टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सफर करना एक बार फिर जोखिम भरा साबित हुआ। शुक्रवार को ऋषिकेश-गंगोत्री नेशनल हाईवे (NH-34) पर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। उत्तरकाशी से हरिद्वार की ओर जा रही एक प्राइवेट बस कांडीखाल के पास डाबरी में अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। इस भयावह घटना के वक्त बस में 30 यात्री सवार थे, जिनकी जान एक पेड़ की वजह से बाल-बाल बच गई। यदि बस खाई की ओर लुढ़कते समय पेड़ पर न अटकती, तो यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।
दोपहर का वक्त और अचानक मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, हादसा शाम करीब 3:40 बजे के आसपास हुआ। निजी बस संख्या UK14 PA 9953 उत्तरकाशी से सवारियां लेकर हरिद्वार के लिए निकली थी। जैसे ही बस कांडीखाल चौकी क्षेत्र के अंतर्गत डाबरी के पास पहुंची, चालक अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। ढलान और तीखे मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के पलटते ही भीतर सवार यात्रियों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस जिस जगह पलटी वहां गहरी ढलान थी, लेकिन सौभाग्य से एक मजबूत पेड़ ने बस को नीचे गिरने से रोक लिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन: स्थानीय लोगों और पुलिस ने दिखाई तत्परता
हादसे की सूचना मिलते ही कांडीखाल चौकी प्रभारी राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम और स्थानीय ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। बस के शीशे तोड़कर और फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। गनीमत रही कि अधिकांश यात्रियों को मामूली खरोंचें ही आईं, लेकिन हादसे के सदमे से हर कोई स्तब्ध था। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में घायल हुए तीन लोग, अस्पताल में भर्ती
इस दुर्घटना में मुख्य रूप से तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें बस का स्टाफ और एक अन्य यात्री शामिल है। घायलों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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धन सिंह (48 वर्ष): पुत्र बचन सिंह, निवासी मालदेवता, देहरादून (बस चालक)।
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मनोज (35 वर्ष): पुत्र गोविंदराम, निवासी गैरसैंण, चमोली (बस परिचालक)।
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सोनिया (25 वर्ष): पुत्री पुरानचंद, निवासी शिव नगर, जम्मू कश्मीर।
चिकित्सकों के अनुसार, घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उनका उपचार किया जा रहा है। बाकी 27 सुरक्षित यात्रियों को प्रशासन ने वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर उनके गंतव्यों (ऋषिकेश और हरिद्वार) के लिए रवाना कर दिया है।
हादसे के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
कांडीखाल पुलिस अब इस हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने में जुट गई है। शुरुआती जांच में इसे तकनीकी खराबी या मोड़ पर तेज गति के कारण हुआ हादसा माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या बस में क्षमता से अधिक सवारियां तो नहीं थीं या चालक को रास्ते का सही अंदाजा नहीं मिल पाया। ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा मानकों और ड्राइविंग कौशल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चारधाम यात्रा से पहले बढ़ी चिंता
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, ऐसे में ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे जैसे संवेदनशील मार्गों पर बस हादसों का होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। मिशन कर्मयोगी के तहत जहाँ एक ओर कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर निजी परिवहन सेवाओं में सुरक्षा मानकों की अनदेखी यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।



