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चारधाम यात्रा 2026: ‘व्यापार नहीं, संवेदना सर्वोच्च’—सीएम धामी का सख्त एक्शन प्लान, फर्जी खबरों पर होगी सीधे FIR

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की जीवन रेखा मानी जाने वाली ‘चारधाम यात्रा-2026’ को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब तक का सबसे कड़ा और हाईटेक एक्शन प्लान तैयार किया है। गुरुवार को सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बार की यात्रा का आधार ‘व्यावसायिक दृष्टिकोण’ नहीं, बल्कि ‘मानवीय संवेदनशीलता’ होगा। दुनियाभर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को राज्य सरकार ने अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस बार की यात्रा को “ग्रीन एवं क्लीन यात्रा” के एक व्यापक जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है।

फर्जी खबरों और अफवाहों पर जीरो टॉलरेंस

डिजिटल युग में भ्रामक सूचनाओं के खतरों को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने इस बार बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई भी व्यक्ति या सोशल मीडिया हैंडल चारधाम यात्रा को लेकर किसी भी प्रकार की फर्जी खबर (Fake News) या अफवाह फैलाता है, तो उसके खिलाफ बिना देरी किए तत्काल FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री का मानना है कि भ्रामक सूचनाएं न केवल श्रद्धालुओं में भय पैदा करती हैं, बल्कि राज्य की छवि को भी नुकसान पहुँचाती हैं।

हेली सेवाओं के लिए ‘फिटनेस फर्स्ट’ और SOP का कड़ाई से पालन

उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में हेली सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिक उड्डयन विभाग को निर्देश दिए कि हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर सुरक्षा से समझौता न हो। सभी हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य की गई है। इसके साथ ही, ‘ऑपरेशनल ओवरलोडिंग’ को रोकने के लिए हेली सेवाओं के बीच पर्याप्त समय अंतराल (विश्राम) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित SOP का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भारी दंड का प्रावधान किया गया है।

AI और डिजिटल मॉनिटरिंग से होगी हाईटेक निगरानी

इस वर्ष चारधाम यात्रा को पूरी तरह से तकनीक से लैस किया जा रहा है। चारधाम यात्रा 2026 एक्शन प्लान के तहत पूरे यात्रा मार्ग पर CCTV कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जा रही है।

  • स्लॉट मैनेजमेंट: श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी कतारों में न लगना पड़े, इसके लिए डिजिटल स्लॉट सिस्टम लागू किया जाएगा।

  • 24×7 कंट्रोल रूम: किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रिस्पांस के लिए कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे।

  • हेल्पलाइन: श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बहुभाषी हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे।

प्लास्टिक मुक्त ‘ग्रीन एवं क्लीन यात्रा’

मुख्यमंत्री धामी ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ मुहिम को और विस्तार देने को कहा। यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के साथ ही जगह-जगह आधुनिक ‘कलेक्शन बॉक्स’ लगाए जाएंगे। स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को इस मुहिम से जोड़कर स्वच्छता को एक सांस्कृतिक अभियान का रूप दिया जाएगा।

ओवररेटिंग पर लगाम: हर दुकान पर रेट लिस्ट अनिवार्य

श्रद्धालुओं के शोषण को रोकने के लिए प्रशासन अब सीधा हस्तक्षेप करेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग की सभी दुकानों, होटलों और ढाबों पर रेट लिस्ट का प्रदर्शन अनिवार्य होगा। यदि कोई ओवररेटिंग (तय कीमत से अधिक वसूली) करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पेट्रोल-डीजल और गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन: अलर्ट मोड पर एजेंसियां

श्रद्धालुओं की शारीरिक सुरक्षा के लिए SDRF और NDRF की टीमों को संवेदनशील स्थानों पर ‘प्री-पोजिशन’ मोड में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मुख्य यात्रा मार्ग पर पर्याप्त मेडिकल यूनिट्स और अस्थायी अस्पतालों की स्थापना की जाए। केवल मनुष्यों ही नहीं, बल्कि यात्रा में उपयोग होने वाले पशुओं के लिए भी पशु चिकित्सालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

सुगम यातायात: जाम से मुक्ति के लिए वैकल्पिक मार्ग

ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग ने एक प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्य मार्गों पर यातायात प्रबंधन इस तरह हो कि स्थानीय नागरिकों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित न हो। इसके लिए चिन्हित किए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। सड़कों के गड्ढे भरने और पैच वर्क को यात्रा शुरू होने से पहले ही पूर्ण करने के आदेश दिए गए हैं।

प्रशासनिक उपस्थिति और समन्वय

बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, वर्चुअल माध्यम से सतपाल महाराज, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित प्रदेश के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जिलाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी को सामूहिक जिम्मेदारी के साथ काम करने और पिछले वर्षों की त्रुटियों से सीख लेकर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह चारधाम यात्रा 2026 एक्शन प्लान स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड सरकार इस वर्ष की यात्रा को अब तक की सबसे व्यवस्थित और सुरक्षित यात्रा बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक, मानवीय संवेदना और सख्त अनुशासन का यह संगम निश्चित रूप से देवभूमि आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को सुखद और अविस्मरणीय बनाएगा।


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