By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड: बदरी-केदार ट्रेल पर ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ शुरू, 113 किमी की कठिन मैराथन में देशभर के 300 धावक शामिल
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड: बदरी-केदार ट्रेल पर ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ शुरू, 113 किमी की कठिन मैराथन में देशभर के 300 धावक शामिल
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड: बदरी-केदार ट्रेल पर ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ शुरू, 113 किमी की कठिन मैराथन में देशभर के 300 धावक शामिल

The Hill India News
Last updated: April 17, 2026 12:18 pm
The Hill India News
Published: April 17, 2026
Share
SHARE

उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार से बहुप्रतीक्षित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ की शुरुआत हो गई है। यह 113 किलोमीटर लंबी अल्ट्रा मैराथन बदरीनाथ धाम से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण बदरी-केदार ट्रेल पर आयोजित की जा रही है। इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में देशभर से लगभग 300 धावक हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें प्रोफेशनल रनर के साथ-साथ एडवेंचर प्रेमी भी शामिल हैं।

Contents
तीन चरणों में पूरी होगी 113 किलोमीटर की रेसकठिन भौगोलिक परिस्थितियों में होगी परीक्षासेना और स्थानीय प्रशासन की अहम भूमिकापर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावादेशभर से पहुंचे प्रतिभागी, महिलाओं की भी मजबूत भागीदारीपुरस्कार और प्रतिस्पर्धा

इस आयोजन का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पुराने तीर्थ मार्गों को फिर से सक्रिय करना भी है। सेना और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से इस इवेंट को एक बड़े पर्यटन और साहसिक खेल अभियान के रूप में विकसित किया जा रहा है।

तीन चरणों में पूरी होगी 113 किलोमीटर की रेस

‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ को तीन भागों में बांटा गया है ताकि धावकों की सहनशक्ति और रणनीति दोनों की परीक्षा हो सके। पहले दिन प्रतिभागी हेलंग से कलगोट तक लगभग 36 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। दूसरे दिन यह रेस कलगोट से आगे 39 किलोमीटर तक बढ़ेगी, जबकि तीसरे और अंतिम चरण में धावक उखीमठ तक करीब 38 किलोमीटर की दौड़ पूरी करेंगे।

पूरा मार्ग पुराने बदरी-केदार पैदल तीर्थ मार्ग पर आधारित है, जो सदियों पहले तीर्थ यात्रियों के लिए प्रमुख रास्ता हुआ करता था। यह मार्ग न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस रास्ते में पंच केदार से जुड़े प्रमुख स्थलों के दर्शन होते हैं।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में होगी परीक्षा

इस मैराथन को भारत की सबसे कठिन पहाड़ी अल्ट्रा रेस में से एक माना जा रहा है। ऊंचाई में लगातार बदलाव, संकरी पगडंडियां, चढ़ाई-उतराई, ऑक्सीजन की कमी और बदलता मौसम धावकों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। कई स्थानों पर ट्रेल बेहद फिसलन भरा और खड़ी ढलानों से युक्त है, जिससे प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक मजबूती की भी परीक्षा होती है।

आयोजन समिति के अनुसार, इस तरह की परिस्थितियों में दौड़ पूरी करना ही अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यही कारण है कि इसे केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक ‘एंड्योरेंस चैलेंज’ के रूप में देखा जा रहा है।

सेना और स्थानीय प्रशासन की अहम भूमिका

इस आयोजन में भारतीय सेना की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। पहले दिन के पड़ाव कलगोट में धावकों के ठहरने के लिए सेना की ओर से होमस्टे और अस्थायी आवास की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेडिकल सपोर्ट, ट्रैकिंग और सुरक्षा व्यवस्था में भी सेना और स्थानीय प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं।

आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य यह भी है कि दूरस्थ गांवों में जरूरी सुविधाओं का विकास हो और वहां रहने वाले लोगों को रोजगार के अवसर मिलें। रास्ते में पड़ने वाले गांवों में धावकों के ठहरने, भोजन और मार्गदर्शन की व्यवस्था से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल रहा है।

पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

इस मैराथन को पर्यटन विकास के एक नए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। सरकार और सेना की योजना है कि इस तरह के आयोजनों के जरिए उत्तराखंड के कम विकसित क्षेत्रों को साहसिक खेलों और इको-टूरिज्म का केंद्र बनाया जाए।

स्थानीय लोगों के लिए होमस्टे, गाइड सेवाएं और छोटे व्यापार के अवसर बढ़ने लगे हैं। कई गांवों में पहली बार इस तरह की गतिविधियों के कारण बाहरी पर्यटक और खिलाड़ी पहुंच रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

देशभर से पहुंचे प्रतिभागी, महिलाओं की भी मजबूत भागीदारी

इस प्रतियोगिता की खास बात यह है कि इसमें जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक के प्रतिभागी शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों से आए धावक इस चुनौती को स्वीकार कर अपने अनुभव को यादगार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। महिला धावकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय है, जो इस आयोजन को और अधिक समावेशी बनाती है।

पिछले संस्करण में यह आयोजन गंगोत्री-यमुनोत्री क्षेत्र में हुआ था, जबकि इस बार इसे बदरी-केदार ट्रेल पर स्थानांतरित किया गया है। नए रूट के कारण इस बार चुनौती और भी कठिन हो गई है, लेकिन प्रतिभागियों का उत्साह पहले से कहीं अधिक देखा जा रहा है।

पुरस्कार और प्रतिस्पर्धा

इस मैराथन में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों से 10 हजार रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया गया था। प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार भी निर्धारित किए गए हैं। पहले स्थान पर आने वाले धावक को 1 लाख रुपये, जबकि दूसरे स्थान के लिए 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों में अन्य प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया जाएगा।

You Might Also Like

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी एवं अन्य नेतागण संसद में दोपहर के भोजन में शामिल हुए जहां मिलेट्स से तैयार व्यंजन परोसे गए
नई दिल्ली : लद्दाख के उपराज्यपाल ब्रिगेडियर बी.डी.मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की
उत्तराखंड में दिवाली पर स्वच्छ हवा की मिसाल: ड्रोन, तकनीक और जनजागरूकता से वायु गुणवत्ता में रिकॉर्ड सुधार
अगस्त के पहले दिन मिली खुशखबरी, 100 रुपये सस्ता हुआ LPG सिलेंडर
हार के बाद भी परिवार की चिंता: बेटे और गर्लफ्रेंड को इशारा करते दिखे हार्दिक पंड्या, तस्वीरें वायरल
TAGGED:113km ChallengeBadri Kedar TrailChamoliSurya Devbhoomi Challenge 2.0Ultra MarathonUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरमाई, मुकदमों और वाहन जब्ती के आरोप पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान—“अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे”

The Hill India News
The Hill India News
September 5, 2026
450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
नौ साल से खाली लोकायुक्त का पद, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा; बीजेपी बोली- भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर कार्रवाई से मचा सियासी घमासान, इकरा हसन को रोका गया; भारी पुलिस फोर्स तैनात
पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?