
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर सोशल मीडिया पर पहचान छिपाकर युवतियों को जाल में फंसाने वाले ‘सिंडिकेट’ और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ इंस्टाग्राम पर अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर एक नाबालिग छात्रा को प्रेम जाल में फंसाने, उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करने और अंततः धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव बनाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ पहचान छिपाने का खेल
मामले का विवरण देते हुए ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने बताया कि पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी की पहचान मोनू शेख समीर (21 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी ने करीब दो साल पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से कक्षा 10वीं में पढ़ने वाली 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा से संपर्क साधा था।
सोशल मीडिया पर खुद को हिंदू बताकर और ‘मोनू’ नाम का उपयोग कर उसने छात्रा का विश्वास जीता। नाबालिग छात्रा आरोपी की असलियत से अनजान रही और उसे अपना हमधर्म समझकर बातचीत करती रही। धीरे-धीरे यह दोस्ती गहरी होती गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने छात्रा को शादी और प्रेम के झूठे वादों में उलझा लिया।
गाड़ी में दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप
पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी मोनू शेख अक्सर अपनी सफेद रंग की कार लेकर छात्रा के स्कूल या घर के पास पहुँच जाता था। बहला-फुसलाकर वह छात्रा को जटवाड़ा पुल और नहर पटरी जैसे सुनसान इलाकों में ले जाता था। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने कार के भीतर ही नाबालिग के साथ कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
जब छात्रा को कुछ समय पहले आरोपी के ‘समुदाय विशेष’ से होने का पता चला और उसने इस धोखे पर सवाल उठाए, तो आरोपी ने बेशर्मी से जवाब दिया कि यदि वह सच बता देता तो छात्रा उससे बात नहीं करती। इसके बाद आरोपी ने अपना असली रंग दिखाना शुरू किया और छात्रा पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
धर्म परिवर्तन का दबाव और मानसिक शोषण
इस मामले में सबसे गंभीर पहलू हरिद्वार लव जिहाद मामला के रूप में उभरकर सामने आया है, जहाँ आरोपी ने न केवल शारीरिक शोषण किया, बल्कि छात्रा की आस्था के साथ भी खिलवाड़ किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी मोनू शेख ने छात्रा को विभिन्न प्रलोभन दिए और उस पर मतांतरण के लिए इतना गहरा मानसिक दबाव बनाया कि वह घर छोड़ने और धर्म बदलने के लिए तैयार होने लगी थी।
परिजनों को जब छात्रा के व्यवहार में बदलाव महसूस हुआ और पूछताछ की गई, तो उसने रोते हुए अपनी पूरी आपबीती सुनाई। परिजनों का आरोप है कि यह सोची-समझी साजिश के तहत किया गया कृत्य है, जिसमें पहचान छिपाकर एक हिंदू नाबालिग को निशाना बनाया गया।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपी सलाखों के पीछे
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने तत्काल विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पोक्सो (POCSO) एक्ट और धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
कोतवाली प्रभारी ने पुष्टि की है कि, “पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी मोनू शेख समीर को गिरफ्तार कर लिया है। उससे गहन पूछताछ की गई है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।“
हरिद्वार की इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में पहचान का संकट कितना गहरा है। हरिद्वार लव जिहाद मामला सामने आने के बाद स्थानीय संगठनों में भी आक्रोश है। विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिग बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के अनियंत्रित उपयोग और अनजान लोगों से दोस्ती भविष्य में इस प्रकार के अपराधों को जन्म दे रही है।
पुलिस प्रशासन ने भी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नज़र रखें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में आने पर तुरंत संवाद करें। फिलहाल, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना में आरोपी का साथ देने वाले कुछ और लोग भी शामिल हैं या उसने पूर्व में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है।



