खटीमा (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय खटीमा प्रवास के दौरान सीमांत क्षेत्र बग्घा चौवन में आयोजित एक भव्य जनसभा को संबोधित किया। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के सफल कार्यकाल को रेखांकित करने के लिए आयोजित इस विशेष जनसंपर्क अभियान का शीर्षक “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” रखा गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री का सीमांत वासियों ने पारंपरिक छोलिया नृत्य और थारू जनजातीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ बेहद गर्मजोशी और पुष्पमालाओं से ऐतिहासिक स्वागत किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भावुक और आक्रामक दोनों नजर आए। उन्होंने कहा कि खटीमा उनकी कर्मभूमि रही है और अपने दो दिवसीय प्रवास की शुरुआत इस पवित्र बग्घा चौवन क्षेत्र से करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जहां एक ओर वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती साख और केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का जिक्र किया, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य हित में लिए गए कड़े और ऐतिहासिक फैसलों का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने रखा।
वैश्विक पटल पर भारत का उदय और मातृशक्ति का सशक्तीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने गौरवमयी 12 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन 12 वर्षों का कालखंड देश के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो चुका है क्योंकि इस दौरान ऐसे ऐतिहासिक, साहसिक और दूरगामी निर्णय लिए गए जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। आज भारत आंतरिक और बाहरी दोनों मोर्चों पर एक महाशक्ति और मजबूत पहचान के साथ उभरकर सामने आया है।
सीएम धामी ने बुनियादी स्तर पर आए बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा,
“प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2014 में पदभार ग्रहण करने के बाद किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नीतियां बनाईं। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान शुरू किया गया, जिसने हमारी बेटियों के लिए शिक्षा और प्रगति के नए द्वार खोले हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को एक जनआंदोलन का रूप दिया, जिससे करोड़ों ग्रामीण महिलाओं को खुले में शौच की विवशता से मुक्ति मिली और उनका सम्मान सुरक्षित हुआ। इसी तरह, ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ ने ग्रामीण माताओं-बहनों को चूल्हे के जानलेवा धुएं से आजादी दिलाई, जबकि ‘हर घर जल’ योजना के माध्यम से आज उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी और जल संकट वाले क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल सीधे नलों से पहुंच रहा है।

संकट काल में संबल बनीं स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के भीषण दौर को याद करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया इस सदी की सबसे बड़ी त्रासदी से कांप रही थी, वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं ध्वस्त हो रही थीं और लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा था, तब भारत के प्रधानमंत्री ने देश के किसी भी नागरिक को भूखा न सोने देने का संकल्प लिया था। इसी मानवीय दृष्टिकोण के साथ ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ की शुरुआत की गई, जिसके तहत आज भी देश के करोड़ों जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र की क्रांति का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि ‘आयुष्मान भारत योजना’ आज दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा गारंटी योजना बन चुकी है। उत्तराखंड सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिक को पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा दी है, जिससे गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कर्ज के जाल में नहीं फंसना पड़ता।
महामारी के दौरान भारत के वैज्ञानिक कौशल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल रिकॉर्ड समय में दो स्वदेशी कोरोना वैक्सीन तैयार कीं, बल्कि देशवासियों को मुफ्त टीकाकरण का सुरक्षा कवच भी प्रदान किया। इतना ही नहीं, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और विश्व बंधुत्व की भावना का परिचय देते हुए भारत ने दुनिया के दर्जनों जरूरतमंद देशों को भी वैक्सीन की खेप भेजी, जिसने वैश्विक मंच पर भारत की छवि को एक संकटमोचक के रूप में स्थापित किया।
उत्तराखंड में कड़े फैसले: यूसीसी और देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून
केंद्र सरकार की उपलब्धियों को राज्य सरकार के प्रयासों से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए कई साहसिक कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार ने देवभूमि के मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखने और सभी नागरिकों को समान अधिकार देने के उद्देश्य से ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) को लागू करने का ऐतिहासिक मार्ग प्रशस्त किया है।
युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा:
“हमारी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हमने देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया। इसका नतीजा आज सबके सामने है; सालों से युवाओं का हक मारने वाले बड़े-बड़े नकल माफिया आज सलाखों के पीछे हैं। राज्य में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।”
मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता को आश्वस्त किया कि बग्घा चौवन और संपूर्ण खटीमा क्षेत्र के विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं, जैसे सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।

गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक जनसभा के दौरान मंच पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री रंजीत सिंह नामधारी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, राजपाल सिंह, विमला बिष्ट, सोमनाथ मौर्य, पूर्व मंत्री मोहन सिंह चुफाल और देवेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इसके साथ ही प्रशासनिक अमले से मुख्य विकास अधिकारी (CDO) देवेश शाशनी, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. के.के. अग्रवाल, उपजिलाधिकारी (SDM) तुषार सैनी और हिमांशु कफल्टिया सहित भारी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, थारू समाज के प्रबुद्ध जन और हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
