
भारत और नेपाल के रिश्तों के बीच उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई जब Nepal Airlines ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए एक नेटवर्क मैप में जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखा दिया। इस गंभीर गलती के सामने आने के बाद भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स में भारी नाराजगी देखने को मिली और देखते ही देखते मामला अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया। बढ़ते विरोध और आलोचनाओं के बाद आखिरकार नेपाल एयरलाइंस को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एयरलाइन ने अपने अंतरराष्ट्रीय रूट और नेटवर्क को दिखाने वाला एक मैप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर पोस्ट किया। लोगों ने जैसे ही उस मैप को गौर से देखा, उन्हें पता चला कि भारत के अभिन्न अंग जम्मू-कश्मीर को गलत तरीके से पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। भारतीय यूजर्स ने इसे केवल तकनीकी गलती मानने से इनकार करते हुए एयरलाइन पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का अपमान करने का आरोप लगाया।
कुछ ही घंटों में #BoycottNepalAirlines सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। बड़ी संख्या में लोगों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को टैग करते हुए नेपाल एयरलाइंस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कई यूजर्स ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय कंपनी या एयरलाइन को भारत के नक्शे और सीमाओं के साथ इस तरह की लापरवाही करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कुछ लोगों ने इसे जानबूझकर की गई हरकत बताया, जबकि कुछ ने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना गलती कहा।
विवाद बढ़ता देख नेपाल एयरलाइंस ने तुरंत अपनी विवादित पोस्ट हटा दी। इसके बाद एयरलाइन की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया गया, जिसमें भारत और भारतीय नागरिकों से माफी मांगी गई। एयरलाइन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनके सोशल मीडिया चैनलों पर साझा किए गए नेटवर्क मैप में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को लेकर गंभीर त्रुटियां थीं और यह नेपाल सरकार या नेपाल एयरलाइंस की आधिकारिक स्थिति को नहीं दर्शाता है। कंपनी ने कहा कि जैसे ही गलती की जानकारी मिली, पोस्ट को तुरंत हटा दिया गया और पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई।
नेपाल एयरलाइंस ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह भारत सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ मजबूत और सकारात्मक संबंधों को बेहद महत्व देती है। एयरलाइन ने कहा कि अगर इस पोस्ट से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उसे इसका गहरा खेद है। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए सोशल मीडिया सामग्री की जांच प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाएगा।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में किसी भी संस्था की छोटी सी गलती भी बड़ा विवाद बन सकती है। खासतौर पर जब मामला किसी देश की सीमाओं और संप्रभुता से जुड़ा हो, तब लोगों की संवेदनाएं और भी अधिक जुड़ जाती हैं। भारत में जम्मू-कश्मीर को लेकर पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और संस्थाएं विवादों में फंस चुकी हैं। कई बार गलत नक्शे दिखाने पर कंपनियों को माफी मांगनी पड़ी है और कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हुई है।
भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से बेहद मजबूत माने जाते हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा और गहरे सामाजिक संबंध हैं। ऐसे में नेपाल एयरलाइंस की इस गलती को लेकर भारत में नाराजगी और भी अधिक देखने को मिली। हालांकि एयरलाइन द्वारा तुरंत पोस्ट हटाने और सार्वजनिक माफी मांगने के बाद विवाद कुछ हद तक शांत होता दिखाई दे रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर अभी भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और संस्थाओं को किसी भी प्रकार की आधिकारिक सामग्री साझा करने से पहले तथ्यों और मानचित्रों की पूरी तरह जांच करनी चाहिए, क्योंकि ऐसी गलतियां केवल तकनीकी भूल नहीं बल्कि कूटनीतिक तनाव का कारण भी बन सकती हैं।



