
देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने अपने करोड़ों निवेशकों को बड़ी सौगात दी है। कंपनी ने अपने इतिहास में पहली बार बोनस शेयर देने का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत LIC अपने शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर देगी, यानी अगर किसी निवेशक के पास कंपनी का एक शेयर है, तो उसे एक अतिरिक्त शेयर मुफ्त में मिलेगा। यह घोषणा शेयर बाजार में लिस्टिंग के लगभग चार साल बाद की गई है, जिससे निवेशकों में उत्साह का माहौल है।
यह ऐतिहासिक फैसला 13 अप्रैल 2026 को हुई कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, बोनस शेयर के लिए ‘रिकॉर्ड डेट’ की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 12 जून 2026 तक पात्र निवेशकों के डीमैट खातों में बोनस शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे।
बोनस शेयर का मतलब होता है कि कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के अतिरिक्त शेयर देती है। यह आमतौर पर तब किया जाता है जब कंपनी के पास पर्याप्त रिजर्व और सरप्लस होता है। LIC के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के पास लगभग 1.46 लाख करोड़ रुपये का विशाल ‘रिजर्व एंड सरप्लस’ मौजूद है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो LIC ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 17.4 प्रतिशत बढ़कर 12,930.44 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, नेट प्रीमियम इनकम भी 17.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.25 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। ये आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि कंपनी लगातार मजबूत ग्रोथ की राह पर आगे बढ़ रही है।
LIC के शेयरों की यात्रा भी काफी दिलचस्प रही है। 17 मई 2022 को ₹949 के भाव पर शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद कंपनी के शेयरों में गिरावट का दौर देखा गया। निवेशकों को लंबे समय तक निराशा झेलनी पड़ी और 29 मार्च 2023 को यह शेयर ₹530.20 के अपने न्यूनतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद कंपनी ने शानदार वापसी की और 1 अगस्त 2024 को शेयर ₹1221.50 के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गया। इस तरह निचले स्तर से इसमें 130 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
वर्तमान समय में वैश्विक परिस्थितियों, जैसे कि मध्य-पूर्व में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद LIC का शेयर लगभग ₹800 के स्तर के आसपास बना हुआ है। यह दर्शाता है कि कंपनी में निवेशकों का भरोसा कायम है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोनस शेयर जारी होने के बाद कंपनी के शेयर की कीमत तकनीकी रूप से समायोजित होकर कम हो जाएगी। इससे छोटे निवेशकों के लिए शेयर खरीदना आसान हो जाएगा और बाजार में इसकी लिक्विडिटी बढ़ेगी। अधिक निवेशकों की भागीदारी से कंपनी के शेयर में स्थिरता और मजबूती आने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम खासतौर पर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। बोनस शेयर मिलने से निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे भविष्य में कीमत बढ़ने पर उन्हें अधिक लाभ मिल सकता है। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बोनस मिलने के बाद कुल निवेश का मूल्य तुरंत नहीं बढ़ता, बल्कि शेयर की कीमत उसी अनुपात में समायोजित हो जाती है।
LIC का यह फैसला न केवल उसकी वित्तीय मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कंपनी अपने निवेशकों को मूल्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कदम से बाजार में कंपनी की छवि और मजबूत होगी और नए निवेशकों को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, LIC का यह बोनस इश्यू भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले का कंपनी के शेयरों और निवेशकों की रणनीति पर क्या असर पड़ता है।


