
हरिद्वार: आगामी होली के त्योहार और रमजान के पवित्र महीने को देखते हुए उत्तराखंड का खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह ‘अलर्ट मोड’ पर है। मिलावटखोरों के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत सोमवार को विभाग की टीम ने हरिद्वार के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान सराय क्षेत्र में एक गोदाम से भारी मात्रा में संदिग्ध पनीर बरामद किया गया, जबकि सिडकुल स्थित नामी कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स पर भी छापा मारकर सैंपल लिए गए। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के डेयरी संचालकों और खाद्य व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
सराय क्षेत्र में ‘पनीर के पहाड़’ पर छापा
सोमवार तड़के करीब 6 बजे, जब शहर जाग ही रहा था, खाद्य सुरक्षा विभाग की एक संयुक्त टीम ने सराय क्षेत्र में पनीर के एक बड़े गोदाम पर धावा बोल दिया। इस टीम का नेतृत्व गढ़वाल मंडल के उपायुक्त आरएस रावत और जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी कर रहे थे।
टीम ने जब गोदाम के डीप फ्रीजरों की जांच की, तो वहां लगभग 5 क्विंटल (500 किलो) पनीर स्टोर किया हुआ मिला। विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि इस क्षेत्र में बाहरी राज्यों से लाकर भारी मात्रा में मिलावटी पनीर का स्टॉक किया जा रहा है, जिसे त्योहारों के दौरान ऊंचे दामों पर खपाने की योजना थी।
मथुरा कनेक्शन और कागजी अनियमितता
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि यह पनीर मथुरा (उत्तर प्रदेश) की एक डेयरी से मंगाकर हरिद्वार में डंप किया गया था। गोदाम मालिक मौके पर पनीर की खरीद-फरोख्त से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज (इनवॉइस) पेश नहीं कर पाया। साथ ही, डेयरी के लाइसेंस में भी कई तकनीकी खामियां पाई गईं।
आरएस रावत (उपायुक्त, खाद्य सुरक्षा) ने बताया, “गोदाम में पनीर बनाया नहीं जा रहा था, बल्कि बाहर से लाकर केवल स्टोरेज किया जा रहा था। चूंकि मालिक के पास क्रय-विक्रय का कोई रिकॉर्ड नहीं था, इसलिए पनीर की बिक्री पर फिलहाल 3 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है। हमने पनीर की गुणवत्ता जांचने के लिए दो सैंपल लिए हैं, जिन्हें रुद्रपुर लैब भेजा गया है।”
रिलायंस और ब्लिंकिट (Blinkit) भी जांच के घेरे में
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम केवल स्थानीय डेयरियों तक ही सीमित नहीं रही। टीम ने सिडकुल क्षेत्र स्थित रिलायंस के बल्क डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर का भी गहन निरीक्षण किया।
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सैंपलिंग: टीम ने इन सेंटरों से मैदा, सूजी, खाद्य तेल और त्योहारों की विशेष मिठाई ‘गुजिया’ के सैंपल लिए।
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नोटिस: ब्लिंकिट स्टोर पर निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के क्रय-विक्रय से संबंधित इनवॉइस (बिल) उपलब्ध नहीं थे। इस गंभीर लापरवाही पर विभाग ने ब्लिंकिट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों पर मिलावट का ‘जहर’ बेचने वालों की खैर नहीं
होली और रमजान के मद्देनजर खाद्य तेल, खोया, पनीर और मसालों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। हरिद्वार में इससे पहले भी मिलावटी कोल्ड ड्रिंक और दूषित मसालों के मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में एक कोल्ड ड्रिंक यूनिट को गंदगी पाए जाने पर बंद भी कराया गया था।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और कैलाशचंद टम्टा ने बताया कि इस बार विभाग ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। विभाग की पैनी नजर उन सप्लायर्स पर है जो मथुरा, हाथरस और मेरठ जैसे इलाकों से सस्ता और मिलावटी पनीर लाकर देवभूमि की जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
विभाग की अपील और आगामी रणनीति
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने स्पष्ट किया, “होली और आगामी चारधाम यात्रा सीजन को देखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। हम केवल छापेमारी ही नहीं कर रहे, बल्कि विक्रेताओं को स्वच्छता के मानकों का पालन करने की हिदायत भी दे रहे हैं। सैंपल फेल होने की स्थिति में सीधे मुकदमा दर्ज किया जाएगा।”
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह:
खाद्य विभाग ने जनता से भी सतर्क रहने की अपील की है:
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पनीर या खोया खरीदते समय उसकी सुगंध और बनावट की जांच करें।
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बहुत अधिक सफेद और चिकना पनीर मिलावटी हो सकता है (आमतौर पर डिटर्जेंट या यूरिया का संकेत)।
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खुले के बजाय ब्रांडेड या भरोसेमंद डेयरी से ही सामान खरीदें और बिल जरूर मांगें।
हरिद्वार में प्रशासन की इस सख्ती ने साफ कर दिया है कि त्योहारों की खुशी में जहर घोलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब सबकी नजरें रुद्रपुर लैब से आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि सराय का यह ‘पनीर भंडार’ सेहतमंद है या जानलेवा।



