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बरेली में ‘डिजिटल नफरत’ का खौफनाक अंत: इंस्टाग्राम रील पर भद्दे कमेंट्स ने ली जान, दोस्त ने ईंट से कुचलकर की हत्या

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया के दौर में मानवीय संवेदनाओं और बढ़ते अपराध के ट्रेंड पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपने ही दोस्त की केवल इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी क्योंकि वह उसके इंस्टाग्राम पोस्ट और रील्स पर भद्दे कमेंट्स करता था। पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

खंडहर में मिली सैलून कर्मी की लाश

घटना का आगाज़ 8 अप्रैल को हुआ, जब सिटी रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक पुराने खंडहरनुमा घर में 24 वर्षीय अमन रजा का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। मृतक मलूकपुर इलाके का रहने वाला था और एक स्थानीय सैलून में काम करता था। शव की हालत देखकर ही पुलिस समझ गई थी कि हत्या बेहद बेरहमी से की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि भी कर दी—मृतक के शरीर और चेहरे पर चोट के 21 गहरे निशान पाए गए, जो किसी भारी वस्तु से प्रहार के कारण बने थे।

सीसीटीवी और कॉल डिटेल्स से खुला राज

शुरुआत में मृतक के परिजनों ने तीन अन्य दोस्तों पर संदेह जताते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। हालांकि, बरेली पुलिस ने जब इन संदेहियों से पूछताछ की और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो वे निर्दोष पाए गए। मामले को उलझता देख सीओ (CO) के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के कैमरों और अमन रजा के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगालनी शुरू की।

डिजिटल साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस का शक जखीरा निवासी 19 वर्षीय समद मूसा पर गहराया। जब समद को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने जो हकीकत बयां की, उसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।

रील, भद्दे कमेंट्स और नफरत की कहानी

आरोपी समद मूसा ने पुलिस को बताया कि करीब 6-7 महीने पहले उसकी और अमन की दोस्ती इंस्टाग्राम (Instagram) के माध्यम से हुई थी। समद को इंस्टाग्राम पर रील और फोटो पोस्ट करने का शौक था, लेकिन अमन रजा अक्सर उसकी पोस्ट पर भद्दे और अपमानजनक कमेंट्स करता था।

यह विवाद डिजिटल दुनिया से निकलकर फोन कॉल तक पहुँच गया। दोनों के बीच कई बार तीखी बहस और गाली-गलौज हुई। समद के मन में यह नफरत इस कदर घर कर गई कि उसने अमन को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

कत्ल की खौफनाक प्लानिंग

7 अप्रैल की शाम, समद ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक दुकानदार के फोन से अमन को कॉल किया और उसे सिटी रेलवे स्टेशन के पास मिलने बुलाया। अमन अनभिज्ञ था कि उसका दोस्त ही उसका काल बनकर खड़ा है। दोनों स्टेशन के पास मिले और बातचीत करते हुए रेलवे ट्रैक की ओर सुनसान इलाके में चले गए।

सुनसान जगह मिलते ही समद ने अमन को अचानक धक्का देकर गिरा दिया। इससे पहले कि अमन संभल पाता, समद ने पास में पड़ी एक भारी ईंट उठाई और उसके सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। हत्या सुनिश्चित करने के बाद, उसने शव को घसीटकर पास के एक खंडहर में छिपा दिया और वहां से फरार हो गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 36 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

बरेली पुलिस ने पेशेवर दक्षता दिखाते हुए घटना के 36 घंटे के भीतर समद मूसा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खून से सने हुए कपड़े, घटना में प्रयुक्त पत्थर, मृतक का मोबाइल फोन और आरोपी का आधार कार्ड भी बरामद कर लिया है।

कोतवाली प्रभारी ने बताया, “यह मामला पूरी तरह से आवेश और डिजिटल रंजिश का परिणाम है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसके पास से मिले साक्ष्य उसे सजा दिलाने के लिए पर्याप्त हैं।”

विशेषज्ञों की राय: सोशल मीडिया और बढ़ता ‘ईगो’

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी के लिए सोशल मीडिया पर उनकी इमेज (Image) और कमेंट्स आत्मसम्मान का मुद्दा बन गए हैं। एक मामूली कमेंट को निजी हमले के तौर पर लेना और फिर हिंसक कदम उठाना समाज में बढ़ती असहिष्णुता का प्रतीक है। बरेली की यह घटना उन माता-पिता के लिए भी एक चेतावनी है, जिनके बच्चे सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय रहते हैं।

बरेली की इस घटना ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन दुनिया की कड़वाहट को समय रहते नियंत्रित न किया जाए, तो वह वास्तविक दुनिया में जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस फिलहाल आरोपी को जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया पूरी कर रही है, लेकिन अमन रजा के परिवार के लिए यह कभी न भरने वाला घाव बन चुका है।

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