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ड्रग्स फ्री उत्तराखंड: हल्द्वानी में CM धामी ने भरी हुंकार, ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली के जरिए युवाओं को दिया नशामुक्ति का मंत्र

हल्द्वानी (नैनीताल): देवभूमि उत्तराखंड को नशे के जाल से मुक्त करने और युवा शक्ति को नई दिशा देने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हल्द्वानी में एक विशाल जनसमूह को संबोधित किया। अवसर था ‘नशामुक्त उत्तराखंड अभियान’ के तहत आयोजित “रन फॉर अवेयरनेस” रैली का, जिसे मुख्यमंत्री ने एमबी इंटर कॉलेज के मैदान से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

हजारों की संख्या में उमड़े छात्र-छात्राओं, युवाओं और स्थानीय नागरिकों के उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब राज्य की भावी पीढ़ी नशे के विरुद्ध इस निर्णायक जंग में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

संकल्प की दौड़: केवल व्यायाम नहीं, यह जीवन की पुकार है

रैली को रवाना करने से पहले उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भावुक और प्रेरणादायक अपील की। उन्होंने कहा, आज की यह दौड़ मात्र शारीरिक व्यायाम या कोई औपचारिक आयोजन नहीं है। यह एक स्वस्थ, समृद्ध और नशे से पूरी तरह मुक्त उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प की दौड़ है। जब आप यहां से अपने कदम आगे बढ़ाएंगे, तो आपके पैरों की धमक से पूरे प्रदेश में यह संदेश जाना चाहिए कि उत्तराखंड का युवा अब नशे को ‘ना’ और गौरवशाली जीवन को ‘हाँ’ कह रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड अपनी आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए विश्व विख्यात है, और इस विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखना युवाओं की जिम्मेदारी है।

नशा: एक “साइलेंट वार” जिससे बचना जरूरी

नशे की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए सीएम धामी ने इसे युवाओं के खिलाफ एक ‘साइलेंट वार’ (मौन युद्ध) करार दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अक्सर युवा मनोरंजन या मजाक के तौर पर नशे की शुरुआत करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे वे इसके ऐसे दलदल में फंस जाते हैं जहाँ से वापसी का रास्ता लगभग बंद हो जाता है। यह न केवल एक व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों और समाज की नींव को खोखला कर देता है।

मिशन मोड पर सरकार: 2025 तक ‘ड्रग्स फ्री’ का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020 में शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को उत्तराखंड में धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों का ब्यौरा देते हुए कहा:

  • एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF): वर्ष 2022 में गठित इस विशेष बल ने अब तक हजारों ड्रग तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है और करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए हैं।

  • एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF): नशे की लत छुड़ाने के लिए राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एटीएफ केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

  • दगड़िया क्लब: युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए ग्रामीण और शहरी स्तर पर ‘दगड़िया क्लब’ का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल कानून के बल पर इस लड़ाई को नहीं जीता जा सकता। इसके लिए सामाजिक जागरूकता और जन-भागीदारी अनिवार्य है।

दिग्गजों की मौजूदगी और सामूहिक शपथ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित हजारों युवाओं को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु डॉ. स्वामी रामेश्वरम हरि जी, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डॉ. हरीश रौतेला और भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल और शिक्षा ही वे दो माध्यम हैं जो नशे के अंधकार को मिटा सकते हैं।

युवा शक्ति ही बनेगी विकास का आधार

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि यदि उत्तराखंड की युवा ऊर्जा को सही दिशा मिल जाए, तो वह न केवल प्रदेश बल्कि पूरे भारतवर्ष के विकास में अग्रणी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर युवा अपने कम से कम पांच मित्रों को जागरूक करे, तभी ड्रग्स फ्री उत्तराखंड का सपना साकार होगा।

रैली एमबी इंटर कॉलेज से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी, जहाँ स्थानीय निवासियों ने पुष्पवर्षा कर धावकों का उत्साहवर्धन किया। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी सी खुद व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे थे।

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