
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक दंपति द्वारा न सिर्फ अपने मालिक के साथ कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी की गई, बल्कि पुलिस थाने में पहुंचकर महिला पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट और अभद्रता भी की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने कानून व्यवस्था और आपसी विश्वास दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले में आरोपी महिला प्रतीक्षा सेमवाल, उसके पति प्रवीण सेमवाल और उसके भाई आकाश को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।
नौकरी से शुरू हुई कहानी, विश्वासघात पर खत्म
इस मामले की शुरुआत एक सामान्य नौकरी से हुई थी। जानकारी के अनुसार, देहरादून के श्यामपुर अंबीवाला निवासी व्यवसायी यशपाल सिंह ने वर्ष 2020 में प्रवीण सेमवाल को अपने यहां नौकरी पर रखा था। शुरुआत में प्रवीण को 8,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाता था, जो समय के साथ बढ़कर 18,000 रुपये हो गया। लंबे समय तक काम करने के कारण यशपाल सिंह को प्रवीण पर पूरा भरोसा हो गया था और वह उसे अपने कारोबार से जुड़ी कई जिम्मेदारियां सौंपने लगे थे।
आरोप: विश्वास का फायदा उठाकर रची साजिश
यशपाल सिंह का आरोप है कि प्रवीण सेमवाल ने इसी विश्वास का गलत फायदा उठाया और अपनी पत्नी प्रतीक्षा सेमवाल तथा साले आकाश के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। आरोप है कि तीनों ने ऑफिस के कैश काउंटर की डुप्लीकेट चाबी बनवा ली और धीरे-धीरे वहां से नकदी निकालनी शुरू कर दी। इसके अलावा, बिना जानकारी के निर्माण सामग्री जैसे सरिया, बजरी और रेत को बेचकर उसकी रकम भी हड़प ली गई।
55 लाख रुपये की गड़बड़ी का खुलासा
कुछ समय बाद जब यशपाल सिंह को अपने कारोबार में वित्तीय गड़बड़ी का संदेह हुआ, तो उन्होंने जनवरी 2026 में अपने बेटे से पूरे हिसाब-किताब की जांच कराई। जांच में सामने आया कि करीब 55 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। यह रकम नकद निकासी और बिना अनुमति सामग्री बेचकर इकट्ठा की गई थी।
समझौते की कोशिश और नया विवाद
यशपाल सिंह के अनुसार, जब उन्होंने आरोपियों से इस बारे में बातचीत की तो उन्होंने 20 लाख रुपये लौटाने की बात स्वीकार करते हुए एक लिखित समझौता भी किया। हालांकि, कुछ समय बाद आरोपियों ने पलटते हुए यह आरोप लगाया कि उनसे जबरदस्ती यह समझौता करवाया गया था। इसी विवाद के चलते मामला पुलिस तक पहुंच गया।
थाने में हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा
पुलिस द्वारा मामले की जांच के लिए प्रवीण सेमवाल को प्रेमनगर थाने बुलाया गया था। कुछ देर बाद उसकी पत्नी प्रतीक्षा सेमवाल अपने भाई आकाश के साथ खुद ही थाने पहुंच गई। पुलिस के अनुसार, थाने में पहुंचते ही प्रतीक्षा ने हंगामा शुरू कर दिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसका भाई आकाश इस दौरान वीडियो बनाने लगा।
महिला अधिकारी से अभद्रता और मारपीट
थाने में मौजूद अपर उप निरीक्षक शोभा मेहता ने जब मामले को शांत कराने और जानकारी लेने की कोशिश की, तो आरोप है कि प्रतीक्षा सेमवाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। जब अधिकारी ने इसका विरोध किया, तो प्रतीक्षा ने उन्हें थप्पड़ मार दिया और वहां से भागने की कोशिश की। स्थिति को संभालने के लिए मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह उग्र हो गई और हाथापाई करने लगी।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली सच्चाई
इस घटना के बाद पुलिस ने थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें साफ तौर पर देखा गया कि प्रतीक्षा सेमवाल अपने भाई के साथ खुद थाने आई थी और पुलिस उसे जबरदस्ती नहीं लाई थी। इससे उसके लगाए गए आरोप भी झूठे साबित हुए।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारियों के साथ अभद्रता, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि आरोपियों पर 55 लाख रुपये की हेराफेरी का गंभीर आरोप है। जांच के दौरान उन्हें थाने बुलाया गया था, जहां उन्होंने हंगामा करते हुए महिला अधिकारी के साथ मारपीट की और वहां से भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हो गया।
कानून और विश्वास दोनों पर सवाल
यह मामला न केवल आर्थिक अपराध का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे लंबे समय से बने विश्वास को भी गलत इरादों से तोड़ा जा सकता है। साथ ही, पुलिस थाने में इस तरह की घटना कानून के प्रति सम्मान और अनुशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



