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देहरादून: मुख्य सचिव की हाई-लेवल बैठक, जाम से मुक्ति के लिए बनेगा ‘मास्टर प्लान’; आढ़त बाज़ार और पार्किंग को लेकर बड़ी घोषणाएं

देहरादून: राजधानी देहरादून को जाम के झंजाल से मुक्त करने और भविष्य की यातायात चुनौतियों से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में Dehradun Mobility Plan 2026 की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में न केवल शहर के भीतर यातायात संतुलन बनाने पर चर्चा हुई, बल्कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के खुलने के बाद आने वाले भारी वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक निर्देश भी जारी किए गए।

इकोनॉमिक कॉरिडोर और चारधाम यात्रा: दोहरी चुनौती का सामना

मुख्य सचिव ने बैठक में स्पष्ट किया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद राजधानी में पर्यटकों और वाहनों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि होगी। विशेष रूप से सप्ताहांत (Weekends) और चारधाम यात्रा के दौरान देहरादून पर यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दबाव को झेलने के लिए देहरादून के मौजूदा ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर को तत्काल अपग्रेड किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा, हमें केवल वर्तमान नहीं, बल्कि अगले 10 वर्षों के यातायात परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए प्लान तैयार करना होगा। इकोनॉमिक कॉरिडोर के बाद बढ़ने वाले ट्रैफिक के प्रबंधन के लिए एक व्यापक और आधुनिक यातायात प्लान शीघ्रता से धरातल पर उतारा जाए।”

आढ़त बाज़ार का पुनर्विकास: 15 मई तक रजिस्ट्री का अल्टीमेटम

देहरादून के सबसे व्यस्त और पुराने क्षेत्रों में से एक ‘आढ़त बाज़ार’ के सुधारीकरण को लेकर मुख्य सचिव ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि आढ़त बाज़ार की रजिस्ट्री और मुआवजे की प्रक्रिया में अब कोई देरी नहीं होनी चाहिए।

  • समय सीमा: मुख्य सचिव ने 15 मई, 2026 तक सभी रजिस्ट्री कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

  • ध्वस्तीकरण: मुआवजे के बाद चिन्हित क्षेत्रों में ध्वस्तीकरण का कार्य भी शीघ्र शुरू करने को कहा गया है ताकि सड़क चौड़ीकरण का काम गति पकड़ सके। बैठक में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि अब तक 52 रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी हैं और शेष कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मजबूती: सितंबर तक चलेंगी 100 बसें

शहर के भीतर निजी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए मुख्य सचिव ने सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि देहरादून के विभिन्न रूटों का सर्वे कर आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाए। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया कि सितंबर 2026 तक देहरादून की सड़कों पर 100 नई बसें संचालित की जाएं, जिससे आम जनता को सुगम और सस्ता परिवहन उपलब्ध हो सके।

पार्किंग संकट का समाधान: परेड ग्राउंड में बनेगी अंडरग्राउंड पार्किंग

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और बढ़ते शहरीकरण के बीच पार्किंग एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। मुख्य सचिव ने सचिवालय और परेड ग्राउंड के समीप अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए फिजीबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर (DPR) जल्द तैयार की जाए। इसके अतिरिक्त, शहर के भीतर पहले से चिन्हित पार्किंग स्थलों और सरकारी व व्यावसायिक संस्थानों की पार्किंग क्षमता का 100% उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

पुलिस को सख्त निर्देश: नो-पार्किंग और ओवरस्पीडिंग पर नकेल

ट्रैफिक प्रवर्तन (Enforcement) को लेकर पुलिस विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्य सचिव ने एसएसपी देहरादून को निर्देश दिए कि:

  1. चालान और प्रवर्तन: ‘नो पार्किंग’ में खड़े वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो और चौराहों पर ‘लेफ्ट टर्न’ को हमेशा फ्री रखा जाए।

  2. रात की सुरक्षा: रात के समय ओवरस्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एएनपीआर (ANPR) कैमरों से मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए।

  3. टोइंग वेंस की संख्या: अवैध पार्किंग से निपटने के लिए टोइंग वेंस की संख्या बढ़ाने हेतु तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।

  4. जागरूकता: बड़े उत्सवों, शोभायात्राओं और धरने-प्रदर्शनों के दौरान वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम जनता को असुविधा न हो।

जंक्शन सुधारीकरण और मंडी का स्थानांतरण

बैठक में शहर के प्रमुख चौराहों (Junctions) के सुधारीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कारगी चौक के सुधारीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही, निरंजनपुर मंडी को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना पर चर्चा करते हुए एक ‘साइट सिलेक्शन कमेटी’ बनाने का आदेश दिया, जो उपयुक्त भूमि का चयन करेगी।

बिजली और गैस पाइपलाइन कार्यों की समय सीमा

मुख्य सचिव ने यूपीसीएल (UPCL) और गैस एजेंसियों को भी निर्देशित किया कि बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने और गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि सड़कों की खुदाई के कारण यातायात बाधित न हो।

बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी परमेन्द्र डोभाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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