हरिद्वार: उत्तराखंड के मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय घाटियों तक कृषि और बागवानी के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात हो रहा है। धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित भव्य ‘आम महोत्सव’ के मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के कृषि परिदृश्य को बदलने और किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए कई महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान और बागवान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत हैं, और हरिद्वार राज्य के इस नए विकास मॉडल की पहचान बनकर उभर रहा है।
कांवड़ यात्रा की विशाल प्रशासनिक तैयारियों के बीच आयोजित इस महोत्सव में मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी का बारीक अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय किसानों, फल उत्पादकों और बागवानी विशेषज्ञों से सीधा संवाद कर उनके सुझाव सुने और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए उनकी सराहना की।
स्वाद और गुणवत्ता में बेमिसाल हरिद्वार के आम: सब्सिडी योजनाओं से मिलेगा संबल
महोत्सव के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार में उत्पादित आम अपनी स्वाद, मिठास और गुणवत्ता के मामले में देश के किसी भी अन्य क्षेत्र से पीछे नहीं हैं। यहाँ प्रदर्शित आम की दुर्लभ और उन्नत प्रजातियाँ राज्य की समृद्ध बागवानी क्षमता की एक स्पष्ट झलक पेश करती हैं।
कृषि और बागवानी को राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल खोखले वादे नहीं कर रही, बल्कि धरातल पर सब्सिडी और संसाधन उपलब्ध करा रही है।
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एप्पल और कीवी मिशन: राज्य सरकार एप्पल मिशन के तहत बागवानों को 70 से 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है।
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फोकस फसलें: कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, सुगंधित एवं औषधीय पौधों के लिए ‘महक क्रांति’ को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
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प्राकृतिक परफ्यूम और एग्रो-प्रोसेसिंग: बिना रसायनों के तैयार होने वाले प्राकृतिक परफ्यूम और एग्रो-बेस्ड प्रोडक्ट्स की मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है, जिसे राज्य में व्यापक समर्थन दिया जा रहा है।

‘हिमालय ब्रांड’ और मातृशक्ति की मेहनत को मिल रही वैश्विक पहचान
उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘हिमालय ब्रांड’ की सफलता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी ब्रांड ने राज्य की स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को देश-दुनिया के बाजारों से सीधे जोड़ दिया है।
वैज्ञानिक पैकेजिंग, सख्त गुणवत्ता नियंत्रण और ब्रांडिंग के चलते आज उत्तराखंड के स्थानीय जैविक उत्पादों की वैल्यूएशन मार्केट में कई गुना बढ़ गई है। स्थानीय उत्पादकों को सीधा बाजार मिलने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो रही है, जिससे किसानों और मातृशक्ति को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल पा रहा है।
ऐतिहासिक सुधारों से बनी नई मिसाल: यूसीसी से लेकर मदरसा शिक्षा बोर्ड तक
कृषि और बागवानी के विकास के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा लिए गए साहसिक और नीतिगत फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज देश के अन्य राज्यों के लिए नीतिगत सुधारों का रोल मॉडल बन चुका है।
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समान नागरिक संहिता (UCC): आजादी के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बना।
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सख्त कानून: देश का सबसे कठोर ‘नकल विरोधी कानून’ और प्रभावकारी ‘धर्मांतरण विरोधी कानून’ लागू कर व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया।
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शिक्षा व्यवस्था में सुधार: सभी वर्गों के बच्चों को आधुनिक और समान शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए मदरसा शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए नया ‘शिक्षा प्राधिकरण’ गठित किया गया है, जिसमें सभी अल्पसंख्यक समुदायों का समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।
सतत विकास और राष्ट्रीय पुरस्कार: खनन में 200 करोड़ का प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन और सतत विकास के रुझानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सतत विकास लक्ष्य (SDG), पर्यटन, निवेश, मत्स्य पालन और खनन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उत्तराखंड राष्ट्रीय स्तर पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
विशेष रूप से, खनन क्षेत्र में पारदर्शी नीतियों और उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड को 200 करोड़ रुपये का विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि हरिद्वार को इस विकास यात्रा का नेतृत्व करना होगा और यहाँ चल रहे बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्य किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होने दिए जाएंगे।
दिग्गजों की मौजूदगी और प्रशासनिक मुस्तैदी
हरिद्वार के इस विशाल आयोजन में राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा, विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, डॉ. मधु, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, और नगर निगम की मेयर किरण जैसल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशासनिक स्तर पर गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, सचिव विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यवस्थाएं संभालीं। आम महोत्सव जैसे आयोजनों ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय उपज को जब सही मंच और सरकारी सहायता मिलती है, तो वे राज्य की प्रगति का सबसे बड़ा जरिया बन जाते हैं।
