देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 22 जुलाई के लिए देश के लगभग 20 राज्यों में बारिश और कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में अगले 24 घंटे मौसम बेहद सक्रिय रहने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और यातायात बाधित होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 23 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन फिलहाल अगले 24 घंटे राजधानी के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रह सकती है, जबकि 22 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 24 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। कई जिलों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बिहार में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में 22 से 24 जुलाई तक अच्छी बारिश होगी। कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार बारिश से नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना है, इसलिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
करीब दस दिनों के अंतराल के बाद मध्य प्रदेश में भी मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, उज्जैन, देवास, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, होशंगाबाद, नरसिंहपुर, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, आगर मालवा और आसपास के कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है, जिसके चलते लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में भी मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं के कारण राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और बीकानेर संभाग के कई जिलों में हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। हाल के दिनों में भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि कई क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश इस समय सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी, चंबा, कुल्लू और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। शिमला जिले के ठियोग उपमंडल सहित कई क्षेत्रों में एहतियातन शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। राज्य में कई स्थानों पर भूस्खलन, सड़कें बंद होने और अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
उत्तराखंड में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। चारधाम यात्रा मार्गों सहित कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दे चुका है।
इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का प्रभाव देखने को मिलेगा। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। विशेष रूप से शहरी इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय मानसूनी ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई है और बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण वर्षा गतिविधियां तेज हुई हैं। यही कारण है कि उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में एक साथ व्यापक बारिश देखने को मिल रही है। यदि यही स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रहती है तो कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर न जाएं, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। आने वाले 24 से 48 घंटे देश के कई राज्यों के लिए मौसम की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव होगी।
