डोईवाला। लच्छीवाला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के सामने राज्यमार्ग पर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों के कारण स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। विद्यालय के बिल्कुल नजदीक से गुजरने वाले राज्यमार्ग पर वाहनों की गति अधिक होने के चलते छोटे-छोटे छात्र-छात्राओं के सड़क पार करने के दौरान दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने लोक निर्माण विभाग से तत्काल प्रभाव से विद्यालय के सामने सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
इस संबंध में मोहित उनियाल ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग के नाम डोईवाला स्थित संबंधित विभाग के कार्यालय में प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने विद्यालय के सामने राज्यमार्ग के दोनों ओर तत्काल स्पीड ब्रेकर अथवा रम्बल स्ट्रिप बनाए जाने की मांग की है, ताकि तेज गति से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार नियंत्रित की जा सके और स्कूली बच्चों को सड़क पार करते समय सुरक्षित वातावरण मिल सके।
मोहित उनियाल ने कहा कि लच्छीवाला का राजकीय प्राथमिक विद्यालय राज्यमार्ग के बिल्कुल किनारे स्थित है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे बच्चे पढ़ने के लिए आते-जाते हैं। विद्यालय आने-जाने के दौरान बच्चों को सड़क पार करनी पड़ती है और इसी दौरान तेज गति से गुजरने वाले वाहनों के कारण हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती, ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि किसी संभावित हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही जरूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। विद्यालय के सामने स्पीड ब्रेकर, रम्बल स्ट्रिप, स्पष्ट ‘स्कूल जोन’ संकेतक और सावधानी संबंधी बोर्ड लगाए जाने से वाहन चालकों को पहले से सतर्क किया जा सकता है। इससे वाहनों की गति कम होगी और बच्चों के साथ होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में काफी मदद मिल सकती है।
मोहित उनियाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह विषय किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जनहित का मामला है। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे स्थित विद्यालयों के आसपास विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। यदि किसी दिन तेज रफ्तार वाहन के कारण कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो उसके बाद कार्रवाई करने से बच्चों की जान वापस नहीं लाई जा सकती। इसलिए विभाग को किसी दुर्घटना का इंतजार किए बिना समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा, “बच्चों की सुरक्षा किसी भी विकास कार्य से अधिक महत्वपूर्ण है। प्रशासन को किसी दुर्घटना के बाद जागने की बजाय पहले ही सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए। लच्छीवाला प्राथमिक विद्यालय के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग पूरी तरह जनहित और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी है। यदि यहां कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इसलिए विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।”
उन्होंने लोक निर्माण विभाग से मांग की कि विद्यालय के दोनों ओर जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर या रम्बल स्ट्रिप का निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही सड़क पर पर्याप्त चेतावनी संकेतक, ‘स्कूल जोन’ बोर्ड और अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उनका कहना है कि इन व्यवस्थाओं से वाहन चालकों को विद्यालय क्षेत्र में अपनी गति कम करने का स्पष्ट संदेश मिलेगा और बच्चों के लिए सड़क को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
मोहित उनियाल ने यह भी कहा कि विद्यालयों के आसपास सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। खासकर प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोक निर्माण विभाग इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द मौके का निरीक्षण करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।
इस दौरान परवादून कांग्रेस जिला महासचिव अमित सैनी, कांग्रेस मंडलम अध्यक्ष तेजपाल सिंह मोंटी, नंदन नेगी, हर्षित उनियाल सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी विद्यालय के सामने सड़क सुरक्षा के इंतजाम जल्द किए जाने की मांग का समर्थन किया।
अब देखना होगा कि लोक निर्माण विभाग इस मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है। फिलहाल लच्छीवाला प्राथमिक विद्यालय के सामने स्कूली बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी यह सवाल उठने लगा है कि क्या किसी हादसे का इंतजार किए बिना विद्यालय के सामने स्पीड ब्रेकर और सुरक्षा संकेतक लगाए जाएंगे?
