
नई दिल्ली: भारत में पिछले कुछ दिनों से जारी बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं का दौर अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में स्पष्ट संकेत दिए हैं कि देश अब ‘हीटवेव’ की दहलीज पर खड़ा है। अगले सात दिनों के भीतर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। जहाँ एक ओर पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का हल्का असर रहेगा, वहीं मैदानी इलाकों में सूरज के तेवर तीखे होने वाले हैं।
बेमौसम ठंड से मिलेगी राहत, चढ़ेगा पारे का ग्राफ
अप्रैल के महीने में भी उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोग सुबह-शाम हल्की ठंड का अनुभव कर रहे थे, लेकिन यह राहत अब खत्म होने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। हालांकि, इसके तुरंत बाद एक ‘थर्मल जंप’ देखने को मिलेगा, जिससे पारा सामान्य से ऊपर चला जाएगा।
भारत मौसम अपडेट अप्रैल 2026 के अनुसार, 15 अप्रैल तक देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान की वृद्धि कुछ इस प्रकार रह सकती है:
-
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाके: यहाँ सबसे ज्यादा 8 से 10 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
-
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र: पहाड़ों पर भी गर्मी का असर दिखेगा और पारा 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ सकता है।
-
मध्य भारत: यहाँ तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है।
दक्षिण में उमस और पूर्वोत्तर में ‘येलो अलर्ट’
एक तरफ जहाँ उत्तर भारत शुष्क गर्मी की ओर बढ़ रहा है, वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में उमस भरी गर्मी (Humid Heat) लोगों को परेशान करेगी। केरल, तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश में नमी के कारण ‘डिस्कंफर्ट इंडेक्स’ बढ़ने के आसार हैं।
वहीं, पूर्वोत्तर भारत के लिए मौसम विभाग ने चिंता जताई है। असम और मेघालय में ओलावृष्टि (Hailstorm) को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अरुणाचल प्रदेश में अगले 5 दिनों के दौरान भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की आशंका है। 9 और 10 अप्रैल को पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जो बढ़ती गर्मी के बीच अस्थायी राहत दे सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में असर कम
आईएमडी ने जानकारी दी है कि वर्तमान में दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय हैं। हालांकि, इनकी तीव्रता काफी कम है, जिसके कारण इनका प्रभाव केवल ऊंचे पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित रहेगा।
-
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल: यहाँ हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
-
मैदानी इलाके: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में इन विक्षोभों का कोई खास असर नहीं दिखेगा। यहाँ आसमान साफ रहेगा और धूप तेज होगी।
राज्यों का हाल: गुजरात से महाराष्ट्र तक गर्मी की आहट
-
गुजरात: 12 अप्रैल तक राज्य के अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री की वृद्धि होगी, जिसके बाद पारा स्थिर हो सकता है।
-
महाराष्ट्र: यहाँ 10 से 13 अप्रैल के बीच तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी देखी जाएगी। विदर्भ और मराठवाड़ा के इलाकों में गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा।
-
पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 10 से 13 अप्रैल के दौरान तापमान में 5-7 डिग्री सेल्सियस की बड़ी उछाल आने की संभावना है।
क्या लू (Heatwave) चलने वाली है?
मौसम प्रेमियों और आम जनता के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि अभी तक आईएमडी ने आधिकारिक रूप से ‘लू’ या हीटवेव की कोई चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि, तापमान में 10 डिग्री तक की वृद्धि लू जैसी स्थिति पैदा कर सकती है, लेकिन फिलहाल मौसम शुष्क रहने और हवाओं की दिशा बदलने से गर्मी का केवल शुरुआती चरण महसूस होगा।
समुद्र के किनारे बसे शहरों, जैसे मुंबई और कोलकाता में समुद्री हवाओं के कारण तापमान बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा, लेकिन उमस (Humidity) का स्तर बढ़ने से पसीने वाली गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में शुष्क हवाएं चलने से दिन के समय लू जैसे थपेड़ों का अहसास हो सकता है।
मौसम विभाग की इस रिपोर्ट से साफ है कि अगले एक सप्ताह के भीतर भारत के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। अचानक बढ़ते तापमान के कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और दोपहर के समय सीधे धूप से बचने की सलाह दी है। किसानों के लिए यह समय फसलों की कटाई और भंडारण के लिए अनुकूल है, क्योंकि मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना फिलहाल न के बराबर है।
तापमान में अनुमानित वृद्धि (15 अप्रैल तक)
| क्षेत्र | संभावित वृद्धि (°C) | वर्तमान स्थिति |
| उत्तर-पश्चिम मैदानी इलाके | 8-10 | सामान्य से नीचे |
| पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र | 6-8 | ठंडी हवाएं |
| मध्य भारत | 4-6 | सामान्य |
| पूर्वी भारत | 5-7 | हल्की बारिश के बाद गर्मी |
| गुजरात | 2-4 | शुष्क मौसम |



