
नई दिल्ली: भारतीय उपमहाद्वीप में इस समय प्रकृति के दो बेहद विरोधाभासी और अलग-अलग रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। देश का एक हिस्सा जहां भीषण गर्मी और ‘नौतपा’ के चलते भट्टी की तरह तपने को तैयार है, वहीं दूसरे हिस्से में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज मूसलाधार बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज यानी 25 मई से देश में आधिकारिक रूप से ‘नौतपा’ की शुरुआत हो रही है, जिसके कारण अगले नौ दिनों तक सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ेंगी और मैदानी इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की जा सकती है।
लेकिन इस भीषण संकट के बीच मौसम विभाग ने एक बड़ी राहत और चेतावनी का मिलाजुला डबल अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और हिमाचल प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में अगले 4 से 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। वहीं, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नौतपा का सितम: दिल्ली-NCR में लू के साथ धूलभरी आंधी का तांडव
राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में रहने वाले लोगों के लिए अगले तीन दिन (25 मई से 27 मई) बेहद भारी गुजरने वाले हैं। मौसम विभाग ने इस अवधि के लिए ‘भीषण लू’ (Severe Heatwave) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप और गर्म थपेड़ों के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो जाएगा।
हालांकि, तपती दिल्ली के लिए आज (25 मई) की शाम कुछ अलग अनुभव लेकर आ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार:
“शाम के वक्त दिल्ली-एनसीआर में अचानक मौसम करवट ले सकता है। इस दौरान 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज धूलभरी आंधी (Dust Storm) के साथ हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक होने की संभावना है, जो तापमान में तात्कालिक गिरावट ला सकती है।”
उत्तर प्रदेश और बिहार: गर्मी, उमस और बारिश का त्रिकोणीय मुकाबला
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में इस समय मौसम का मिलाजुला और अजीब असर देखने को मिल रहा है। राजधानी लखनऊ, औद्योगिक क्षेत्र नोएडा और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी समेत राज्य के अधिकांश पश्चिमी और मध्य जिलों में 28 मई तक भीषण लू और धूलभरी तेज हवाएं चलने का दौर जारी रहेगा। इसके विपरीत, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में 25 से 29 मई के बीच बादलों की आवाजाही के साथ तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे वहां के लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
पड़ोसी राज्य बिहार की बात करें तो पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और गया समेत कई जिलों में इस समय लोग भीषण उमस (Humid Heat) से बेहाल हैं। बिहार में पारा भले ही बहुत ज्यादा न बढ़े, लेकिन हवा में नमी के कारण पसीने वाली गर्मी लोगों को परेशान करेगी। राहत की बात यह है कि पूरे राज्य में 25 से 28 मई तक आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
राजस्थान और पंजाब में पारा 45 पार, झारखंड में वज्रपात की आशंका
मरुस्थलीय राज्य राजस्थान में इस समय आज का मौसम और नौतपा का सबसे क्रूर रूप देखने को मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी 30 मई तक पूरे राजस्थान में भीषण लू (Heatwave) का कहर रहेगा और इस दौरान दिन भर धूलभरी आंधियां चलती रहेंगी। वहीं, पंजाब में भी 28 मई तक भीषण गर्मी का रेड/ऑरेंज अलर्ट है, हालांकि 28 से 30 मई के बीच पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पंजाबवासियों को बारिश की फुहारें राहत दे सकती हैं।
उधर, पूर्वी भारत के झारखंड राज्य में रांची, धनबाद और जमशेदपुर समेत कई हिस्सों में 30 मई तक दोहरा मौसम देखने को मिलेगा। यहां कुछ इलाकों में जहां लू का असर रहेगा, वहीं दूसरी ओर दोपहर बाद तेज आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की भी भारी आशंका जताई गई है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज: उत्तराखंड में ओलावृष्टि का अलर्ट
यदि आप गर्मियों की छुट्टियों में पहाड़ों की ओर रुख करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। देवभूमि उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 29 मई तक ऊंचाई वाले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) की आशंका जताई है। इसके अलावा, पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी 30 मई तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे, तेज बर्फीली हवाएं चलेंगी और गरज के साथ बौछारें पड़ने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। पर्यटकों को संवेदनशील मार्गों पर न जाने की सलाह दी गई है।
केरल में मानसून की दस्तक, पूर्वोत्तर में मूसलाधार आफत
इस पूरी तपिश के बीच देश के लिए सबसे सुखद खबर दक्षिण भारत से आ रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में अपनी तय रफ्तार से काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में अगले 4-5 दिनों तक मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इस दौरान तटीय इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी तेज हवाएं चलने की आशंका है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। मानसून की यह त्वरित प्रगति इस बात का संकेत है कि जून के प्रथम सप्ताह तक यह देश के अन्य हिस्सों को भी अपनी शीतल फुहारों से सराबोर करना शुरू कर देगा। तब तक, आज का मौसम और नौतपा के इस दौर में डॉक्टरों ने सभी को अत्यधिक पानी पीने, हाइड्रेटेड रहने और दोपहर की सीधी धूप से बचने की सलाह दी है।



