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रुड़की: ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत भगवानपुर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक, गौकशी के अड्डे पर छापेमारी, महिला गिरफ्तार; 6 फरार

रुड़की (हरिद्वार): उत्तराखंड में गौवंश संरक्षण और अवैध तस्करी के विरुद्ध धामी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत हरिद्वार पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जनपद में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के अंतर्गत भगवानपुर थाना पुलिस ने सिकरोडा गांव में चल रहे एक गौकशी के अवैध केंद्र का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांस बरामद करने के साथ ही एक महिला तस्कर को हिरासत में लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस का कड़ा एक्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर के सख्त निर्देशों के बाद जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ निरंतर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में भगवानपुर थाना प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह को गुप्त सूचना मिली कि सिकरोडा गांव के एक रिहायशी मकान के भीतर बड़े पैमाने पर गौकशी की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और रणनीतिक तरीके से बताए गए स्थान पर दबिश दी।

मौके का मंजर: क्रूरता की पराकाष्ठा

जैसे ही पुलिस टीम ने चिन्हित मकान के भीतर प्रवेश किया, वहां का दृश्य विचलित करने वाला था। पुलिस की आहट मिलते ही मौके पर मौजूद गौतस्करों में हड़कंप मच गया। शातिर अपराधी दीवारों को फांदकर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर एक महिला आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया, जिसकी पहचान स्थानीय निवासी के रूप में हुई है।

तलाशी के दौरान पुलिस को घर के भीतर से लगभग 350 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ। इसके अलावा, मौके पर गौकशी में इस्तेमाल होने वाले धारदार हथियार, कुल्हाड़ी, छुरी और अन्य उपकरण भी पाए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक जीवित गौवंश को पास के ही एक अंधेरे कमरे में बेहद क्रूरतापूर्वक खूंटे से बांध रखा था। बरामद किया गया गौवंश लंबे समय से भूखा और प्यासा था, जिसकी हालत देख पुलिसकर्मियों ने तुरंत पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाकर उसका उपचार करवाया और उसे सुरक्षित स्थान पर भिजवाया।

‘ऑपरेशन प्रहार’ और पुलिस की रणनीति

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि भगवानपुर पुलिस गौकशी कार्रवाई के तहत यह एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन प्रहार” का मुख्य उद्देश्य संगठित अपराध और गौतस्करी जैसे अवैध कृत्यों की कमर तोड़ना है। फरार हुए 6 अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और पुलिस की कई टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

कानूनी कार्रवाई और सख्त प्रावधान

पुलिस ने इस मामले में पकड़ी गई महिला और फरार 6 अन्य साथियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर:

  1. उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनियम

  2. पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (धारा 3/11)

के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों की संपत्ति की कुर्की तक की कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है।

स्थानीय स्तर पर पुलिस की सतर्कता

रुड़की और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गौकशी की घटनाओं को रोकने के लिए एसएसपी हरिद्वार ने सभी थाना प्रभारियों को बीट स्तर पर सूचना तंत्र (इंटेलिजेंस) को मजबूत करने के आदेश दिए हैं। भगवानपुर थाना क्षेत्र के संवेदनशील गांवों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अवैध कटान की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

फरार आरोपियों की तलाश तेज

गिरफ्तार महिला से पूछताछ के आधार पर पुलिस को गिरोह के नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह प्रतिबंधित मांस कहाँ सप्लाई किया जाना था और इस सिंडिकेट में कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। एसपी देहात ने विश्वास दिलाया है कि बहुत जल्द शेष 6 आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।


हरिद्वार पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई न केवल अपराधियों के हौसले पस्त करने वाली है, बल्कि कानून-व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास को भी मजबूत करती है। भगवानपुर पुलिस गौकशी कार्रवाई यह संदेश देती है कि देवभूमि की मर्यादा और पशु धन की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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