
देहरादून | ब्यूरो न्यूज़ उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का आगाज न केवल धार्मिक उत्साह के साथ हुआ है, बल्कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने शुरुआती दिनों में ही पिछले कई कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। हिमालय की गोद में स्थित चारों पवित्र धामों के कपाट खुलते ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग गया है। आलम यह है कि यात्रा शुरू होने के महज पांच दिनों के भीतर ही दर्शनार्थियों का कुल आंकड़ा 1 लाख 30 हजार को पार कर गया है। प्रशासन की चौकस व्यवस्था के बीच ‘जय बदरी-विशाल’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरी देवभूमि गुंजायमान है।
बाबा केदार के प्रति अटूट आस्था: दो दिनों में 63 हजार पार
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इस वर्ष भी बाबा केदारनाथ के प्रति भक्तों का विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है। चारधाम यात्रा 2026 के तहत केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। महज दो दिनों के भीतर ही यहाँ 63,252 श्रद्धालु माथा टेक चुके हैं। 23 अप्रैल (कपाट खुलने के दूसरे दिन) की बात करें तो कुल 25,252 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर हाजिरी लगाई, जिनमें 17,731 पुरुष, 7,382 महिलाएं और 139 बच्चे शामिल रहे। केदारघाटी में उमड़ती यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि कठिन भूगोल और विषम परिस्थितियों के बावजूद भक्तों का विश्वास अडिग है।
बदरीनाथ धाम: पहले ही दिन दर्शनों का ‘महाकुंभ’
भगवान विष्णु के आठवें वैकुंठ कहे जाने वाले बदरीनाथ धाम के कपाट गुरुवार, 23 अप्रैल को पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ खोले गए। कपाट खुलने के पहले ही दिन 14,091 श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल के निर्वाण दर्शन और अभिषेक के साक्षी बने। दर्शन करने वालों में 8,999 पुरुष, 3,994 महिलाएं और 1,098 बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बदरीनाथ की सुगम यात्रा और वहां के अलौकिक आध्यात्मिक वातावरण के कारण आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
गंगोत्री-यमुनोत्री: ‘मातृ शक्ति’ के चरणों में उमड़ी भीड़
चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। अब तक इन दोनों धामों में संयुक्त रूप से 53,496 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
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यमुनोत्री धाम: यहाँ अब तक कुल 27,384 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 23 अप्रैल को 5,616 लोगों ने मां यमुना की पूजा-अर्चना की।
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गंगोत्री धाम: गंगा के मायके में अब तक 26,112 श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई है। अकेले 23 अप्रैल को यहाँ 6,104 भक्तों का आगमन हुआ।
आंकड़ों की नजर में ‘पंच-दिवसीय’ महायात्रा
| धाम का नाम | कुल श्रद्धालु (5 दिन) | पुरुष (23 अप्रैल) | महिला (23 अप्रैल) | बच्चे (23 अप्रैल) |
| केदारनाथ | 63,252 (2 दिन) | 17,731 | 7,382 | 139 |
| यमुनोत्री | 27,384 | 2,968 | 2,480 | 168 |
| गंगोत्री | 26,112 | 3,350 | 2,590 | 164 |
| बदरीनाथ | 14,091 (1 दिन) | 8,999 | 3,994 | 1,098 |
| कुल योग | 1,30,839 | — | — | — |
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती, सुविधाओं पर जोर
जिस गति से चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, उसने उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन के सामने सुरक्षा व प्रबंधन की बड़ी चुनौती पेश की है। मुख्यमंत्री कार्यालय और पर्यटन विभाग पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। ऋषिकेश से लेकर धामों तक तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, पीने का पानी और रहने की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा और यात्रियों का यही उत्साह बरकरार रहा, तो इस वर्ष की यात्रा पिछले साल के 56 लाख के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकती है। यात्रा मार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में बीआरओ (BRO) की टीमें तैनात हैं, ताकि सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष गाइडलाइन
बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) के बिना यात्रा न करें। साथ ही, हिमालयी क्षेत्रों में बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है। चारधाम यात्रा 2026 न केवल उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक एकता का सबसे बड़ा संगम भी बन चुका है।
भक्ति, शक्ति और मुक्ति के इस महापर्व में अब तक 1,30,839 लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि सनातन संस्कृति के प्रति अटूट विश्वास नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अगले कुछ हफ्तों में यह भीड़ और बढ़ने की संभावना है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन ‘अतिथि देवो भव:’ के संकल्प के साथ डटा हुआ है।



