By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: बिहार फ्लोर टेस्ट: सरकार से ज्यादा तेजस्वी यादव की साख दांव पर, क्या RJD विधायक निभाएंगे साथ?
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > बिहार फ्लोर टेस्ट: सरकार से ज्यादा तेजस्वी यादव की साख दांव पर, क्या RJD विधायक निभाएंगे साथ?
देशफीचर्डराजनीति

बिहार फ्लोर टेस्ट: सरकार से ज्यादा तेजस्वी यादव की साख दांव पर, क्या RJD विधायक निभाएंगे साथ?

The Hill India News
Last updated: April 24, 2026 5:04 am
The Hill India News
Published: April 24, 2026
Share
SHARE

बिहार विधानसभा में होने वाला फ्लोर टेस्ट इस बार सिर्फ सत्ता पक्ष के लिए औपचारिक प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि यह विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन चुका है। जहां एक तरफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के पास बहुमत सुरक्षित माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन की एकजुटता पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

Contents
पिछले घटनाक्रम ने बढ़ाई चिंतासीमित संख्या, बढ़ती जिम्मेदारीएनडीए की स्थिति मजबूतराजनीतिक संदेश का महत्वतेजस्वी की रणनीति पर नजर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फ्लोर टेस्ट का असली मुकाबला संख्या का नहीं, बल्कि संदेश का है। तेजस्वी यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे अपने विधायकों को एकजुट रख पाते हैं या नहीं। पिछले कुछ महीनों में जिस तरह से पार्टी के अंदर टूट-फूट देखने को मिली है, उसने उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिछले घटनाक्रम ने बढ़ाई चिंता

12 फरवरी 2024 को हुए पिछले फ्लोर टेस्ट के दौरान तेजस्वी यादव ने ‘खेला’ होने का आरोप लगाया था। हालांकि, वास्तविकता यह रही कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कुछ विधायक पाला बदलकर एनडीए के साथ चले गए थे। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ महागठबंधन की रणनीति को कमजोर किया, बल्कि विपक्ष की साख को भी बड़ा झटका दिया।

इसके बाद राज्यसभा चुनाव में भी स्थिति बेहतर नहीं रही। तीन विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग ने यह साफ कर दिया कि पार्टी के भीतर अनुशासन की कमी है। इस घटनाक्रम ने यह संदेश दिया कि तेजस्वी अपने ही विधायकों को एकजुट रखने में संघर्ष कर रहे हैं।

सीमित संख्या, बढ़ती जिम्मेदारी

वर्तमान में महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। इनमें RJD के 25, कांग्रेस के 6, CPI(ML) के 2, CPI(M) का 1 और एक अन्य विधायक शामिल है। इतनी सीमित संख्या में हर एक विधायक की अहमियत कई गुना बढ़ जाती है। यदि एक भी विधायक इधर-उधर होता है, तो उसका सीधा असर विपक्ष की मजबूती पर पड़ता है।

इस परिस्थिति में तेजस्वी यादव के लिए प्राथमिक लक्ष्य सरकार को गिराना नहीं, बल्कि अपने विधायकों को टूटने से बचाना है। यदि वे इस बार अपने खेमे को एकजुट रखने में सफल होते हैं, तो यह उनके नेतृत्व के लिए एक सकारात्मक संकेत होगा।

एनडीए की स्थिति मजबूत

दूसरी तरफ, एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत है, जिससे यह लगभग तय माना जा रहा है कि सम्राट चौधरी की सरकार फ्लोर टेस्ट में आसानी से विश्वास मत हासिल कर लेगी। ऐसे में सत्ता पक्ष के लिए यह सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जबकि विपक्ष के लिए यह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है।

राजनीतिक संदेश का महत्व

इस फ्लोर टेस्ट के परिणाम का असर सिर्फ वर्तमान विधानसभा सत्र तक सीमित नहीं रहेगा। यदि महागठबंधन के सभी विधायक एकजुट नजर आते हैं, तो तेजस्वी यादव यह दावा कर सकते हैं कि उन्होंने पार्टी में अनुशासन कायम कर लिया है और वे एक मजबूत विपक्षी नेता हैं।

लेकिन यदि एक बार फिर विधायक टूटते हैं या क्रॉस वोटिंग होती है, तो इसका असर 2025 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी पड़ेगा। विपक्ष की कमजोर होती पकड़ और नेतृत्व पर सवाल और गहरे हो सकते हैं।

तेजस्वी की रणनीति पर नजर

अब सबकी नजर इस बात पर है कि तेजस्वी यादव इस चुनौती से कैसे निपटते हैं। क्या वे अपने विधायकों को एकजुट रख पाने में सफल होंगे या फिर पिछली घटनाओं की तरह एक बार फिर ‘खेला’ देखने को मिलेगा?

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि यह फ्लोर टेस्ट सरकार के लिए भले ही औपचारिकता हो, लेकिन तेजस्वी यादव के लिए यह एक तरह की ‘अग्निपरीक्षा’ है। इस परीक्षा में उनकी सफलता या असफलता आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

You Might Also Like

विपक्ष के इस सांसद ने उठाई बड़ी मांग, विनेश फोगाट को दिया जाए भारत रत्न
मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जनहित में त्वरित कार्रवाई: जिलाधिकारी सविन बंसल ने विधवा को दिलाया मृतक आश्रित कोटे से नौकरी का अधिकार
अंडमान निकोबार : सेल्यूलर जेल एक पर्यटन स्थल नहीं है बल्कि आजादी के आंदोलन का एक तीर्थस्थान है -अमित शाह
Uttarakhand: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 2 विधानसभा उप चुनाव सीटों के सम्बन्ध में, राजनीतिक दलों के साथ की बैठक
“बच्चों की जान गई, सिस्टम सोता रहा: कफ सिरप कांड में फैक्ट्री सील होने के बाद सामने आया सच”
TAGGED:Bihar Floor TestBihar politicsMahagathbandhanRJDTejashwi Yadav
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

UTU पेपर लीक कांड में बड़ा एक्शन: असिस्टेंट प्रोफेसर पर मुकदमा, अगस्त में दोबारा होगी परीक्षा; शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

The Hill India News
The Hill India News
July 23, 2026
TET पर सरकार का बड़ा ऐलान: लाखों सरकारी शिक्षकों को नहीं मिलेगी छूट, संसद में साफ कहा- परीक्षा पास करना रहेगा अनिवार्य
छात्रों से बातचीत को तैयार केंद्र सरकार, NEET विवाद के बीच संवाद से समाधान निकालने की पहल तेज
पेपर लीक और लाठीचार्ज के विरोध में बिहार उबल पड़ा: कई जिलों में छात्रों का प्रदर्शन तेज, शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
5 करोड़ शिवभक्तों के स्वागत को तैयार हरिद्वार: कांवड़ मेले में 32 अस्थायी अस्पताल, जंगलों में वनकर्मियों की चौकसी और सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम
‘बटवारा 1947’ को बिना किसी कट के मिली सेंसर बोर्ड की मंजूरी, 14 अगस्त को बड़े पर्दे पर दिखेगी विभाजन की दर्दभरी कहानी
रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव: अब TTE की टिकट जांच होगी बॉडी कैमरे की निगरानी में, बातचीत और विवाद की पूरी रिकॉर्डिंग होगी
अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! सेना के बाद CAPFs में 50% आरक्षण, जानिए आर्मी और अर्धसैनिक बलों की नौकरी में क्या है सबसे बड़ा अंतर
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक का बड़ा खुलासा: परीक्षा रद्द, हजारों छात्रों का भविष्य अधर में
ग्वालियर में बनेगी देश की पहली ‘3-इन-1’ हाईटेक फ्लोरीकल्चर नर्सरी, खेती, रिसर्च और पर्यटन का बनेगा नया राष्ट्रीय मॉडल
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?