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मथुरा नाव हादसा: वृंदावन में बड़ा हादसा, 10 श्रद्धालुओं की मौत—एक ही परिवार के 7 लोग शामिल, 5 अब भी लापता

मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी पर शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बांके बिहारी मंदिर के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं से भरा एक स्टीमर केसी घाट के पास पीपा वाले पुल से टकराकर पलट गया। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 7 लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। वहीं, करीब 5 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्टीमर में करीब 40 श्रद्धालु सवार थे, जो पंजाब के लुधियाना समेत अलग-अलग जगहों से वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु स्टीमर में भजन-कीर्तन कर रहे थे, तभी अचानक यमुना नदी में पानी का बहाव तेज हो गया। इसी दौरान स्टीमर संतुलन खो बैठा और पीपा वाले पुल से टकराकर पलट गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्टीमर करीब 30 फीट गहराई में जाकर दब गया।

इस भयावह हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल), एसडीआरएफ और आर्मी के जवान मौके पर पहुंचे और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। देर रात तक चले इस अभियान में करीब 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

हालांकि, कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद अभी भी 5 लोग लापता हैं। उन्हें खोजने के लिए एक दर्जन से अधिक स्टीमर और नावों की मदद ली जा रही है। रेस्क्यू टीमों ने नदी के भीतर गहराई तक जाकर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन तेज बहाव और कम दृश्यता के कारण ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हादसे में जान गंवाने वालों में एक ही परिवार के 7 लोग शामिल हैं, जो लुधियाना के जगराओं स्थित गीता कॉलोनी के रहने वाले थे। मृतकों में कविता बहल, चरणजीत, पिंकी (चरणजीत की पत्नी), मधुर बहल (विजय कुमार के पुत्र), इशांत कटारिया, सपना और हसन शामिल हैं। इसके अलावा राकेश गुलाटी (फेज-2 दुगरी, लुधियाना), आशा मिड्ढा (भिवानी) और मीनू बंसल (फेज-2 दुगरी, लुधियाना) की भी इस हादसे में मृत्यु हो गई।

हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

इस बीच, प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि लोग अपने परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें या किसी प्रकार की सहायता ले सकें। जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों में 0565-2403200, 9454417512, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज वर्मा का नंबर 9454417583 और एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत का नंबर 9454401103 शामिल हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में तेज बहाव और स्टीमर का नियंत्रण खोना मुख्य वजह मानी जा रही है, हालांकि यह भी जांच का विषय है कि स्टीमर में क्षमता से अधिक लोग तो सवार नहीं थे या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नदी में चलने वाले यात्री वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और उनका कड़ाई से पालन कराया जाए।

फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और प्रशासन की पूरी कोशिश है कि लापता लोगों को जल्द से जल्द खोज निकाला जाए। पूरा वृंदावन इस घटना से स्तब्ध है और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

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