पटना: बिहार में केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित मद्य निषेध, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन रविवार को राजधानी पटना के दो प्रमुख रेलवे स्टेशनों— दानापुर और पाटलिपुत्र— पर अभूतपूर्व और हिंसक हंगामा देखने को मिला। परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना होने वाले हजारों परीक्षार्थियों की भीड़ उस समय उग्र हो गई, जब समय पर ट्रेनें उपलब्ध नहीं होने या उनके अत्यधिक विलंब से चलने की अफवाहें और सूचनाएं सामने आईं।
देखते ही देखते गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया और स्टेशनों पर जमकर तोड़फोड़ की। इस हिंसक झड़प और पथराव में रेलवे आईजी जितेंद्र राणा और कई थानों के थाना प्रभारियों (एसएचओ) समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। रविवार सुबह तक भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका, लेकिन स्टेशनों पर बिखरे पत्थरों और टूटे हुए शीशों के टुकड़े रात भर चले इस तांडव की गवाही दे रहे हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद? आधी रात से सुलग रही थी चिंगारी
प्राप्त विवरण के अनुसार, रविवार (14 जून) से शुरू हो रही बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा हंगामा की पृष्ठभूमि शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को ही तैयार होने लगी थी। सीमांचल, मधुबनी, दरभंगा और अररिया रूट की ट्रेनों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए हजारों की संख्या में अभ्यर्थी पाटलिपुत्र और दानापुर स्टेशनों पर डेरा डाले हुए थे।
तड़के सुबह जब परीक्षार्थियों को लगा कि ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी लेट हैं और वे समय पर परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच पाएंगे, तो उनका धैर्य जवाब दे गया। अभ्यर्थियों का आरोप था कि इतनी बड़ी परीक्षा के लिए प्रशासन और रेलवे द्वारा परिवहन के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में कथित छात्र रेलवे ट्रैक पर बैठ गए और रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इंजन पर चढ़े प्रदर्शनकारी, रोकी गुड्स ट्रेन
हंगामा इस कदर बढ़ा कि कुछ लोग प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेनों और पटरियों पर खड़ी एक मालगाड़ी (गुड्स ट्रेन) के आगे आ गए। कुछ हिंसक तत्व रेलवे के इलेक्ट्रिक इंजन के ऊपर चढ़ गए और उसके शीशे चकनाचूर कर दिए। इस वजह से बैकअप के तौर पर आ रही अन्य स्पेशल ट्रेनों के परिचालन में भी भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ।
#WATCH | Patna DM Dr. Thiyagarajan says, "Around midnight, we received information that some people were creating a disturbance. We repeatedly requested them not to cause a ruckus and to cooperate with the examinees who wished to take the exam. However, certain anti-social… https://t.co/2ieqtruNFy pic.twitter.com/Ml5R400xfW
— ANI (@ANI) June 14, 2026
‘परीक्षा रद्द कराना ही मुख्य उद्देश्य था’— आईजी रेलवे का बड़ा दावा
घटना के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए आईजी रेलवे ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी गहरी साजिश या शरारती तत्वों के हाथ होने की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि रात के समय सीमांचल और मधुबनी स्पेशल ट्रेनें आकर लगी थीं, जिन्हें दरभंगा और अररिया की तरफ जाना था।
आईजी रेलवे ने कहा:
“लास्ट मोमेंट पर यानी करीब पौने बारह बजे के आसपास 300 से 400 की संख्या में कुछ छात्र किस्म के लोग स्टेशन पर पहुंचे। उनके हाव-भाव और गतिविधियों को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा था कि वे परीक्षा देने आए हैं, बल्कि उनका मुख्य उद्देश्य बाकी वास्तविक परीक्षार्थियों को डिस्टर्ब करना था। उन्होंने नई स्पेशल ट्रेन की डिमांड रखी, जिसे रेलवे ने स्वीकार करते हुए एक घंटे में उपलब्ध कराने की घोषणा भी करवा दी। लेकिन इस बीच इन लोगों ने एक मालगाड़ी को रोक दिया, जिससे स्पेशल ट्रेन के आने का रास्ता ब्लॉक हो गया।”
आईजी ने आगे बताया कि रात 2 बजकर 10 मिनट पर जब स्पेशल ट्रेन पहुंच गई, तब डीजीपी के निर्देशानुसार छात्रों से इस ट्रेन में बैठने की अपील की गई। उन्हें यह भरोसा भी दिया गया कि यदि वे लेट होते हैं तो परीक्षा री-शेड्यूल करने या अन्य विकल्प देने पर विचार होगा। ट्रेन उन्हें महज साढ़े चार घंटे में अररिया पहुंचा देती, लेकिन वे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। बार-बार परीक्षा रद्द करने की मांग से साफ है कि वे इस परीक्षा को पूरी तरह से बाधित (वेंडलाइज) करना चाहते थे।
हल्के बल प्रयोग के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य: पटना डीएम
पूरे मामले पर पटना के जिलाधिकारी (DM) डॉ. त्यागराजन ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। आधी रात के आसपास जैसे ही हंगामे की खबर मिली, प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया।
डीएम डॉ. त्यागराजन के अनुसार:
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“हमने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बार-बार अपील की कि वे कानून को हाथ में न लें और जो वास्तविक छात्र परीक्षा देना चाहते हैं, उनके रास्ते में रोड़ा न अटकाएं।”
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“कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बार-बार इमरजेंसी वैक्यूम/चेन पुलिंग की जा रही थी। दो स्पेशल ट्रेनें पहले से उपलब्ध होने के बावजूद नई मांगें रखी जा रही थीं।”
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“जब उपद्रवियों ने शांतिपूर्वक जाने वाले छात्रों को भी जबरन रोकना शुरू कर दिया, तब कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।”
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“अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, सभी ट्रेनें अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुकी हैं और रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य है।”
4128 पदों पर होनी है भर्ती, 17 जून तक चलेगी परीक्षा
गौरतलब है कि केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित की जा रही यह लिखित परीक्षा काफी बड़े पैमाने पर हो रही है। इसके तहत मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल (जेल वार्डन) और चलंत दस्ता सिपाही के कुल 4,128 रिक्त पदों पर भर्ती की जानी है।
रविवार को पहली शिफ्ट के बाद अब दूसरी शिफ्ट के परीक्षार्थियों के लिए भी ट्रेनों का आवागमन जारी है। स्टेशनों पर अभी भी भारी भीड़ देखी जा रही है, जिसे देखते हुए दानापुर और पाटलिपुत्र स्टेशनों समेत पटना के सभी प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। रेल पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने छात्रों की आड़ में इस सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
