नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इस समय मानो भट्टी की तरह तप रही है। आसमान से बरसती आग और सड़कों से उठती खौलती हीटवेव ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। ऐसे भीषण और जानलेवा मौसम में भी जो जांबाज चौराहों पर खड़े होकर दिल्ली की रफ्तार को थमने नहीं देते, यानी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवान, उनके लिए प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और राहत भरी पहल की है। कड़कती धूप में आठ-आठ घंटे की थका देने वाली ड्यूटी करने वाले इन पुलिसकर्मियों को भीषण गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए अब आधुनिक तकनीकों से लैस ‘एसी (AC) हेलमेट’ और ‘पोर्टेबल पंखे’ दिए गए हैं।
सड़कों पर धूल, धुएं और चिलचिलाती धूप के बीच खड़े रहने वाले जवानों के लिए यह हाईटेक गैजेट्स किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक इस अनूठे और मानवीय कदम की जमकर सराहना की जा रही है।
क्या है पूरा मामला और कैसे काम करता है यह ‘एसी हेलमेट’?
सड़क पर कानून-व्यवस्था और यातायात सुचारू रखना कोई आसान काम नहीं है, खासकर तब जब पारा 45 डिग्री के आसपास मंडरा रहा हो। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस के आधुनिकीकरण विंग ने इस विशेष कूलिंग प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई है।
वर्तमान में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस एसी हेलमेट का इस्तेमाल एक प्रायोगिक (Testing) चरण के रूप में कर रही है। इस तकनीक की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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इन-बिल्ट वेंटिलेशन सिस्टम: इन हेलमेट्स के भीतर एक विशेष प्रकार का कूलिंग पैड और वेंटिलेशन मैकेनिज्म लगा होता है जो सिर के तापमान को बाहर के वातावरण की तुलना में काफी कम रखता है।
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पोर्टेबल पंखों का सपोर्ट: हेलमेट के साथ-साथ जवानों को कमर पर बांधने वाले पोर्टेबल चार्जिंग पंखे भी दिए जा रहे हैं, जो सीधे उनकी वर्दी के भीतर ठंडी हवा फेंकते हैं।
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बैटरी बैकअप: ये गैजेट्स रीचार्ज होने वाली लाइटवेट बैटरियों पर काम करते हैं, जिससे जवानों को लंबे समय तक बिना किसी रुकावट के ठंडी हवा मिलती रहती है।
ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि यह ट्रायल पूरी तरह से सफल रहता है और जवानों के स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जाता है, तो बेहद जल्द इसे सभी चौराहों पर तैनात जवानों के लिए स्थाई तौर पर अनिवार्य और उपलब्ध करा दिया जाएगा।
दिल्ली में ‘सीवियर हीटवेव’ का टॉर्चर: 45 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को फिलहाल गर्मी से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। सोमवार को भी शहर के अधिकांश हिस्सों में भयंकर लू (Heatwave) से लेकर अत्यंत गंभीर लू (Severe Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी।
मौसम का ताजा अनुमान: “आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की आशंका है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जिससे रातें भी काफी गर्म और बेचैन करने वाली होंगी।”
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 24 मई से लेकर 27 मई तक दिल्ली-एनसीआर में जबरदस्त गर्मी का यह दौर अपने चरम पर रहेगा। इस दौरान शुष्क पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों को और अधिक तपाएंगी। हालांकि, स्काईमेट और आईएमडी के कयासों के मुताबिक, 28 मई के बाद आंशिक रूप से बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है, जिससे तापमान में दो से तीन डिग्री की मामूली गिरावट आ सकती है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की सख्त सलाह: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
दिल्ली की यह जानलेवा गर्मी हर साल देश में दर्जनों लोगों की सनस्ट्रोक (लू लगना) और डिहाइड्रेशन के कारण जान ले लेती है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने आम जनता के लिए एक जरूरी गाइडलाइन जारी की है:
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पीक आवर्स में इनडोर रहें: दोपहर 12:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे के बीच जब सूरज की किरणें सबसे तीखी और हानिकारक होती हैं, तब बिना किसी बेहद जरूरी काम के घर या दफ्तर से बाहर न निकलें।
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हाइड्रेशन है जरूरी: यदि बाहर निकलना अपरिहार्य हो, तो अपने साथ पानी की बोतल, ग्लूकोज, नींबू पानी या छाछ अवश्य रखें। थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहें।
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सुरक्षात्मक गियर: सूती और ढीले कपड़े पहनें, चेहरे को स्कार्फ या सूती कपड़े से ढकें, चश्मे और छतरी का उपयोग जरूर करें।
एक सराहनीय कदम, जो अन्य राज्यों के लिए बनेगा नजीर
भीषण गर्मी के इस दौर में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस एसी हेलमेट और पोर्टेबल कूलिंग सिस्टम का यह प्रयोग केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि अपने कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। कंक्रीट के जंगलों और गाड़ियों से निकलने वाले साइलेंसर के धुएं के बीच खड़े जवानों के लिए यह तकनीक उनके जीवन की रक्षा करने वाली साबित होगी।
राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली पुलिस का यह कदम देश के अन्य गर्म राज्यों (जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात) के गृह विभागों के लिए भी एक नजीर बनेगा, ताकि वहां भी फील्ड में काम करने वाले फ्रंटलाइन पुलिसकर्मियों को ऐसी आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। फिलहाल, दिल्ली के चौराहों पर इन एसी हेलमेट्स को पहने मुस्तैद जवान आधुनिक भारत की एक नई और संवेदनशील तस्वीर पेश कर रहे हैं।



