजूद पैसे पर पड़ गई। इसके बाद उन्होंने पहले तो उससे पैसे मांगने की कोशिश की, लेकिन जब उसने मना कर दिया और गाली देकर वहां से जाने को कहा, तो दोनों का गुस्सा और लालच बढ़ गया। इसी आक्रोश में उन्होंने व्यक्ति को सूखी नदी क्षेत्र की ओर धक्का दे दिया, जहां वह पत्थरों पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपियों ने पत्थर से उसके सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी और उसके पास मौजूद पैसे लेकर फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि मृतक की शिनाख्त अभी भी नहीं हो पाई है और उसकी पहचान के प्रयास जारी हैं। यह मामला इसलिए भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है क्योंकि मृतक के पास कोई पहचान पत्र या ऐसा सामान नहीं मिला जिससे उसकी पहचान की जा सके। पुलिस आसपास के राज्यों और जिलों से भी गुमशुदा लोगों के रिकॉर्ड खंगाल रही है।
इसी बीच उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक और आपराधिक घटना सामने आई है। रामनगर कोतवाली क्षेत्र के शांति कुंज रोड इलाके में एक महिला दुर्गा देवी अपने घर के पास खेत में पानी दे रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंचे और अचानक झपट्टा मारकर उनके गले से मंगलसूत्र लूटकर फरार हो गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि महिला को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत पड़ोस में रहने वाली वार्ड सदस्य रेखा देवी को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है, जिससे पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर लुटेरों की तलाश में जुट गई है और आसपास के इलाकों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया गया है।
इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नशे और अपराध का गठजोड़ किस तरह से समाज में गंभीर घटनाओं को जन्म दे रहा है। हरिद्वार में जहां एक अज्ञात व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई, वहीं रामनगर में दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात ने स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई कर रही है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



