उत्तर प्रदेश: भीषण गर्मी का कहर, बांदा में 45°C के करीब पारा, प्रयागराज और वाराणसी भी तपे

उत्तर प्रदेश में गर्मी ने अब अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के मध्य में ही तापमान जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसने लोगों को बेहाल कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि कुछ जगहों पर यह 45 डिग्री के करीब दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में लू चलने की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। किसी भी प्रकार की बारिश या बादल की गतिविधि न होने के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल कोई सक्रिय मौसम तंत्र मौजूद नहीं है, जिससे निकट भविष्य में राहत की उम्मीद कम है।
सबसे ज्यादा गर्मी बांदा में दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य तापमान से करीब 3.2 डिग्री अधिक है। वहीं प्रयागराज में तापमान 43 डिग्री और वाराणसी में 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा झांसी, आगरा और सोनभद्र जैसे जिलों में भी तापमान 41 से 42 डिग्री के बीच बना रहा।
प्रदेश के अन्य जिलों जैसे लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, अलीगढ़ और मेरठ में भी तापमान 40 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया। इस तेज गर्मी के कारण दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।
राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां शुक्रवार को आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा कम है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति है। जब तक कोई सक्रिय मौसम प्रणाली विकसित नहीं होती, तब तक गर्मी से राहत मिलना मुश्किल है। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर अतुल सिंह का कहना है कि अगले 2-3 दिनों तक तापमान में और वृद्धि हो सकती है और लू चलने की स्थिति बन सकती है।
हालांकि, 3 से 4 दिनों के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे हवाओं की दिशा में परिवर्तन होगा और कुछ स्थानों पर हल्के बादल भी छा सकते हैं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। लेकिन इस दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है, इसलिए लोगों को ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
तेज गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, खासकर 12 बजे से 4 बजे के बीच। यदि बाहर निकलना जरूरी हो, तो सिर और शरीर को पूरी तरह ढककर रखें। सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनना बेहतर रहेगा। साथ ही, शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए नियमित रूप से पानी, छाछ, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी को चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत छांव में जाएं और पानी पिएं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में यह और तेज हो सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है, ताकि इस भीषण गर्मी से खुद को सुरक्षित रखा जा सके।



