By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: भारत-कोरिया रिश्तों में नई रफ्तार: 2030 तक 50 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य, तकनीक से संस्कृति तक गहराएंगे संबंध
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > भारत-कोरिया रिश्तों में नई रफ्तार: 2030 तक 50 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य, तकनीक से संस्कृति तक गहराएंगे संबंध
देशफीचर्ड

भारत-कोरिया रिश्तों में नई रफ्तार: 2030 तक 50 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य, तकनीक से संस्कृति तक गहराएंगे संबंध

The Hill India News
Last updated: April 20, 2026 11:20 am
The Hill India News
Published: April 20, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा देने का संकेत दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, तकनीक, संस्कृति और वैश्विक सहयोग के कई अहम फैसले लिए गए। इस बैठक का सबसे बड़ा लक्ष्य वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना है, जो वर्तमान में लगभग 27 अरब डॉलर है।

हैदराबाद हाउस में आयोजित इस बैठक के बाद दोनों नेताओं ने साझा बयान में बताया कि भारत और कोरिया के संबंध केवल आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था जैसी साझा विचारधाराओं पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में दोनों देशों के रिश्ते काफी मजबूत और बहुआयामी हुए हैं और अब इन्हें भविष्य की रणनीतिक साझेदारी में बदला जाएगा।

बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। दोनों देशों ने विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT), शिप बिल्डिंग, स्टील और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही “इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज” की घोषणा की गई, जो डिजिटल टेक्नोलॉजी और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करेगा।

आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए “भारत-कोरिया फाइनेंशियल फोरम” की स्थापना की गई है, जिससे दोनों देशों के बीच वित्तीय प्रवाह को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा सके। इसके अलावा, एक “इंडस्ट्रियल कॉपरेशन कमेटी” का गठन किया गया है, जो औद्योगिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगी। खास तौर पर कोरियाई छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए भारत में निवेश के अवसरों को आसान बनाने के लिए “कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप” स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।

सप्लाई चेन और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने “इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग” शुरू करने का फैसला किया है। यह पहल वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, दोनों देशों ने मौजूदा व्यापार समझौते को अगले एक वर्ष के भीतर अपग्रेड करने का लक्ष्य भी रखा है, जिससे व्यापार में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सके।

सांस्कृतिक संबंधों की बात करें तो प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और कोरिया के बीच हजारों साल पुराने ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने अयोध्या की राजकुमारी सूरी रत्ना और कोरिया के राजा किम सूरो की कहानी को दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। यह ऐतिहासिक जुड़ाव आज भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूती देता है।

आज के समय में के-पॉप और के-ड्रामा भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, वहीं कोरिया में भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान भी बढ़ रही है। इस सांस्कृतिक कनेक्ट को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने 2028 में “भारत-कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल” आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह फेस्टिवल कला, संगीत, फिल्म और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने का एक बड़ा मंच बनेगा।

इसके साथ ही शिक्षा, रिसर्च और पर्यटन के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। दोनों देशों ने लोगों के बीच संपर्क (people-to-people connect) को मजबूत करने के लिए छात्र विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त शोध परियोजनाएं और पर्यटन को प्रोत्साहन देने की योजनाएं बनाई हैं।

कुल मिलाकर, यह बैठक भारत और दक्षिण कोरिया के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। व्यापार से लेकर तकनीक और संस्कृति तक, हर क्षेत्र में बढ़ते सहयोग से न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भी उनकी साझेदारी और प्रभाव मजबूत होगा।

You Might Also Like

उत्तराखंड: जोशीमठ भूमि स्थिरीकरण कार्यों पर विवाद, ग्रामीणों ने एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पूरी तरह से टूट चुकी शादी, पत्नी को 1.25 करोड़ रुपये – गुजारा भत्ता मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
‘AAP नफरत की नहीं, काम की राजनीति करती है’ गोवा में बोले CM केजरीवाल
MSC बैंक घोटाला: उपमुख्यमंत्री अजित पवार और सुनेत्रा पवार को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी ‘क्लीन चिट’; EOW की क्लोजर रिपोर्ट मंजूर
देश में मौसम का ‘महा-बदलाव’: एक तरफ पश्चिमी विक्षोभ से ओलावृष्टि और बारिश का दौर, दूसरी तरफ यूपी समेत उत्तर भारत में लू का तांडव
TAGGED:50 billion TargetBilateral TalksCultural ExchangeEconomic PartnershipIndia South KoreaLee Jae MyungPM ModiTrade Growth
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील

The Hill India News
The Hill India News
July 21, 2026
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
राहुल गांधी का 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरना: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम
बारिश का महाअलर्ट: दिल्ली से हिमाचल और यूपी-बिहार तक मौसम का कहर, 20 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस: राहुल, प्रियंका और खड़गे का पीएम आवास तक मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
मध्यप्रदेश में UCC को मिली विधानसभा की मंजूरी: हंगामे, ‘जय श्रीराम’ के नारों और तीखी बहस के बीच पास हुआ ऐतिहासिक विधेयक
पेपर लीक पर उत्तराखंड में उबाल: गैरसैंण से हल्द्वानी तक छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में…’ बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट में मतभेद, अब चीफ जस्टिस तय करेंगे कानूनी दिशा
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?