
अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और मिडिल-ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब राहत भरी खबर सामने आई है। गुरुवार, 9 अप्रैल को सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। खासकर घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के चेहरे पर खुशी लौट आई है।
आज MCX पर जून डिलीवरी वाले सोने की कीमत में ₹524 की गिरावट आई है, जिसके बाद यह ₹1,51,252 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सिल्वर का भाव ₹3,017 गिरकर ₹2,36,902 प्रति किलो तक पहुंच गया है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ समय से सोना-चांदी लगातार ऊंचाई पर बने हुए थे।
अगर देश के अलग-अलग शहरों की बात करें तो स्थानीय टैक्स, डिमांड और सप्लाई के कारण कीमतों में थोड़ा-बहुत अंतर देखने को मिलता है। दिल्ली में सोने का भाव करीब ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है, जबकि चांदी ₹2.40 लाख प्रति किलो के स्तर के करीब है। मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों में भी कीमतें लगभग इसी दायरे में बनी हुई हैं, हालांकि कुछ स्थानों पर मामूली फर्क देखा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर है। मिडिल-ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव और सीजफायर को लेकर चल रही बातचीत का सीधा प्रभाव कमोडिटी मार्केट पर पड़ रहा है। जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, लेकिन जैसे ही स्थिति थोड़ी स्थिर होती है, सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो आज स्पॉट गोल्ड लगभग $4,713.79 प्रति औंस पर स्थिर बना हुआ है। वहीं, यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में 0.8% की गिरावट देखी गई है, जो $4,736.50 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। चांदी की कीमत में भी 0.5% की कमजोरी आई है और यह $73.71 प्रति औंस के स्तर पर बनी हुई है।
गौर करने वाली बात यह है कि 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद से अब तक सोने की कीमतों में करीब 10% तक की गिरावट आ चुकी है। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए अवसर बनकर सामने आई है, जो लंबे समय से कीमतों के नीचे आने का इंतजार कर रहे थे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक संकेतों के आधार पर ही तय होंगी। यदि मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होता है और सीजफायर सफल रहता है, तो कीमतों में और गिरावट संभव है। वहीं, अगर हालात बिगड़ते हैं तो फिर से तेजी लौट सकती है।
जो लोग सोने के गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं या चांदी में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह जरूर लेना चाहिए।
कुल मिलाकर, मौजूदा हालात में सोना-चांदी की कीमतों में आई गिरावट आम उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है, जबकि निवेशकों के लिए यह एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है।



