नई दिल्ली। भारत में अप्रैल महीने के मध्य में ही सूर्य देव ने अपने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। देश के उत्तरी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। भारत में हीट वेव का अलर्ट 2026 के तहत कई राज्यों में लू के थपेड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगे।
दिल्ली-NCR में चढ़ा पारा, उत्तर भारत में लू के हालात
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में सुबह से ही गर्म हवाओं का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से में ‘लू’ जैसे हालात बन रहे हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के मैदानी इलाकों में शुष्क हवाओं के कारण हीट इंडेक्स में इजाफा हुआ है।
आंकड़ों की बात करें तो पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र के अकोला में देश का सबसे अधिक तापमान 43.8°C दर्ज किया गया। वहीं, विदर्भ, मराठवाड़ा और ओडिशा के कई जिलों में पारा 40°C से 43°C के बीच झूल रहा है। इसके विपरीत, पंजाब के आदमपुर में न्यूनतम तापमान 13.0°C दर्ज किया गया, जो फिलहाल मैदानी इलाकों में सबसे कम है।
अगले 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण: 5 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि 15 से 18 अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम भारत (Northwest India) के राज्यों में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी। मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों (नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम) में भी तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी का पैटर्न पिछले वर्षों की तुलना में अधिक आक्रामक दिख रहा है। भारत में हीट वेव का अलर्ट 2026 के चलते दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और बिजली की मांग में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
इन 15 राज्यों के लिए ‘हीट वेव’ की विशेष चेतावनी
IMD ने 15 से 19 अप्रैल के बीच देश के एक बड़े भू-भाग के लिए लू की चेतावनी जारी की है। जिन राज्यों में सबसे ज्यादा असर दिखने की संभावना है, वे निम्नलिखित हैं:
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मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), छत्तीसगढ़ और पश्चिमी राजस्थान।
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पूर्वी भारत: ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्से।
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दक्षिण भारत: उत्तरी कर्नाटक, रायलसीमा (आंध्र प्रदेश), तमिलनाडु और केरल।
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तटीय क्षेत्र: गुजरात के तटीय इलाकों और महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में भी उमस भरी गर्मी और लू का प्रकोप रहेगा।
इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
राहत की खबर: कहीं गर्मी तो कहीं बारिश का दौर
एक ओर जहाँ आधा भारत गर्मी से तड़प रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में मौसम की मेहरबानी देखने को मिल सकती है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद में 15 से 18 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इस दौरान इन पहाड़ी क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 24 से 48 घंटों में बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
अभिभावकों और बुजुर्गों के लिए परामर्श
बढ़ती गर्मी और भारत में हीट वेव का अलर्ट 2026 को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है। स्कूलों के समय में बदलाव और आउटडोर गतिविधियों को सीमित करने की सिफारिश की गई है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सिंचाई शाम के समय करें ताकि वाष्पीकरण कम हो और नमी बनी रहे।
आने वाले दिनों में यदि गर्मी का यही रुख रहा, तो कई शहरों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के लैंडमार्क को छू सकता है, जो अप्रैल के महीने के लिए एक चिंताजनक संकेत है।



