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भारत में डायबिटीज का बढ़ता संकट: 10 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित, गोवा में सबसे ज्यादा मरीज

भारत में डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है और अब इसे महामारी का रूप लेता हुआ देखा जा रहा है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण देश में इस बीमारी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। हाल ही में प्रकाशित विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जो एक चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।

गोवा में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मामले

एक विस्तृत अध्ययन के अनुसार, देश में सबसे अधिक डायबिटीज दर गोवा में दर्ज की गई है, जहां लगभग 26.4 प्रतिशत आबादी इस बीमारी से प्रभावित है। इसके बाद पुडुचेरी, तमिलनाडु, केरल, पंजाब और चंडीगढ़ जैसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश आते हैं, जहां डायबिटीज के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के विश्लेषण में तमिलनाडु में ‘आयु-मानकीकृत प्रसार दर’ (ASPR) सबसे अधिक पाई गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में डायबिटीज की दर सबसे कम यानी करीब 4.8 प्रतिशत दर्ज की गई है।

डायबिटीज बढ़ने के प्रमुख कारण

डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं—

  • अनहेल्दी लाइफस्टाइल: शहरी जीवनशैली में लोगों की शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं।
  • खराब खान-पान: अधिक चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और प्रोसेस्ड फूड का सेवन बढ़ा है।
  • मोटापा: पेट और शरीर में फैट का बढ़ना टाइप 2 डायबिटीज का बड़ा कारण है।
  • तनाव और नींद की कमी: मानसिक तनाव और अनियमित दिनचर्या भी जोखिम बढ़ाते हैं।
  • जेनेटिक कारण: भारतीयों में डायबिटीज की आनुवंशिक प्रवृत्ति अधिक पाई जाती है।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि जिन राज्यों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हैं और जागरूकता अधिक है, वहां डायबिटीज के मामलों की पहचान भी ज्यादा होती है, जिससे आंकड़े अधिक दिखाई देते हैं।

युवाओं में तेजी से बढ़ रही बीमारी

पहले डायबिटीज को उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह युवाओं में भी तेजी से फैल रही है। इसका मुख्य कारण कम उम्र में ही गलत खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली अपनाना है। स्क्रीन टाइम बढ़ना, जंक फूड का सेवन और व्यायाम की कमी युवाओं को इस बीमारी की ओर धकेल रही है।

डायबिटीज क्यों खतरनाक है?

डायबिटीज केवल ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। अगर समय पर इसे नियंत्रित नहीं किया जाए, तो यह हृदय रोग, किडनी फेल्योर, आंखों की रोशनी कम होना और नसों की क्षति जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है।

डायबिटीज तब होती है जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता या इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता। इससे खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है।

ब्लड शुगर और डायबिटीज में अंतर

अक्सर लोग ब्लड शुगर और डायबिटीज को एक ही मान लेते हैं, लेकिन दोनों में अंतर है।

  • ब्लड शुगर: खून में ग्लूकोज का स्तर, जो खाने-पीने के अनुसार बदलता है।
  • डायबिटीज: एक दीर्घकालिक बीमारी, जिसमें इंसुलिन का उत्पादन या कार्य प्रभावित होता है।

200 mg/dL से अधिक ब्लड शुगर स्तर को खतरनाक माना जाता है और यह हाइपरग्लाइसेमिया का संकेत है।

किन चीजों से करें परहेज

डायबिटीज के मरीजों को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कुछ चीजें जिन्हें सीमित या पूरी तरह से टालना चाहिए—

  • तली-भुनी और फास्ट फूड
  • मीठे पदार्थ और शुगर युक्त पेय
  • मैदा, ब्रेड, बिस्कुट
  • आलू, चिप्स और प्रोसेस्ड स्नैक्स
  • आइसक्रीम, केक और चॉकलेट
  • ज्यादा फैट वाले डेयरी उत्पाद

इसके अलावा नमक का सेवन भी सीमित रखना चाहिए।

बचाव के उपाय

डायबिटीज से बचाव और नियंत्रण के लिए कुछ जरूरी कदम अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है—

  • रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम
  • संतुलित और पौष्टिक आहार
  • वजन को नियंत्रित रखना
  • नियमित ब्लड शुगर जांच
  • तनाव को कम करना और पर्याप्त नींद लेना

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