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उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: योगी सरकार ने रातों-रात 40 IAS अफसरों का किया ट्रांसफर, 15 जिलों के डीएम बदले

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने रविवार देर रात व्यापक स्तर पर IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस बड़े फेरबदल के तहत कुल 40 IAS अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है, जिसमें सबसे अहम बात यह है कि 15 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदल दिया गया है। इस फैसले को सरकार की प्रशासनिक सक्रियता और कार्यप्रणाली में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कई जिलों में नए जिलाधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को एक जिले से हटाकर दूसरे जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल 8 डीएम ऐसे हैं जिन्हें एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित किया गया है, जबकि 7 अधिकारियों को पहली बार जिलाधिकारी बनने का मौका मिला है। यह कदम प्रशासन में नए चेहरों को अवसर देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पहली बार डीएम बनाए गए अधिकारियों में ब्रजेश कुमार (औरैया), आलोक यादव (शामली), अभिषेक गोयल (हमीरपुर), इंद्रजीत सिंह (सुल्तानपुर), अन्नपूर्णा गर्ग (श्रावस्ती), नितिन गौड़ (अमरोहा) और सरनजीत कौर (रायबरेली) शामिल हैं। इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी देकर सरकार ने युवा और ऊर्जावान प्रशासनिक नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।

वहीं, कई महत्वपूर्ण जिलों में भी बदलाव किए गए हैं। गौरांग राठी को झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि कुमार हर्ष को बुलंदशहर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का डीएम नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर, घनश्याम मीना को उन्नाव, अंजमी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी और इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी का जिलाधिकारी बनाया गया है। मनीष बंसल को आगरा जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी गई है।

इस फेरबदल में केवल जिलाधिकारियों तक ही सीमित बदलाव नहीं किए गए हैं, बल्कि कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त बनाया गया है, जबकि किंजल सिंह को माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि किंजल सिंह महज 7 महीने पहले ही परिवहन आयुक्त बनी थीं।

इसके अलावा, दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया है, जबकि शशि भूषण लाल सुशील को MSME विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। आलोक कुमार को MSME में अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। ऊर्जा, पर्यटन, अल्पसंख्यक कल्याण, बाल विकास, खाद्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) में भी बदलाव करते हुए नितीश कुमार को प्रबंध निदेशक (MD) बनाया गया है, जबकि श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का MD नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, कई जिलों में मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) के पद पर भी नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें गामिनी सिंगला (बदायूं), पूजा साहू (अमेठी), सुनील कुमार धनवंता (बहराइच) और श्रुति शर्मा (हापुड़) शामिल हैं।

प्रशासनिक दृष्टि से यह फेरबदल काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल शासन की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि जिलों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के व्यापक तबादले सरकार की प्राथमिकताओं और प्रशासनिक रणनीति को दर्शाते हैं। इससे यह संकेत भी मिलता है कि सरकार आने वाले समय में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है और जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम चाहती है।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में किया गया यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा और दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इन नए नियुक्त अधिकारियों के कार्यों और निर्णयों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी, जो राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करेंगे।

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