By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: पूर्व IPS लोकेश्वर सिंह के खिलाफ पिथौरागढ़ में मुकदमा दर्ज, निर्वस्त्र कर पीटने और धमकाने का है संगीन आरोप
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > पूर्व IPS लोकेश्वर सिंह के खिलाफ पिथौरागढ़ में मुकदमा दर्ज, निर्वस्त्र कर पीटने और धमकाने का है संगीन आरोप
उत्तराखंडफीचर्ड

पूर्व IPS लोकेश्वर सिंह के खिलाफ पिथौरागढ़ में मुकदमा दर्ज, निर्वस्त्र कर पीटने और धमकाने का है संगीन आरोप

The Hill India News
Last updated: April 24, 2026 1:57 am
The Hill India News
Published: April 24, 2026
Share
File Photo
SHARE

पिथौरागढ़ | विशेष संवाददाता देवभूमि उत्तराखंड के पुलिस महकमे से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने अनुशासन और कानून व्यवस्था के पैरोकारों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पिथौरागढ़ के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (SP) और 2014 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी लोकेश्वर सिंह की मुश्किलें अब कानूनी तौर पर बढ़ गई हैं। जिला न्यायालय के कड़े रुख के बाद पिथौरागढ़ कोतवाली में उनके खिलाफ मारपीट, अभद्रता और षड्यंत्र रचने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह मामला एक स्थानीय व्यापारी के साथ पुलिस कार्यालय में हुई कथित बर्बरता से जुड़ा है, जिसने अब एक बड़ा कानूनी मोड़ ले लिया है।

Contents
क्या है पूरा विवाद? गंदे पानी की शिकायत से शुरू हुई थी कहानीकोर्ट का हंटर: पुलिस की हीलाहवाली पर CJM सख्तराज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने भी माना ‘दोषी’कौन हैं लोकेश्वर सिंह? IPS से UN तक का सफरपुलिस प्रशासन में हड़कंप: जांच शुरू

क्या है पूरा विवाद? गंदे पानी की शिकायत से शुरू हुई थी कहानी

इस पूरे प्रकरण की नींव साल 2023 में पड़ी थी। मामले के अनुसार, पिथौरागढ़ के स्थानीय व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी ने आरोप लगाया था कि पुलिस क्वार्टर से निकलने वाला गंदा पानी उनकी कॉलोनी में बह रहा था, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जनहित से जुड़ी इसी समस्या की शिकायत लेकर लक्ष्मी दत्त जोशी 6 फरवरी 2023 को अपनी बेटी के साथ तत्कालीन पूर्व एसपी लोकेश्वर सिंह के कार्यालय पहुंचे थे।

व्यापारी का आरोप है कि समाधान के बजाय वहां उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें पुलिसकर्मियों द्वारा न केवल अपमानित किया गया, बल्कि कार्यालय परिसर के भीतर ही निर्वस्त्र कर पीटा गया। साथ ही, उन्हें भविष्य में झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी गई। इस घटना के बाद कराए गए मेडिकल परीक्षण में व्यापारी के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए थे, जिसने उनके दावों को मजबूती दी।

कोर्ट का हंटर: पुलिस की हीलाहवाली पर CJM सख्त

व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी ने आरोप लगाया था कि जब वे इस घटना की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने कोतवाली गए, तो पुलिस ने अपने ही बड़े अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया। न्याय की आस में व्यापारी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत का दरवाजा खटखटाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, पिथौरागढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह की अदालत ने 7 अप्रैल 2026 को ऐतिहासिक आदेश सुनाया। कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि पूर्व एसपी लोकेश्वर सिंह और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने धारा 323 (मारपीट), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 355 (अपमानित करने के इरादे से हमला), 504 (शांति भंग करने के लिए अपमान), 506 (आपराधिक धमकी), 392 (लूट) और 120-B (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की है।

राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने भी माना ‘दोषी’

यह मामला केवल अदालत तक ही सीमित नहीं रहा। पीड़ित लक्ष्मी दत्त जोशी ने इसकी शिकायत राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में भी की थी। प्राधिकरण ने पूरे मामले की गहनता से जांच की और अपनी रिपोर्ट में पूर्व एसपी लोकेश्वर सिंह को दोषी पाया। प्राधिकरण ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारी का व्यवहार मर्यादित नहीं था और उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। इसी आधार पर प्राधिकरण ने शासन से उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति भी की थी।

कौन हैं लोकेश्वर सिंह? IPS से UN तक का सफर

लोकेश्वर सिंह 2014 बैच के उत्तराखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने उत्तराखंड के महत्वपूर्ण जिलों जैसे हरिद्वार, देहरादून, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और पौड़ी में बतौर कप्तान और अन्य वरिष्ठ पदों पर सेवाएं दीं।

उनकी छवि एक तेज-तर्रार अधिकारी की रही थी, यही कारण था कि साल 2025 में जब वे पौड़ी के एसएसपी थे, तब उनका चयन संयुक्त राष्ट्र (UN) से संबद्ध एक अंतरराष्ट्रीय संगठन में हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय अवसर को चुनने के लिए लोकेश्वर सिंह ने अक्टूबर 2025 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, सेवा छोड़ने के बाद अब इस पुराने मामले ने उनकी कानूनी चुनौतियों को बढ़ा दिया है।

पुलिस प्रशासन में हड़कंप: जांच शुरू

पिथौरागढ़ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ललित मोहन जोशी ने पुष्टि की है कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए मामला पंजीकृत कर लिया गया है। अब पुलिस इस मामले में साक्ष्यों का संकलन करेगी और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। कानून के जानकारों का मानना है कि चूंकि अब पूर्व एसपी लोकेश्वर सिंह सेवा में नहीं हैं, इसलिए उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया और अधिक सख्ती से आगे बढ़ सकती है।

यह मामला इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र में कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न रहा हो, कानून से ऊपर नहीं है। एक साधारण व्यापारी की लड़ाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि साक्ष्य मजबूत हों, तो न्यायपालिका कार्यपालिका की मनमानी पर अंकुश लगाने में सक्षम है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विवेचना के दौरान पुलिस अपनी ही बिरादरी के पूर्व दिग्गज के खिलाफ कितनी पारदर्शिता से जांच करती है।

You Might Also Like

Uttarakhand: 1 जुलाई से लागू होने वाले नए आपराधिक कानूनो के लिए उत्तराखंड की तैयारी पूरी – मुख्य सचिव राधा रतूड़ी
बलात्कार मामले में सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश किया रद्द
सुरक्षाबलों ने पकड़ा दो चीनी नागरिकों को, कर रहे थे नेपाल के रास्ते भारत में अवैध घुसपैठ की कोशिश
West Bengal: राशन घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, टीएमसी नेता को किया गिरफ्तार
तमिलनाडु चुनाव 2026: क्या टूट जाएगा DMK-कांग्रेस का साथ? सीटों के फेर में फंसा ‘इंडिया’ गठबंधन, स्टालिन की चिदंबरम को दो टूक
TAGGED:IPS Lokeshwar Singh CaseMerchant Laxmi Dutt Joshi CasePithoragarh Police NewsQazam Pithoragarh OrderUttarakhand crime update
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
दुर्घटनादेशफीचर्ड

हिमाचल में दर्दनाक त्रासदी: लाहौल-स्पीति में चलती टैक्सी पर गिरी विशाल चट्टान, 13 यात्रियों की मौत से मचा कोहराम

The Hill India News
The Hill India News
July 24, 2026
बागेश्वर में भ्रष्टाचार पर विजिलेंस का बड़ा प्रहार: उरेडा परियोजना अधिकारी 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
कैलाश मानसरोवर झील में डुबकी पर रोक: बाल्टी से किया पवित्र स्नान, श्रद्धालुओं ने बताईं यात्रा की चुनौतियां और सुविधाओं की कमी
नीट पेपर लीक विवाद पर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच निर्णायक वार्ता: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी, कई मुद्दों पर बनी सहमति, आज फिर होगी अहम बैठक
8वें वेतन आयोग पर बड़ी हलचल: 7 और 10 अगस्त को दिल्ली में अहम बैठकें, कर्मचारियों और पेंशनर्स की बढ़ीं उम्मीदें
पेपर लीक पर सरकार का सबसे बड़ा प्रहार: 10 साल की जेल, 10 करोड़ रुपये जुर्माना, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए तीन महीने में फैसला
सोने में गिरावट, चांदी ने दिखाई दम: कुछ घंटों में बदली बाजार की चाल, निवेशकों की बढ़ी उलझन
26 दिन बाद टूटा सोनम वांगचुक का अनशन: संवाद की राह पर बढ़े कदम, फैसले पर छिड़ी तारीफ और आलोचना की बहस
‘मैंने ऐसा नहीं कहा था’: भ्रामक रिपोर्टिंग पर भड़के CJI सूर्यकांत, बोले- बिना याचिका कोई मामला सूचीबद्ध नहीं हो सकता
बजरंग सेतु पर बदलेगा श्रद्धालुओं का अनुभव: कांच वाले हिस्से पर शुल्क, कांवड़ यात्रा में रहेगा प्रतिबंध; सुरक्षा के लिए बनेगी मानक संचालन प्रक्रिया
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?