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रुद्रपुर: गदरपुर में प्रशासन की बड़ी स्ट्राइक, निकाह से ऐन पहले रुकवाया बाल विवाह; नाबालिग रेस्क्यू

रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिले के गदरपुर क्षेत्र में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने निकाह की रस्मों के बीच छापेमारी कर एक नाबालिग बच्ची को रेस्क्यू किया। एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में हुई इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक मासूम का भविष्य बचाया, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि कानून से ऊपर कोई भी परंपरा नहीं है।

गुप्त सूचना पर ‘एक्शन मोड’ में प्रशासन

प्रशासन को एक विश्वसनीय सूत्र से जानकारी मिली थी कि गदरपुर क्षेत्र के एक गांव में समुदाय विशेष की एक नाबालिग लड़की का निकाह गुपचुप तरीके से कराया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उप जिला अधिकारी (एसडीएम) ऋचा सिंह ने बिना वक्त गंवाए पुलिस प्रशासन, चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल विकास विभाग की एक संयुक्त टीम गठित की।

जब टीम मौके पर पहुंची, तो विवाह की तैयारियां जोरों पर थीं। अधिकारियों ने जब बच्ची के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की, तो वह नाबालिग पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर निकाह की रस्मों को रुकवा दिया।

रेस्क्यू के बाद काउंसलिंग और विधिक प्रक्रिया

एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि मौके से बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद बच्ची को चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम की सुपुर्दगी में दिया गया। नियमानुसार, नाबालिग को रुद्रपुर स्थित बाल संप्रेषण गृह में बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया।

समिति के विशेषज्ञों ने बच्ची की काउंसलिंग की ताकि उसे मानसिक आघात से बाहर निकाला जा सके। सीवीडी के निर्देश पर नाबालिग का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। वर्तमान में बच्ची को सुरक्षित देखभाल के लिए ‘वन स्टॉप सेंटर’ भेज दिया गया है, जहाँ उसे विशेषज्ञ संरक्षण और सहायता प्रदान की जा रही है।

परिजनों को अल्टीमेटम: “दोबारा कोशिश की तो होगी जेल”

इस सफल ऑपरेशन में पुलिस के साथ-साथ चाइल्ड हेल्पलाइन की सदस्य स्मिता और पूजा, और बाल विकास विभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्रवाई के दौरान एसडीएम ऋचा सिंह ने बच्ची के परिजनों और विवाह में शामिल अन्य लोगों को सख्त लहजे में चेतावनी दी।

एसडीएम ने स्पष्ट किया, बाल विवाह एक संज्ञेय अपराध है। यदि भविष्य में दोबारा इस नाबालिग की शादी कराने का प्रयास किया गया, तो न केवल माता-पिता बल्कि इसमें शामिल बिचौलियों और गवाहों के खिलाफ भी ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम’ के तहत कठोर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

रुद्रपुर कोतवाली में दो किशोरों पर मामला दर्ज

एक तरफ जहां प्रशासन बाल विवाह रुकवाने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। बीते दिनों एक नाबालिग बालिका के साथ अनुचित व्यवहार और अभद्रता की शिकायत पुलिस को प्राप्त हुई थी। इस संवेदनशील मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस ने दो किशोरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा और नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।

प्रशासन की अपील: जागरूक बनें नागरिक

गदरपुर की घटना के बाद प्रशासन ने आम जनता से विशेष अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन है और उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक है। यदि किसी भी नागरिक को अपने आस-पास बाल विवाह की भनक लगती है, तो वे तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। आपकी एक सूचना किसी मासूम का जीवन संवार सकती है।

उधम सिंह नगर प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से जिले के उन क्षेत्रों में हड़कंप मचा है, जहाँ चोरी-छिपे ऐसी कुप्रथाएं संचालित होती रही हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प के साथ प्रशासन अब जिले के संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने की योजना बना रहा है।

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