देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून के दौरान लगातार बारिश के बीच जल जनित और मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने और साफ-सफाई प्रभावित होने से डायरिया, पेचिश, टाइफाइड, हैजा, पीलिया और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं दूसरी ओर जमा पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों को सतर्क रहने और बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग को इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के माध्यम से मिलने वाली साप्ताहिक रिपोर्टों में जल एवं मच्छर जनित बीमारियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी के आधार पर विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ घर और आसपास के वातावरण की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। विभाग का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इन बीमारियों के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है।
डेंगू के 138 मामले, 127 मरीज हुए ठीक
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक 138 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 127 मरीज स्वस्थ होकर ठीक हो चुके हैं, जबकि 11 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है। सामने आए कुल मामलों में 67 मामले देहरादून से और 71 मामले प्रदेश के अन्य जिलों से सामने आए हैं।
डेंगू की जांच को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। प्रदेश में अब तक 26 हजार 358 सैंपल डेंगू की जांच के लिए लिए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश में मलेरिया का एक मामला और चिकनगुनिया के 82 मामले भी सामने आ चुके हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की अपील की है।
बासी और खुले में बिकने वाले खाने से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि मॉनसून के दौरान खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतें। लंबे समय से रखा हुआ या बासी भोजन खाने से बचें। इसके अलावा सड़क किनारे या बाजार में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी सावधानी से करें।
अधपका भोजन भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए भोजन को अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए। तरबूज, खरबूज, गन्ने का रस और अन्य खुले में मिलने वाली खाद्य सामग्री का सेवन तभी करें, जब उनकी साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर पूरी तरह संतुष्ट हों।
स्वास्थ्य विभाग ने ठंडी चीजों में इस्तेमाल होने वाली बर्फ को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऐसी बर्फ बनाने में अगर दूषित पानी का इस्तेमाल हुआ हो तो उससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बाहर मिलने वाले पेय पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली बर्फ के सेवन से बचना बेहतर है।
पीने के पानी को लेकर बरतें खास सावधानी
मॉनसून के दौरान दूषित पानी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पीने और खाना बनाने के लिए साफ एवं सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करने को कहा है। घर में पानी को अच्छी तरह उबालकर इस्तेमाल करना सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
यदि पानी को क्लोरीनयुक्त करने की आवश्यकता हो तो स्वास्थ्य कर्मियों के निर्देश के अनुसार ही क्लोरीन की गोलियों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बिना जानकारी या जरूरत से ज्यादा क्लोरीन का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को हाथों की सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। शौचालय के इस्तेमाल के बाद और भोजन करने से पहले साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत बीमारी से बचाव में काफी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद ही खाना चाहिए।
घर के आसपास पानी जमा हुआ तो बढ़ सकता है डेंगू का खतरा
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए सबसे जरूरी कदम मच्छरों को पनपने से रोकना है। इसके लिए घर और आसपास कहीं भी पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। पानी की टंकियों और पानी रखने वाले सभी बर्तनों को अच्छी तरह ढककर रखना जरूरी है।
घर में रखे गमलों के नीचे पानी जमा करने वाली ट्रे लगाने से भी बचने की सलाह दी गई है। गमलों में अगर पानी जमा हो रहा है तो उसे नियमित रूप से खाली करें। इसके अलावा फ्रिज के पीछे जमा पानी, कूलर, गुलदस्ते, मनी प्लांट और अन्य पौधों में मौजूद पानी की भी नियमित रूप से जांच करनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ऐसे स्थानों को सप्ताह में कम से कम एक बार पूरी तरह खाली करके साफ और सूखा रखना चाहिए, जहां पानी जमा होने की संभावना रहती है। थोड़ी मात्रा में जमा हुआ पानी भी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है।
पुराने टायर और कबाड़ को खुले में न रखें
घर के आसपास पड़ी बेकार चीजों पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पुराने टूटे बर्तन, खाली बोतल, डिब्बे, बेकार टायर और ऐसी अन्य वस्तुएं जिनमें बारिश का पानी जमा हो सकता है, उन्हें खुले में नहीं रखना चाहिए।
इन वस्तुओं में जमा पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के पनपने का कारण बन सकता है। इसलिए बारिश के मौसम में घर के आसपास सफाई रखना बेहद जरूरी है। कूड़े और कबाड़ को निर्धारित स्थान पर ही रखें और पानी जमा होने वाली वस्तुओं को हटा दें।
मच्छरों से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
मच्छरों से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। आवश्यकता के अनुसार मच्छर भगाने वाले साधनों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। घर की खिड़कियों और दरवाजों के आसपास भी सफाई रखें और जहां संभव हो वहां मच्छरों के प्रवेश को रोकने के उपाय करें।
लोगों को ऐसे कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, जिससे शरीर का अधिक से अधिक हिस्सा ढका रहे। खासकर बच्चों को मच्छरों से बचाना जरूरी है। परिवार के सभी सदस्यों को यह जानकारी होनी चाहिए कि घर के आसपास पानी जमा होने देना डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
तेज बुखार को न समझें सामान्य
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। तेज बुखार के साथ सिरदर्द, बदन और मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
ये लक्षण डेंगू सहित अन्य संक्रामक बीमारियों में भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए घर पर खुद से इलाज करने या बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए। खासकर बुखार की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि डेंगू की जांच सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति में डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल में जाकर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
मॉनसून के दौरान बीमारियों का खतरा केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। अगर प्रत्येक परिवार अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दे, साफ पानी का इस्तेमाल करे, भोजन को ढककर रखे और साफ-सफाई का ध्यान रखे तो कई संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्वयं भी जागरूक रहें और अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी जल एवं मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें। बारिश के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बीमारी का कारण बन सकती है, जबकि समय पर की गई सावधानी परिवार को गंभीर संक्रमण से बचा सकती है।
प्रदेश में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत है। साफ पानी, स्वच्छ भोजन, नियमित सफाई और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाकर मॉनसून के दौरान खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।
