By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: ‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > ‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
देशफीचर्डराजनीति

‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील

The Hill India News
Last updated: July 21, 2026 11:06 am
The Hill India News
Published: July 21, 2026
Share
SHARE

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। कोलकाता में आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं पर जमकर निशाना साधा। ममता ने कहा कि जिन नेताओं ने उनकी पार्टी के चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की, वही बाद में उन्हें छोड़कर चले गए और उनकी “पीठ में खंजर घोंप दिया।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए हैं, उन्हें भविष्य में किसी भी परिस्थिति में दोबारा टीएमसी में शामिल नहीं किया जाएगा।

अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पार्टी के कई सांसद और नेता टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। उनके अनुसार इन नेताओं ने जनता से तृणमूल कांग्रेस के नाम पर वोट हासिल किए, लेकिन बाद में राजनीतिक स्वार्थ के कारण पार्टी का साथ छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास के साथ ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और ऐसे नेताओं के लिए टीएमसी के दरवाजे हमेशा के लिए बंद रहेंगे।

ममता बनर्जी ने भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर भाजपा में गए हैं, वे भ्रष्टाचार में शामिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ऐसे लोगों को अपने साथ लेकर राजनीति कर रही है। अपने भाषण के दौरान उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद का भी उल्लेख करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, तो यह बेहद गंभीर विषय है।

टीएमसी प्रमुख ने यह भी दावा किया कि भविष्य में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दे सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि एक दिन जनता के सामने यह भी स्पष्ट होगा कि चुनावों में किस प्रकार की अनियमितताएं हुईं। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत साक्ष्य सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए।

अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने यह आरोप भी लगाया कि उनकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले कभी उन्होंने जांच एजेंसियों की इतनी सक्रियता नहीं देखी थी। उनके अनुसार विपक्षी नेताओं पर लगातार दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक विरोधियों को विभिन्न माध्यमों से परेशान किया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

इस दौरान उन्होंने दिल्ली में चल रहे आंदोलन का भी जिक्र किया और कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह स्वयं भी उसमें शामिल होने जाएंगी। उन्होंने कहा कि वह पहले से ही इस आंदोलन के समर्थन में हैं और आगे भी लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए होने वाले शांतिपूर्ण आंदोलनों का समर्थन करती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर अपनी एकजुटता दिखाई है।

ममता बनर्जी ने अपने भाषण में विपक्षी दलों से एक बार फिर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के लिए सभी विपक्षी दलों को अपने मतभेद भुलाकर साथ आना होगा। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस और वाम दलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए व्यापक विपक्षी एकता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। इसलिए सभी दलों को व्यक्तिगत मतभेद और राजनीतिक अहंकार से ऊपर उठकर साझा रणनीति बनानी चाहिए। ममता ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से किसी प्रकार का अहंकार नहीं है और यदि किसी अन्य दल या नेता के मन में ऐसा भाव है तो उसे भी त्याग देना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए मजबूत विपक्ष तैयार किया जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह बयान केवल पश्चिम बंगाल की राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता के प्रयासों का भी संकेत देता है। टीएमसी प्रमुख लगातार भाजपा पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं और विभिन्न विपक्षी दलों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर देती रही हैं।

फिलहाल ममता बनर्जी के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। एक ओर उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा में जाने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की अपील भी दोहराई। आने वाले समय में इन बयानों का राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर क्या असर पड़ता है, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी।

You Might Also Like

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी 23 सितंबर को सभी राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे
हिमाचल प्रदेश : हिमाचल दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश.
Goa National Sports 2023 में उत्तराखंड की पुरुष टीम ने जीता कांस्य पदक
उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा एक्शन: चुनाव आयोग ने 17 राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया रद्द, अब नहीं लड़ पाएंगे चुनाव; 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा फैसला
EVM पर कांग्रेस प्रमुख राहुल गाँधी का बड़ा बयान, बोले- “पूरा देश कह रहा- EVM में ही है कमी”
TAGGED:BJPMamata Banerjeeopposition unityTMCWest Bengal
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डविदेश

450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका

The Hill India News
The Hill India News
September 5, 2026
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
नौ साल से खाली लोकायुक्त का पद, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा; बीजेपी बोली- भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर कार्रवाई से मचा सियासी घमासान, इकरा हसन को रोका गया; भारी पुलिस फोर्स तैनात
पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
‘मिशन यूपी’ पर कांग्रेस का बड़ा दांव! 7 सितंबर से मुजफ्फरनगर में किसान यात्रा का आगाज, पश्चिम से पूर्वांचल तक गूंजेंगे किसानों के मुद्दे
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?