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केदारनाथ यात्रा 2026: ‘ग्रीन और प्लास्टिक मुक्त’ यात्रा के संकल्प के साथ ग्राउंड जीरो पर उतरे सीएम धामी, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रुद्रप्रयाग/गुप्तकाशी। विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम की यात्रा का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आस्था और श्रद्धा के इस महाकुंभ के कपाट आगामी 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद कमान संभाल ली है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने किसी औपचारिक हवाई सर्वे के बजाय ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतरकर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग से व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है— इस बार की केदारनाथ धाम यात्रा 2026 न केवल सुगम होगी, बल्कि ‘ग्रीन और प्लास्टिक मुक्त’ होने का एक नया वैश्विक मानक भी स्थापित करेगी।

सड़क मार्ग से निरीक्षण: संवेदनशील क्षेत्रों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-107 का कार द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उन सभी तकनीकी और भौगोलिक पहलुओं को परखा जो यात्रा के दौरान चुनौती बन सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग और तिलवाड़ा के उन क्षेत्रों का जायजा लिया जहाँ से हाल ही में अतिक्रमण हटाया गया है।

बांसवाड़ा और कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन की दृष्टि से अति-संवेदनशील क्षेत्रों में उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सड़क के पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज और क्रैश बैरियर जैसे सुरक्षा उपायों को हर हाल में पूरा कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।

‘ग्रीन यात्रा’ और प्लास्टिक मुक्त धाम का संकल्प

इस वर्ष की यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण पर्यावरण संरक्षण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को पूरी तरह से ‘प्लास्टिक मुक्त’ रखा जाए। उन्होंने “ग्रीन यात्रा” के उद्देश्य को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील इस हिमालयी क्षेत्र में कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है, जिसे जनसहयोग और कड़े नियमों के माध्यम से हल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “केदारनाथ की मर्यादा और हिमालय की शुद्धता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि श्रद्धालु जब यहाँ से वापस जाएं, तो वे केवल बाबा केदार का आशीर्वाद लेकर जाएं, प्लास्टिक या कचरा पीछे न छोड़ें।”

समीक्षा बैठक: ‘मानवीय और धार्मिक पहलुओं का रखें ध्यान’

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने गुप्तकाशी में जनपद के उच्चाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि यात्रा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी श्रद्धालुओं के साथ बेहद सौम्य और मानवीय व्यवहार रखें। उन्होंने निम्नलिखित व्यवस्थाओं को तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए:

  • आपातकालीन सुविधाएं: लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों के पास स्थित पुलिस चौकियों में दवाइयां, पेयजल और फूड पैकेट का पर्याप्त स्टॉक।

  • यात्री शेड: हेलीपैड पर यात्रियों के लिए सुसज्जित शेड और पेयजल की व्यवस्था।

  • हेल्थ प्रोटोकॉल: मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पैदल मार्गों पर पर्याप्त संख्या में मेडिकल रिलीफ पोस्ट और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

वोकल फॉर लोकल: महिलाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री धामी ने इस बार यात्रा के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का ब्लूप्रिंट भी पेश किया। उन्होंने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” सरकार की प्राथमिकता है। यात्रा मार्ग पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों के आउटलेट्स लगाए जाएंगे। इससे न केवल श्रद्धालुओं को शुद्ध स्थानीय उत्पाद मिलेंगे, बल्कि पहाड़ की मातृशक्ति की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। प्रसाद से लेकर स्थानीय हस्तशिल्प तक, स्थानीयता को यात्रा का मुख्य हिस्सा बनाया जाएगा।

भ्रामक खबरों पर नकेल और गैस आपूर्ति की गारंटी

यात्रा से पूर्व अक्सर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक खबरों पर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि गलत सूचनाएं फैलाकर यात्रा में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

वहीं, गैस आपूर्ति पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए सीएम ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस आपूर्ति की मांग की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रा सीजन के दौरान होटल व्यवसायियों और श्रद्धालुओं को रसोई गैस की किसी भी प्रकार की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने यात्रा रूट पर सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स का विस्तृत खाका मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया।

सुगम और सुरक्षित यात्रा का भरोसा

22 अप्रैल से शुरू हो रही केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के लिए मुख्यमंत्री का ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतरना यह दर्शाता है कि सरकार इस बार किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती। ‘ग्रीन यात्रा’ का संकल्प और ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र इस यात्रा को एक नई पहचान देगा। बाबा केदार के दर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन अब पूरी तरह से ‘वेलकम मोड’ में है।

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