By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?

The Hill India News
Last updated: July 21, 2026 1:17 pm
The Hill India News
Published: July 21, 2026
Share
SHARE

नैनीताल: नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, पुलिस की कार्यप्रणाली और मौलिक अधिकारों के हनन को लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक मामले में कड़ा रुख अपनाया है। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी को चलती ट्रेन के डिब्बे से जबरन उठाकर हिरासत में लेने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।

Contents
क्या है पूरा मामला? संसद से लेकर बॉर्डर तक अलर्ट का असरहाईकोर्ट में याचिका: परिवार की चिंता और मौलिक अधिकारों का हननसरकार की सफाई: दिल्ली पुलिस के नोटिस का दिया हवालाहाईकोर्ट के तीखे सवाल: “आपको कैसे पता कि वे प्रोटेस्ट में ही जा रहे थे?”नागरिकों की आजादी बनाम पुलिस की शक्तियां

न्यायमूर्ति रवींद्र मैठानी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार सहित सभी संबंधित पक्षकारों को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तिथि तय की है।

क्या है पूरा मामला? संसद से लेकर बॉर्डर तक अलर्ट का असर

मामले के अनुसार, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उप्प) के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी 19 जुलाई की शाम ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। उनकी यात्रा का उद्देश्य प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन तथा छात्रों की शिक्षा संबंधी मांगों को लेकर दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेना था। प्रभात ध्यानी ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी साझा की थी, जिसमें उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली जाने की जानकारी दी थी।

हालांकि, ट्रेन रवाना होने से पहले ही उत्तराखंड पुलिस अचानक रेल के डिब्बे में दाखिल हुई और प्रभात ध्यानी को जबरन अपने साथ ले गई। इसके बाद उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर रखा गया, उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया और परिवारजनों को उनकी कोई जानकारी नहीं दी गई।

हाईकोर्ट में याचिका: परिवार की चिंता और मौलिक अधिकारों का हनन

प्रभात ध्यानी के इस तरह अचानक गायब किए जाने और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय सचिव लाल मणि ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। याचिका में कहा गया कि एक वयस्क और जिम्मेदार नागरिक को बिना किसी ठोस आपराधिक आधार के रेलवे स्टेशन से इस तरह हिरासत में लेना संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का सीधा हनन है।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रभात ध्यानी नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के उद्देश्य से भी जा रहे थे। पुलिस द्वारा उनका फोन छीन लेने और किसी अज्ञात स्थान पर ले जाने से उनके परिजनों को अत्यधिक मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। याचिका में मांग की गई कि बिना किसी वैध कारण के इस प्रकार की कार्रवाई करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

सरकार की सफाई: दिल्ली पुलिस के नोटिस का दिया हवाला

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने घटना की स्थिति स्पष्ट करते हुए अदालत को बताया कि पुलिस ने प्रभात ध्यानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 172 के तहत एहतियातन कार्रवाई की है।

राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि प्रभात ध्यानी दिल्ली में छात्रों और सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने जा रहे थे। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी राज्यों की पुलिस को नोटिस भेजा था। इस नोटिस में कहा गया था कि जो भी व्यक्ति दिल्ली में आयोजित होने वाले इस बड़े विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहा हो, उन्हें संबंधित राज्य अपने ही बॉर्डर इलाकों में रोक दें। सरकार का दावा था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।

हाईकोर्ट के तीखे सवाल: “आपको कैसे पता कि वे प्रोटेस्ट में ही जा रहे थे?”

राज्य सरकार की दलीलों पर असंतोष व्यक्त करते हुए न्यायमूर्ति रवींद्र मैठानी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत की टिप्पणी ने पुलिसिया तंत्र के अधिकारों की सीमा पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया।

खंडपीठ ने राज्य सरकार से सीधे सवाल पूछे:

  • “आखिर किस नियम के तहत और किस अपराध के आधार पर एक नागरिक को चलती रेल से उठा लिया गया?”

  • “आपको यह कैसे निश्चित रूप से पता चला कि वे केवल विरोध प्रदर्शन में ही शामिल होने जा रहे थे?”

  • “क्या यह देश के आम नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन नहीं है? क्या अब नागरिक अपनी मर्जी से कहीं आ-जा भी नहीं सकते?”

अदालत के इन कड़े सवालों ने स्पष्ट कर दिया कि किसी एडवाइजरी या आशंका के नाम पर नागरिकों के मौलिक अधिकारों और आवाजाही की आजादी पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती।

नागरिकों की आजादी बनाम पुलिस की शक्तियां

नैनीताल हाईकोर्ट की यह सख्त टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश भर में नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और आवाजाही के अधिकारों पर प्रशासनिक बंदिशों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। किसी राजनीतिक या सामाजिक कार्यकर्ता को केवल इस आधार पर यात्रा करने से रोकना कि वह किसी प्रदर्शन में शामिल हो सकता है, लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत माना जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में यह तय होगा कि दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी के नाम पर राज्य पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई कानून के दायरे में थी या यह अधिकारों का अतिक्रमण था। फिलहाल, हाईकोर्ट के कड़े रुख से राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन बैकफुट पर नजर आ रहा है।

You Might Also Like

लेह में भूकंप: तड़के 3.54 बजे हिली लद्दाख की धरती, रिक्टर स्केल पर 4.1 की तीव्रता; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग
Breaking News: इस विभाग में ट्रांसफर, देखें पूरी लिस्ट।
सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ देश का ‘सुरक्षा कवच’; PM मोदी ने किया HPV टीकाकरण अभियान का आगाज, हल्द्वानी में CM धामी ने थामी कमान
‘सवेरा प्रकाश’ पाकिस्तान में पहली हिंदू महिला है, जिन्होंने चुनाव के लिए भरा है नामांकन, जानिए कौन हैं वो
MS Dhoni जल्द करेंगे एक्टिंग में डेब्यू, पत्नी साक्षी ने किया बड़ा खुलासा
TAGGED:Nainital High Court police strict remarkPrabhat Dhyani Rishikesh railway station arrestSonam Wangchuk Delhi protest arrestUttarakhand High Court Prabhat Dhyani caseUttarakhand Parivartan Party protest news
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता

The Hill India News
The Hill India News
October 19, 2026
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर देश की सियासत गरम, CJP के दो नेता तिहाड़ जेल पहुंचे; राहुल गांधी से केजरीवाल तक ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के किसान से उत्तराखंड के राजभवन तक! कौन हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए विधायक से सांसद और राज्यपाल बनने तक का पूरा सफर
उत्तराखंड में ई-चालान काटना आसान, वसूली बनी बड़ी चुनौती! अब बकाया जुर्माना नहीं भरने वालों की RC, फिटनेस और वाहन ट्रांसफर सेवाओं पर लग सकती है रोक
हरिद्वार में धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक से पहले मां गंगा की शरण में पहुंचे CM धामी और मंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च से हाई अलर्ट! राजीव चौक समेत 6 मेट्रो स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें पूरा अपडेट
‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब! वीकेंड पर 11 अक्टूबर तक ट्रैफिक प्लान लागू, भारी वाहनों की एंट्री बंद; जानें कहां होगी पार्किंग और किन रास्तों से गुजरेंगे वाहन
कैंसर से जंग लड़ रही महिला पर दोहरी मार! तिलवाड़ा में खुदाई से चार मंजिला मकान पर मंडराया खतरा, बेबस प्रभा सकलानी ने CM धामी से लगाई न्याय की गुहार
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?