
हरिद्वार: उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में पिछले कुछ समय से सक्रिय ‘बाज गैंग’ (Baaz Gang) के खौफनाक मंसूबों पर पुलिस ने पानी फेर दिया है। रानीपुर कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों पर जानलेवा हमला करने और सरेराह फायरिंग करने के मामले में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन बालिग और दो नाबालिग शामिल हैं। यह गैंग न केवल जमीनी स्तर पर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी दहशत का साम्राज्य फैला रहा था।
भेल फाउण्ड्री गेट पर हुआ था खूनी संघर्ष
घटनाक्रम के अनुसार, 21 अप्रैल की रात भेल फाउण्ड्री गेट के पास सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की आवाज ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था। यहाँ ड्यूटी कर रहे दो युवकों पर घात लगाकर बैठे आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल लाठी-डंडों और चाकुओं से मारपीट की, बल्कि दहशत फैलाने के लिए अवैध तमंचों से फायरिंग भी की।
इस हमले में वंश नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावरों की एक गोली वंश के हाथ में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में घायल को अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इस दुस्साहसिक वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर आ गया।
इंस्टाग्राम से चलता था दहशत का खेल
एसएसपी हरिद्वार, नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हरिद्वार बाज गैंग गिरफ्तारी अभियान के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं। पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी नशे (स्मैक) के आदी हैं और इन्होंने अपना वर्चस्व कायम करने के लिए ‘BAAZ’ नाम से एक गैंग बनाया हुआ है।
हैरत की बात यह है कि इस गैंग ने इंस्टाग्राम पर अपना एक आधिकारिक अकाउंट बना रखा था। यहाँ वे अवैध हथियारों के साथ वीडियो और रील पोस्ट करते थे, ताकि युवाओं के बीच अपनी धाक जमा सकें और लोगों को डरा-धमका सकें। पुलिस ने अब इस मामले में आईटी एक्ट की धाराएं बढ़ा दी हैं और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स को डिलीट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुरानी रंजिश और वर्चस्व की जंग
जांच में यह बात सामने आई कि ‘बाज गैंग’ के खिलाफ थाना ज्वालापुर और कोतवाली हरिद्वार में पहले से ही लड़ाई-झगड़े की कई शिकायतें दर्ज थीं। पीड़ित युवक वंश इन मामलों में गवाह था। गैंग के सदस्यों को डर था कि वंश की गवाही उनके लिए मुसीबत बन सकती है। इसी रंजिश के चलते और इलाके में अपना ‘खौफ’ बरकरार रखने के लिए उन्होंने 21 अप्रैल की रात इस खूनी वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस की घेराबंदी और बरामदगी
वारदात के बाद एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने 22 अप्रैल की रात मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की। पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के सक्रिय सदस्य फरहान, अनमोल और सागर उर्फ पहाड़ी को धर दबोचा। इनके साथ दो नाबालिगों को भी संरक्षण में लिया गया है।
पुलिस द्वारा बरामदगी का विवरण:
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फरहान और अनमोल: कब्जे से दो अवैध देशी तमंचे और एक जिंदा कारतूस बरामद।
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सागर उर्फ पहाड़ी: एक अवैध धारदार चाकू बरामद।
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नाबालिग आरोपी: इनके कब्जे से भी पुलिस ने दो चाकू बरामद किए हैं।
अपराध की दुनिया में कदम रखते नाबालिग
यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि किस तरह किशोर उम्र के लड़के ‘गैंग कल्चर’ और सोशल मीडिया की चकाचौंध में आकर अपराध की दलदल में फंस रहे हैं। ‘बाज गैंग’ के नाम पर इंस्टाग्राम पर हथियारों का प्रदर्शन करना और फिर असल जिंदगी में गोलियां चलाना, यह दर्शाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग किस हद तक बढ़ गया है।
एसएसपी की सख्त चेतावनी
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट किया है कि हरिद्वार में किसी भी प्रकार के ‘गैंग कल्चर’ को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “अपराधियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसी संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर हथियार चमकाने वाले और दहशत फैलाने वाले हर व्यक्ति पर पुलिस की पैनी नजर है। ‘बाज गैंग’ के अन्य सदस्यों की भी तलाश जारी है।”
इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस अब इनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुटी है, ताकि भविष्य में कोई भी युवा इस तरह के गिरोहों के बहकावे में न आए।



