
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “आईटी हब” करार दिया। हालांकि यहां आईटी का मतलब सूचना तकनीक नहीं बल्कि “इंटरनेशनल टेररिज्म” यानी अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद बताया गया। उन्होंने कहा कि जहां भारत पूरी दुनिया में सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल विकास के लिए पहचाना जाता है, वहीं पाकिस्तान की पहचान आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देश के रूप में बन चुकी है।
रक्षा मंत्री दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद, भारत की सैन्य ताकत, ऑपरेशन सिंदूर और रक्षा निर्यात समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने साफ कहा कि भारत अब आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के बीच कोई फर्क नहीं करेगा। जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देंगे, उन्हें भी उसी नजर से देखा जाएगा जिस नजर से आतंकियों को देखा जाता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब पहले जैसा नहीं रहा। देश हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है और यदि कोई भारत की संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती देगा तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी सैन्य रणनीति और तकनीकी क्षमता को काफी मजबूत किया है।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का किया जिक्र
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में “ऑपरेशन सिंदूर” का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन केवल 72 घंटे में पूरा कर लिया गया, लेकिन इसकी तैयारी लंबे समय से चल रही थी। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत की रणनीतिक क्षमता, आधुनिक तकनीक और तीनों सेनाओं के समन्वय का शानदार उदाहरण था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने अपनी शर्तों पर रोका था। यह किसी दबाव या मजबूरी का परिणाम नहीं था। यदि जरूरत पड़ती तो भारत लंबे समय तक अभियान चलाने के लिए भी पूरी तरह तैयार था।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर काम किया। इससे यह साबित हुआ कि भारत की संयुक्त सैन्य शक्ति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल भारत की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है।
एआई और आधुनिक तकनीक का हुआ इस्तेमाल
रक्षा मंत्री ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया। एआई की मदद से आतंकियों की पहचान, उनकी गतिविधियों पर नजर और सटीक कार्रवाई करना आसान हुआ।
उन्होंने कहा कि आधुनिक निगरानी प्रणालियों ने भारतीय सेना की मारक क्षमता को काफी बढ़ा दिया है। इस ऑपरेशन में ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसने दुश्मन के ठिकानों को सटीक निशाना बनाया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य की लड़ाइयों में तकनीक की भूमिका बेहद अहम होने वाली है। भारत इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सेना को हाईटेक बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की “सर्ज कैपेसिटी” पहले से मजबूत हुई है, यानी जरूरत पड़ने पर भारत अपनी सैन्य ताकत को तेजी से बढ़ाने की क्षमता रखता है।
आतंकवाद को बताया मानवता के खिलाफ अपराध
रक्षा मंत्री ने आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद को सही नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि यह मानवता के खिलाफ अपराध है।
उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय से वहां आतंकवाद को संरक्षण मिलता रहा है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि लगातार खराब हुई है। उन्होंने कहा कि दुनिया अब समझ चुकी है कि आतंकवाद केवल एक देश की समस्या नहीं बल्कि वैश्विक खतरा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयां इस नीति का स्पष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अपनी रक्षा करने तक सीमित नहीं है बल्कि जरूरत पड़ने पर निर्णायक जवाब देने की क्षमता भी रखता है।
रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
रक्षा मंत्री ने भारत के रक्षा निर्यात में हुई बड़ी बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया का नजरिया बदला है और अब कई देश भारत के स्वदेशी हथियारों में रुचि दिखा रहे हैं। भारत में बने रक्षा उपकरणों और मिसाइल प्रणालियों पर अंतरराष्ट्रीय भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश अब रक्षा उपकरणों का केवल आयातक नहीं बल्कि निर्यातक भी बनता जा रहा है।
अपने संबोधन के अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत खुद को लगातार मजबूत बना रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर नई सोच, नई रणनीति और नए भारत की ताकत का प्रतीक है।



