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सितारगंज में ‘काल’ बनकर दौड़ा अज्ञात वाहन, 3 युवकों की दर्दनाक मौत; सगे भाइयों के जाने से परिवार में पसरा मातम

रुद्रपुर/सितारगंज: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। सितारगंज क्षेत्र के अमरिया रोड पर गुरुवार की देर शाम एक भीषण सितारगंज सड़क हादसा हुआ, जिसने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। एक बेलगाम रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क किनारे जा रही एक रेहड़ी को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उस पर सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल है। इस हादसे ने एक बार फिर जिले की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते वाहनों और यातायात सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमरिया रोड पर हुआ मौत का तांडव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक दुर्घटना सितारगंज के अमरिया रोड स्थित मलपुरी के पास घटित हुई। गौरीखेड़ा निवासी चार युवक एक रेहड़ी (ठेला) पर सवार होकर जा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेहड़ी के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार युवक सड़क पर काफी दूर तक जा गिरे।

हादसे के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

दो सगे भाइयों सहित तीन की गई जान

इस सितारगंज सड़क हादसा में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान शादाब, नाजिम और सुल्तान के रूप में हुई है। ये सभी सितारगंज के गौरीखेड़ा इलाके के निवासी थे। हृदयविदारक तथ्य यह है कि मृतकों में दो युवक सगे भाई बताए जा रहे हैं, जिसके कारण उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ही घर से दो अर्थियां उठने की खबर ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।

चौथा युवक, जो इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ है, उसे स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तत्काल सितारगंज उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे ‘हायर सेंटर’ रेफर कर दिया है। वर्तमान में वह युवक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।

अस्पताल में उमड़ी भीड़, परिजनों में कोहराम

हादसे की सूचना जैसे ही गौरीखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में फैली, भारी संख्या में ग्रामीण और मृतकों के परिजन उपजिला चिकित्सालय सितारगंज पहुँच गए। अस्पताल परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) भूपेंद्र सिंह धौनी ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।

पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धौनी ने बताया कि घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि उस अज्ञात वाहन की पहचान की जा सके जिसने युवकों को कुचला है। पुलिस ने आसपास के ढाबों और पेट्रोल पंपों पर भी पूछताछ शुरू कर दी है। एसएसपी उधम सिंह नगर के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम फरार वाहन और उसके चालक की तलाश में दबिश दे रही है।

उधम सिंह नगर में बढ़ता सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ

यह कोई पहली बार नहीं है जब जिले में तेज रफ्तार ने किसी का घर उजाड़ा हो। अभी कुछ दिन पहले ही रुद्रपुर के पंतनगर क्षेत्र में दरऊ चौक के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो व्यक्तियों को टक्कर मार दी थी, जिसमें दोनों की मौत हो गई थी। जिले में लगातार हो रहे इन हादसों ने स्थानीय प्रशासन की यातायात व्यवस्था और ओवरस्पीडिंग पर लगाम लगाने के दावों की पोल खोल दी है।

अमरिया रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति अक्सर राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और स्पीड ब्रेकर के साथ-साथ लाइटिंग की उचित व्यवस्था की जाए।

सुरक्षा के दावों पर सवाल

सितारगंज सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए एक कभी न खत्म होने वाला अंधेरा है जिन्होंने अपने कमाऊ सदस्यों को खो दिया है। शादाब, नाजिम और सुल्तान की मौत ने पूरे सितारगंज को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक उस ‘कातिल’ वाहन का पता लगा पाती है और क्या प्रशासन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा।

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